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  • अंकित बालियान हत्याकांड के दो शूटर एनकाउंटर में ढेर, शामली में पुलिस से मुठभेड़

    अंकित बालियान हत्याकांड के दो शूटर एनकाउंटर में ढेर, शामली में पुलिस से मुठभेड़


    लखनऊ। हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शामली में पुलिस और एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे दो कथित शूटर मोहित और सुमित मारे गए। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और पुलिस के मुताबिक वे गोगी गैंग से जुड़े हुए थे।

    पुलिस के मुताबिक, अंकित बालियान की हत्या को अंजाम देने के लिए कुल चार शूटर शामली पहुंचे थे। इनमें से दो का एनकाउंटर हो चुका है। जांच में दो अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है, जो रेकी और दूसरी मदद में शामिल बताए जा रहे हैं। इस तरह अब तक हत्याकांड से जुड़े छह लोगों की भूमिका सामने आई है।

    CCTV से मिली शूटरों की पहचान

    वारदात के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके आधार पर चारों कथित शूटरों की पहचान की गई। पुलिस के मुताबिक, गोली चलाने वाले आरोपी हरियाणा के हिसार और रोहतक के रहने वाले हैं।

    जांच में सामने आया कि इनमें से एक आरोपी पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका था, जबकि अन्य तीन के खिलाफ छोटे-मोटे आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली थी।

    आरोपियों की पहचान सामने आने के बाद हरियाणा पुलिस ने उनके घरों और रिश्तेदारों के ठिकानों पर दबिश दी। परिवार और करीबियों से पूछताछ शुरू होने के बाद आरोपियों ने मोबाइल फोन बंद कर दिए और फरार हो गए। इसके बाद यूपी एसटीएफ ने उनकी तलाश तेज कर दी।

    पुलिस ने अंकित बालियान की कॉल डिटेल और व्हाट्सऐप मैसेजिंग हिस्ट्री भी खंगाली। इसके जरिए हत्याकांड में मददगारों और साजिश में शामिल लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही थी।

    सात जिलों की पुलिस की 8 टीमें जांच में जुटीं

    हत्याकांड के खुलासे के लिए मेरठ जोन के सात जिलों की पुलिस की आठ टीमें लगाई गई थीं। हरियाणा और दिल्ली में लगातार दबिश दी जा रही थी। इससे पहले मेरठ जोन के ADG भानु भास्कर ने शामली पहुंचकर अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे बैठक की थी। उन्होंने कहा था कि पुलिस आरोपियों और वारदात में इस्तेमाल हथियारों के बेहद करीब पहुंच चुकी है।

    होटल में रुककर की थी रेकी

    पुलिस के मुताबिक, 20 अगस्त को अंकित बालियान की रेकी की गई थी। दो शूटर शामली पहुंचे और अंकित की गतिविधियों पर नजर रखी। दोनों सूर्या होटल में रुके थे और होटल में आधार कार्ड समेत जरूरी दस्तावेज जमा किए थे।

    पुलिस ने होटल की सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जिससे जांच में अहम सुराग मिला। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद दो शूटर बाइक से करनाल की तरफ भागे, जबकि मोहित और सुमित बागपत की ओर फरार हुए।

    कैराना रोड पर मुठभेड़, दोनों की मौत

    पुलिस के मुताबिक, मोहित और सुमित को ट्रैक करने के बाद कैराना रोड स्थित इंडियन गैस गोदाम के पास घेराबंदी की गई। दोनों की पुलिस से मुठभेड़ हुई। जवाबी फायरिंग में दोनों को गोली लगी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    मुठभेड़ में SWAT टीम के हेड कांस्टेबल हरविंदर और प्रदीप भी घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके से दो पिस्टल, जिंदा और खोखा कारतूस, स्प्लेंडर बाइक, बैग, मोबाइल फोन और 5 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस अब हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे अन्य आरोपियों और कथित मददगारों की तलाश में जुटी है।

  • UP: वाराणसी को मिलेगी बड़ी सौगात…200 करोड़ से बनेगा प्रदेश का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल

    UP: वाराणसी को मिलेगी बड़ी सौगात…200 करोड़ से बनेगा प्रदेश का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल


    वाराणसी।
    वाराणसी (Varanasi) में प्रदेश का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल (International Cruise Terminal) बनाया जाएगा। आईडब्ल्यूएआई की ओर से निर्माण कराया जाएगा। नगर निगम सामनेघाट में 2 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगा। इस क्रूज टर्मिनल (Cruise Terminal) पर दुनिया भर से बड़े जहाजों और मालवाहकों का ठहराव होगा। पर्यटन के साथ जल परिवहन के जरिये हल्दिया तक की यात्रा होगी। रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। निर्माण में 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

    आईडब्ल्यूएआई के निदेशक संजीव कुमार ने बताया कि जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सामनेघाट में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल में एक समय में 10,000 यात्रियों की क्षमता होगी। इमिग्रेशन काउंटर, कस्टम्स काउंटर, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, बैगेज स्कैनर, सुरक्षा जांच काउंटर, सीसीटीवी निगरानी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम होगा।

    यात्रियों के लिए पैसेंजर लाउंज, बैगेज ट्रॉली, इलेक्ट्रिक बग्गी, शौचालय, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट होंगे। इसके अलावा कैफेटेरिया और ड्यूटी-फ्री शॉपिंग के लिए व्यावसायिक जगह भी होगी। वाहन पार्किंग और प्रीपेड टैक्सी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। टर्मिनल को दिव्यांग-अनुकूल बनाया जाएगा। अभी मुख्यालय में डीपीआर तैयार की जा रही है।


    कोच्चि से 3.6 गुना बड़ा होगा क्रूज टर्मिनल

    कोच्चि के सागरिका में 2,253 वर्गमीटर क्रूज टर्मिनल बनाया गया है। कोच्चि टर्मिनल में 48 इमिग्रेशन काउंटर, 10-12 कस्टम काउंटर, बैगेज स्कैनर, लाउंज, ड्यूटी-फ्री शॉप और पार्किंग जैसी सुविधाएं हैं। इसके मुकाबले वाराणसी में सामनेघाट पर दो एकड़ यानी 8,094 वर्गमीटर में टर्मिनल का निर्माण होगा। ऐसे में वाराणसी का प्रस्तावित टर्मिनल क्षेत्रफल के लिहाज से कोच्चि से करीब 3.6 गुना बड़ा होगा।


    रोजगार और व्यापार के बढ़ेंगे अवसर

    टर्मिनल के निर्माण के बाद वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की योजनाओं के एक बेड़े में एक और उपलब्धि जुड़ जाएगी। टर्मिनल बन जाने से देश विदेश से व्यापार बढ़ जाएगा। अभी तक जो व्यापार पानी के रास्ते नहीं हो पा रहा था वो आने वाले समय में संभव होगा। इसके साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

  • UP : मुरादाबाद में मोमबत्ती गोदाम में लगी भीषण आग… 6 जिलों की दमकल मौके पर, खाली कराए आसपास के घर

    UP : मुरादाबाद में मोमबत्ती गोदाम में लगी भीषण आग… 6 जिलों की दमकल मौके पर, खाली कराए आसपास के घर


    मुरादाबाद।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुरादाबाद (Moradabad) के सागर सराय (Sagar Sarai) की कुटिया वाली गली में शिव मंदिर के पास शनिवार तड़के मोमबत्ती के गोदाम में भीषण आग (Massive fire Candle Warehouse) लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और गोदाम से ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। आग की तपिश और धुआं आसपास के घरों तक पहुंचने लगा तो इलाके में अफरातफरी मच गई। लोगों में दहशत फैल गई और कई परिवार घरों से बाहर निकल आए।

    आग राजन अग्रवाल की मोमबत्ती की फैक्ट्रीऔर गोदाम में लगी । आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा गोदाम इसकी चपेट में आ गया। आसपास के मकानों में आग पहुंचने की आशंका को देखते हुए पुलिस और दमकल विभाग ने तत्काल बचाव कार्य शुरू कर दिया।

    आग की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के मकानों को खाली करा दिया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया। घरों में रखे गैस सिलेंडरों को भी एहतियात के तौर पर बाहर निकलवाया गया, ताकि आग की लपटें वहां तक पहुंचने की स्थिति में कोई बड़ा हादसा न हो। कई लोग घरों से बाहर सड़क पर बैठे नजर आए। करीब तीन घंटे तक लोग आग बुझने का इंतजार करते रहे।

    आग पर काबू पाने के लिए मुरादाबाद के अलावा आसपास के जिलों से भी दमकल की गाड़ियां मंगाई गईं। रामपुर, संभल, अमरोहा, बिजनौर और बरेली से दमकल वाहन बुलाए गए। मुरादाबाद समेत अलग-अलग स्थानों से करीब 10 से 12 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुटीं। दमकल कर्मियों ने चारों ओर से पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया।


    इलाके में पुलिस बल तैनात किया

    आग की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। एसएसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस और दमकल कर्मियों से जानकारी ली। आसपास के इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया, ताकि भीड़ को आग के नजदीक जाने से रोका जा सके और राहत एवं बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।

    मोमबत्ती के गोदाम में लगी आग के कारण आसपास के लोग काफी देर तक दहशत में रहे। गोदाम में रखे ज्वलनशील सामान के कारण आग तेजी से फैलती रही। आग की लपटें और धुआं दूर तक दिखाई दे रहा था। आसपास के मकानों में रहने वाले लोग अपने परिवार और जरूरी सामान के साथ घरों से बाहर निकल आए। पुलिस ने लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की हिदायत दी।

    करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर लगभग काबू पा लिया। इसके बाद भी गोदाम के अंदर अलग-अलग स्थानों पर आग और धुआं उठने की आशंका के चलते दमकल कर्मी लगातार पानी डालते रहे। आग लगने की वजह और नुकसान का आकलन आग पूरी तरह बुझने के बाद किया जाएगा।

  • UP: कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे उद्घाटन के 13वें दिन ही धंसा, जर्मनी की वर्ल्ड क्लास सड़कों से हो रही थी तुलना

    UP: कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे उद्घाटन के 13वें दिन ही धंसा, जर्मनी की वर्ल्ड क्लास सड़कों से हो रही थी तुलना


    उन्नाव।
    जिस कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे (Kanpur-Lucknow Elevated Expressway) का 13 जुलाई को बड़े जोर-शोर से उद्घाटन हुआ था और जिसकी क्वालिटी की तुलना जर्मनी की वर्ल्ड क्लास सड़कों (Germany’s World-class Roads) से की जा रही थी, वह उद्घाटन के महज 13 दिनों के भीतर ही बड़े विवादों में घिर गया है. लगातार हो रही बारिश के बीच उन्नाव जिले के कोरारी के पास 6-लेन सड़क का एक बड़ा हिस्सा कई मीटर तक धंस गया।

    घटना के तुरंत बाद समाजवादी पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने धंसे हुए एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. देखते ही देखते इस वीडियो को लेकर मुख्य विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने BJP सरकार और एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए हमला बोल दिया।


    4200 करोड़ की लागत

    करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से बने 63 किमी लंबे इस 6-लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का निर्माण PNC कंस्ट्रक्शन कंपनी ने किया था, जिसे निर्माण कार्य पूरा होने के बाद NHAI को सौंपा गया था।

    घटना के बाद स्थानीय जनता और सोशल मीडिया पर यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि लाखों रुपये का वेतन लेने वाले NHAI के विशेषज्ञ इंजीनियरों की निगरानी के बावजूद इतनी कम अवधि में सड़क का हिस्सा कैसे धंस गया? क्या निर्माण के दौरान सामग्री की क्वालिटी से समझौता किया गया था?


    सपा-कांग्रेस का सरकार पर तीखा प्रहार

    समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर धंसी हुई सड़क की तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया. विपक्ष का कहना है कि 13 दिन पहले जिस सौगात का ढिंढोरा पीटा गया था, वह पहली ही बारिश में जनता के पैसों की बर्बादी का सबूत बन गई।


    मचा बवाल तो जागी NHAI

    मामले के तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद कंस्ट्रक्शन कंपनी PNC तुरंत मौके पर मरम्मत कार्य में जुट गई. वहीं, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर सफाई जारी कर दी। अथॉरिटी ने लिखा, ”NHAI आपको अवगत कराना चाहता है कि कानपुर से लखनऊ की ओर किमी 64 के पास ‘स्लिपेज’ यानी सड़क का हिस्सा धंसका हुआ है, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक मरम्मत की कार्रवाई जारी है।

  • UP: हरदोई में हाई-प्रोफाइल चोरी… खाने में नींद की दवा मिलाकर घर में रखे 1.29 करोड़ कैश उड़ा ले गए नौकर, 16 पकड़ाए

    UP: हरदोई में हाई-प्रोफाइल चोरी… खाने में नींद की दवा मिलाकर घर में रखे 1.29 करोड़ कैश उड़ा ले गए नौकर, 16 पकड़ाए


    हरदोई।
    17 जुलाई की रात… घर के लोग गहरी नींद (Deep sleep) में सो रहे थे. अलमारी की चाबी तकिए के नीचे रखी थी. घर के अंदर आने-जाने वाले लोगों को सब पता था. कुछ घंटों बाद अलमारी खाली थी और नोटों से भरे 8 बैग गायब. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हरदोई (Hardoi) में हुई करोड़ों की इस चोरी ने पुलिस के भी होश उड़ा दिए थे. लेकिन अब पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल चोरी (High-profile theft) की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है।

    हरदोई पुलिस ने दो बाल अपचारियों समेत 16 लोगों को पकड़ लिया है और उनके कब्जे से करीब 1 करोड़ 29 लाख रुपये की नकदी बरामद की है. पुलिस का कहना है कि अभी कुछ आरोपी फरार हैं. यह वारदात शहर कोतवाली के रेलवेगंज इलाके में रहने वाले थोक परचून कारोबारी पंकज अग्रवाल के घर हुई थी. शुरुआत में शक घर में काम करने वाले तीन नौकरों पर गया और पुलिस की जांच भी वहीं से शुरू हुई।

    जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि घर में काम करने वाले दो नाबालिग नौकर और एक कर्मचारी शोभित ही पूरी साजिश की पहली कड़ी थे. उन्हें मालूम था कि घर में कितनी नकदी रहती है, अलमारी की चाबी कहां रखी जाती है और परिवार की दिनचर्या क्या है. यही जानकारी उन्होंने बाहर बैठे अपने साथियों तक पहुंचाई।

    पुलिस के मुताबिक, प्लानिंग के तहत परिवार के खाने में कथित तौर पर नींद की गोलियां मिला दी गईं. जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो गया तो आरोपी छत के रास्ते घर में दाखिल हुए. पंकज अग्रवाल के कमरे में जाकर तकिए के नीचे रखी अलमारी की चाबी निकाली गई, अलमारी खोली गई और नोटों से भरे आठ बैग बाहर खड़े वाहन में लाद दिए गए. कुछ ही मिनटों में करोड़ों रुपये लेकर पूरा गिरोह फरार हो गया।


    चोरी के बाद कैसे खुलती गईं परतें?

    पुलिस ने एसओजी, स्वाट और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर जांच शुरू की. सर्विलांस और पूछताछ के दौरान एक-एक कर आरोपियों की कड़ियां जुड़ती चली गईं. जांच में सामने आया कि चोरी की रकम इतनी ज्यादा थी कि उसे छिपाने के लिए कई और लोगों को भी शामिल किया गया।

    पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि दो बाल अपचारियों को हिरासत में लिया. इनके पास से 1 करोड़ 28 लाख 99 हजार 310 रुपये बरामद किए गए. पुलिस का कहना है कि गिरोह के कुछ सदस्य अभी भी फरार हैं. उनकी तलाश जारी है और उम्मीद है कि पूछताछ के बाद बाकी नकदी भी बरामद हो सकती है।

    इस पूरे मामले में एक और पहलू चर्चा में है. जिस घर से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिली, उसने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि डिजिटल लेनदेन के दौर में आखिर इतना कैश घर में क्यों रखा गया था? इतनी बड़ी नकदी सामने आने के बाद अब आयकर विभाग और जीएसटी विभाग की नजर भी इस मामले पर टिक सकती है।

    व्यापारी ने केस दर्ज कराते समय चोरी की रकम नहीं दर्ज कराई थी. बाद में पुलिस की जांच में पूरी कहानी सामने गई गई. पुलिस का कहना है कि घर में काम करने वाले दो नाबालिग और शोभित को यह जानकारी थी कि घर में कितना पैसा रहता है. चाबी कहां रखी जाती है, जबकि टडियांवा थाने के बेलाहा गांव का रहने वाला अजय शुक्ला, शिवम और बदन जो शहर कोतवाली का रहने वाले है और उसी इलाके में मजदूरी करते हैं. इन लोगों ने घर में चोरी की प्लानिंग की और घरेलू नौकरों से दोस्ती कर पूरी रेकी कराई।

    घरेलू नौकरों ने खाने में कथित तौर पर नींद की गोलियां मिलाईं. जब पूरा परिवार सो गया तो अजय शुक्ला और बदन तीनों नौकरों के साथ मकान में दाखिल हुआ. शिवम् बाहर खड़ा रहा. इसके बाद नोटों से भरे बैग वाहन में लादे और फरार हो गए. रकम छिपाने और ठिकाने लगाने के लिए गैंग ने कई अन्य लोगों को भी शामिल कर लिया. इनमें लखनऊ के मड़ियावा का दीपक साहू, सनी गुप्ता, अमान, हरदोई जिले के परम किशोर, केशव, शिवम, सनी बाल्मीकि, नीरज, प्रिंस और महफूज को कैश दे दिया था।

    एएसपी पूर्वी हरदोई सुबोध गौतम ने कहा कि 16-17 जुलाई की रात को रेलवेगंज के व्यवसायी पंकज अग्रवाल के घर में चोरी हुई थी. उन्होंने नामजद तहरीर दी कि उनके तीन नौकरों ने अलमारी में रखे पैसों के बैग चोरी कर लिए हैं. इस मामले की तफ्तीश करते हुए पुलिस ने लगभग 1 करोड़ 29 लाख रुपये बरामद किए हैं. 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. दो बाल अपचारी हिरासत में हैं. कुछ आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

  • UP: टीचर ने पेंट में पेशाब करने पर बच्चे को दी खौफनाक सजा…. चाकू से दागा प्राइवेट पार्ट

    UP: टीचर ने पेंट में पेशाब करने पर बच्चे को दी खौफनाक सजा…. चाकू से दागा प्राइवेट पार्ट


    वाराणसी।
    यूपी (UP) के वाराणसी (Varanasi) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक बच्चे के पैंट में पेशाब (Peeing in Pants) करने पर टीचर (Teacher) ने खौफनाक सजा दे डाली। टीचर ने मासूम के प्राइवेट पार्ट को गर्म चाकू से दाग दिया। उधर, बच्चे के परिजन ने अब इस घटना की शिकायत थाने में की है। वहीं, ये घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। उधर, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

    ये मामला अकथा के जेडी नगर कॉलोनी का है। यहां रहने वाले अधिवक्ता केशरी जायसवाल ने शनिवार को शिक्षिका, प्रधानाचार्य और प्रबंधक के खिलाफ लालपुर पांडेयपुर थाने में तहरीर दी। आरोप है कि उनके पांच साल के बेटे ने पैंट में पेशाब कर दिया। इससे गुस्साई शिक्षिका ने चाकू गरम कर प्राइवेट पार्ट दाग दिया। तहरीर में बताया है कि बेटा नर्सरी का छात्र हैं। वह अकथा स्थित एक स्कूल में पढ़ता है। शनिवार को स्कूल में उसने अपनी शिक्षिका से बाथरूम जाने के लिए कहा। टीचर ने मना किया तो बच्चे ने पैंट में ही पेशाब कर दिया। जिससे टीचर नाराज हो गई।

    आरोप है कि बच्चे को दूसरे कमरे में ले जाकर गैस जलाकर चाकू लाल करके उसके प्राइवेट पार्ट को दाग दिया। मारपीट कर धमकी दी कि दोबारा पैंट में पेशाब की तो इससे भी बुरा हाल करेगी। घर आने के बच्चे ने सारी बात बताई। शिकायत करने पर प्रधानाचार्य हेमलता सिंह और प्रबंधक ने भी धमकी दी। पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराते हुए केस दर्ज कर लिया है। घटना को लेकर दर्जनों अधिवक्ता थाने पर जुट गए थे।

    छात्र के बाल न कटवाने पर केवीएस ने नाम काटा
    उधर, कानपुर में बाल न कटवाने पर एक छात्र का नाम स्कूल से ही काट दिया गया। जब परिजन की शिकायत लेकर स्कूल पहुंचे तो प्रिंसिपल ने टीसी काटकर थमा दिया। जिसके बाद परिजन बच्चे को लेकर डीएम ऑफिस पहुंचे और जिलाधिकारी से इस बात की शिकायत की। वहीं, ये मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

    पहले पढ़ाई के दौरान लंबे बालों को लेकर स्कूल की टीचर और प्रबंधन काफी नाराज हुआ करते थे। बदलते दौर में ऐसी शिकायतें होना बंद हो गई लेकिन फिर भी कुछ स्कूल ऐसे हैं जो आज भी बच्चों को अनुशासन में रखना पसंद करते हैं। ऐसे ही एक मामले में स्कूल ने छात्र को लंबे बाल काटने को कहा। छात्र ने चेतावनी के बाद भी ऐसा नहीं किया तो स्कूल ने छात्र का नाम ही काट दिया। अब छात्र के परिजन कानपुर प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। शुक्रवार को डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह का जनता दर्शन चल रहा था। उसी दौरान मीरपुर कैंट की रहने वाली एक महिला अपने बेटे के साथ पहुंची।

  • UP: ईडी की जांच में सामने आया घुसपैठ नेटवर्क, विदेशी फंडिंग और बिना KYC खातों को लेकर बड़े खुलासे

    UP: ईडी की जांच में सामने आया घुसपैठ नेटवर्क, विदेशी फंडिंग और बिना KYC खातों को लेकर बड़े खुलासे


    लखनऊ। बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की अवैध घुसपैठ तथा फर्जी दस्तावेज तैयार कराने से जुड़े नेटवर्क की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को कई अहम सुराग मिलने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, एटीएस की कार्रवाई के बाद भी पश्चिम बंगाल में यह नेटवर्क सक्रिय बना रहा और विदेश से मिलने वाली फंडिंग के जरिए अपनी गतिविधियां संचालित करता रहा।

    ईडी की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि कुछ गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को विदेश से प्राप्त धनराशि को जांच एजेंसियों की नजर से बचाने के लिए दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया।

    कई राज्यों में ईडी की छापेमारी
    प्रवर्तन निदेशालय ने पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में 17 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दायरे में कई एनजीओ भी शामिल रहे। ईडी के अनुसार, तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। एजेंसी का दावा है कि जांच में संकेत मिले हैं कि कुछ संस्थाएं अब भी विदेश से फंडिंग प्राप्त कर रही हैं।

    FCRA खातों और बैंकों की होगी जांच
    ईडी के मुताबिक, अब इस मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। एजेंसी उन बैंकों से भी जवाब मांगेगी, जहां संबंधित एनजीओ के एफसीआरए (Foreign Contribution Regulation Act) खाते खोले गए थे और जिनके माध्यम से विदेश से धनराशि प्राप्त की जाती थी।

    इसके अलावा, जांच एजेंसी उन छोटे बैंकों की भूमिका की भी पड़ताल करेगी, जिन पर बिना आवश्यक केवाईसी (KYC) प्रक्रिया पूरी किए खाते खोलने का संदेह है। यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

    यूपी में नेटवर्क की गहरी पैठ का दावा
    जांच एजेंसियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों के नेटवर्क की जड़ें गहरी रही हैं। खास तौर पर सहारनपुर का देवबंद इस मामले में जांच एजेंसियों के रडार पर रहा है। बीते पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश एटीएस ने ऐसे तीन मॉड्यूल के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें से एक मामले में हाल ही में राजधानी की एक अदालत ने 15 आरोपियों को सजा सुनाई है। राज्य सरकार ने भी अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया के तहत डिटेंशन सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई थी।

  • UP: अयोध्या में बड़ा हादसा…. एक ही परिवार की 5 महिलाएं सरयू में डूबीं

    UP: अयोध्या में बड़ा हादसा…. एक ही परिवार की 5 महिलाएं सरयू में डूबीं


    अयोध्या।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अयोध्या जिले (Ayodhya district) में मंगलवार को सरयू नदी (Saryu River) में स्नान के दौरान बड़ा हादसा हो गया। रौनाही थाना क्षेत्र के सनाहा गांव के पास एक ही परिवार की दो महिलाओं और तीन किशोरियों समेत पांच लोग नदी में डूब गए। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से तीन लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। देर शाम तक दो किशोरियों की तलाश जारी रही।

    जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब दो बजे एक ही परिवार की दो महिलाएं और तीन किशोरियां सरयू नदी के किनारे घूमने गई थीं। गांव से करीब एक किलोमीटर दूर पहुंचने के बाद मीरापुर रुदौली निवासी मेराज की 35 साल पत्नी शाहीन नदी में नहाने उतरीं। इसी दौरान वह गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। उन्हें बचाने के लिए 16 साल नाजिया, 15 साल रशीदा, 18 वर्षीय मरियम और 40 वर्षीय सजरूल निशा भी नदी में उतर गईं, लेकिन तेज बहाव की चपेट में आने से सभी डूब गईं।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, गोताखोर और प्रशासन मौके पर पहुंच गया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद सजरूल निशा, शाहीन और मरियम को नदी से बाहर निकाला गया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। सीओ सदर अरविंद सोनकर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि देर शाम तक नाजिया और रशीदा की तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी रहा।

  • UP: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस का एक्शन, आरोपियों के घरों पर मारे छापे

    UP: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस का एक्शन, आरोपियों के घरों पर मारे छापे


    लखनऊ।
    अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले (Ram Mandir offering theft case) में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. इस केस की जांच कर रही टीमों ने रविवार को अयोध्या में रहने वाले सभी आरोपियों के घरों पर छापेमारी की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अपनी जांच में तेजी ला रही है, ताकि इस पूरे मामले से जुड़े तथ्यों का पूरी तरह खुलासा हो सके. पुलिस इस मामले के हर एक पहलू को गहराई से देख रही है, जिससे सच्चाई सामने आ सके।

    जांच टीम ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अयोध्या में रहने वाले आरोपियों के घरों पर कार्रवाई की है. पुलिस की अलग-अलग टीमें अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मुख्य आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, मनीष यादव, करुणेश पांडे और रमा शंकर मिश्रा के घर पहुंचीं. इन सभी ठिकानों पर पुलिस पूरी बारीकी से तलाशी ले रही है, ताकि केस से जुड़े अहम सबूत जुटाए जा सकें. जांच टीमें एक-एक घर के कोने खंगाल रही हैं ताकि कोई भी सबूत छूटने न पाए।


    दो नाम छोड़कर बाकी सभी के परिवारों से पूछताछ

    कार्रवाई के दौरान लोकल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस इन आरोपियों के परिवार के सदस्यों से कड़ी पूछताछ कर रही है. हालांकि, जांच टीम सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और प्रतापगढ़ के रहने वाले अविनाश शुक्ला को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों के परिजनों से सवाल-जवाब करने में जुटी है. साथ ही पुलिस आस-पड़ोस में रहने वाले लोगों से भी इन आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है. पुलिस यह जानना चाहती है कि इन लोगों की गतिविधियां पिछले कुछ समय में कैसी रही हैं।

    इस मामले की गहराई से जांच कर रही टीमें सिर्फ चोरी की कड़ियों को ही नहीं जोड़ रहीं, बल्कि आरोपियों की कमाई के जरियों का भी पता लगा रही हैं. अपराध के जरिए जो पैसा या संपत्ति जुटाई गई है, उसके सोर्स को ट्रेस किया जा रहा है. आरोपियों के पास मौजूद संपत्तियां कहां से आईं और उनके पास फंड कहां से आ रहा था, इसकी पूरी हिस्ट्री निकाली जा रही है. पुलिस बैंकों के खातों और लेन-देन की भी जांच कर रही है, ताकि यह साफ हो सके कि पैसे को कहां-कहां भेजा गया या किस काम में इस्तेमाल किया गया।

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए ये सभी आरोपी राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे और कैश को गिनने के काम से जुड़े हुए थे. जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि इन्होंने वहीं से पैसों का हेरफेर किया. जांच टीमों ने अब तक इस मामले में करीब 79 लाख 85 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं. इस मामले में पुलिस ने चोरी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज किया है।

    यह बड़ी कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई तीन सदस्यों की SIT की शुरुआती रिपोर्ट के बाद शुरू हुई है. कोर्ट ने दो दिन पहले ही सभी आठ आरोपियों को 29 जून तक के लिए जेल भेजा था. पुलिस सोमवार को इन सभी आरोपियों को दोबारा कोर्ट में पेश करेगी. मामले की कड़ियों को जोड़ने और आगे की पूछताछ के लिए पुलिस अदालत से इन सभी की कस्टडी रिमांड मांगेगी, ताकि बाकी की रकम और संपत्ति का भी पता लगाया जा सके।

  • UP: फिरोजाबाद में स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव… RSS चीफ मोहन भागवत भी ट्रेन में थे

    UP: फिरोजाबाद में स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव… RSS चीफ मोहन भागवत भी ट्रेन में थे


    नई दिल्ली।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फिरोजाबाद जिले (Firozabad district) में गुरुवार की देर शाम लखनऊ-नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस (Lucknow-New Delhi Swarna Shatabdi Express) पर कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने ताबड़तोड़ पथराव कर दिया। यह घटना उस समय बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल हो गई जब सुरक्षा एजेंसियों को पता चला कि इसी ट्रेन के प्रभावित कोच में आरएसएस प्रमुख (सरसंघचालक) मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) भी सफर कर रहे थे। राहत की बात यह है कि इस घटना में मोहन भागवत पूरी तरह सुरक्षित हैं और ट्रेन में सवार किसी अन्य यात्री को भी कोई चोट नहीं आई है। सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और उत्तर प्रदेश पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार शाम करीब 7.15 से 7.20 बजे के बीच हुई।

    ट्रेन जब कानपुर से दिल्ली की ओर जा रही थी, तब फिरोजाबाद रेल खंड के मक्खनपुर स्टेशन को पार करने के बाद रसूलपुर और दक्षिण थाना क्षेत्र की सीमा पर पेमेश्वर गेट के पास अचानक ट्रेन पर पत्थर फेंके गए। एक भारी पत्थर सीधे एग्जीक्यूटिव क्लास के E-1 कोच की खिड़की से टकराया। पत्थर लगने से सीट संख्या 50 के पास का बाहरी शीशा पूरी तरह चटक गया। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, मोहन भागवत इसी कोच की सीट नंबर 39 और 40 पर सवार थे। वे बोगी के दूसरी तरफ बैठे होने के कारण मलबे और सीधे प्रहार से पूरी तरह सुरक्षित रहे।


    टूंडला जंक्शन पर हाई-अलर्ट, 7 मिनट रुकी ट्रेन

    हमले के तुरंत बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को देखते हुए ट्रेन को बीच रास्ते में कहीं भी नहीं रोका गया और सीधे अगले बड़े स्टेशन टूंडला जंक्शन के लिए रवाना किया गया। शाम 7.34 बजे जैसे ही शताब्दी एक्सप्रेस टूंडला जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर पहुंची, वहां पहले से मौजूद रेलवे सुरक्षा बल (RPF), GRP और स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने ट्रेन को चारों तरफ से सुरक्षा घेरे में ले लिया। कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण संघ प्रमुख को ट्रेन से नीचे नहीं उतारा गया, बल्कि अधिकारियों ने बोगी के भीतर जाकर ही उनका हालचाल जाना। सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ट्रेन को शाम 7.41 बजे दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया, जो रात 10.13 बजे सुरक्षित नई दिल्ली पहुंची।


    सीसीटीवी से 3 किशोर चिह्नित, एक संदिग्ध हिरासत में

    घटना की गंभीरता को देखते हुए आगरा जोन के ADG एस.के. भगत, आगरा रेंज के DIG शैलेंद्र पांडे और फिरोजाबाद के SSP आदित्य लांग्हे भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। SSP आदित्य लांग्हे ने बताया कि इस मामले में RPF की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ रसूलपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। रेलवे ट्रैक के आसपास के करीब 150 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद रात करीब 12 बजे तीन किशोरों को चिह्नित किया गया है। फिलहाल पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ जारी है।


    पथराव के लिए बदनाम है यह इलाका

    पुलिस अधिकारियों ने स्वीकार किया कि फिरोजाबाद का यह विशेष रेल खंड पहले भी ट्रेनों पर पथराव की घटनाओं के लिए बदनाम रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि SOG, सर्विलांस और चार थानों की संयुक्त टीमें आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं और इस तरह की हरकतों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।