Tag: Urban development

  • अब और चमकेगी राजधानी दिल्ली,मोती नगर में 135 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास

    अब और चमकेगी राजधानी दिल्ली,मोती नगर में 135 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास


    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मोती नगर विधानसभा क्षेत्र में 135 करोड़ रुपये से अधिक की बहुप्रतीक्षित विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। यह कार्यक्रम दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मदनलाल खुराना जी की कर्मभूमि पर आयोजित हुआ, जिसे राजधानी के शहरी विकास की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद बांसुरी स्वराज, कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और मोती नगर विधायक हरीश खुराना मौजूद रहे।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सहभागिता देखने को मिली।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इन विकास कार्यों से मोती नगर और आसपास के इलाकों में रहने वाले 2 लाख से अधिक नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं है, बल्कि नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षित यातायात और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है।

    https://twitter.com/HarishKhuranna/status/2012187038662156399

    मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि परियोजनाओं के तहत कीर्ति नगर क्षेत्र में एक आधुनिक फुट ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा, जिससे पैदल यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही सुदर्शन पार्क और करमपुरा में नजफगढ़ ड्रेन पर दो लेन के नए पुल बनाए जाएंगे, जिससे वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलेगी।

    इस विकास पैकेज में कुल 67 नई सीवर पाइपलाइन परियोजनाएं और 72 सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। इनसे जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी और बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी। सड़कों के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण से यातायात व्यवस्था सुचारु होगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मजबूत सड़कें, बेहतर सीवर सिस्टम और हरित पार्क किसी भी शहरी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए जरूरी हैं। ये सुविधाएं न केवल जीवन को आसान बनाती हैं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

    शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि यह पहल स्वर्गीय मदनलाल खुराना जी के “स्वच्छ दिल्ली, सुंदर दिल्ली” के सपने को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। उनके विजन को ध्यान में रखते हुए इन परियोजनाओं की योजना बनाई गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

    सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि मोती नगर में शुरू हुए ये विकास कार्य दिल्ली की प्रगति में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा। वहीं विधायक हरीश खुराना ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो रही है, जिससे स्थानीय नागरिकों में उत्साह है।

    स्थानीय लोगों ने भी इन परियोजनाओं का स्वागत करते हुए कहा कि बेहतर सड़कें, पुल और सीवर व्यवस्था न केवल रोजमर्रा की समस्याओं को कम करेंगी, बल्कि क्षेत्र की कनेक्टिविटी, सुरक्षा और संपत्ति मूल्य में भी वृद्धि करेंगी।

    मोती नगर विधानसभा में 135 करोड़ रुपये की इन विकास परियोजनाओं का शिलान्यास यह साफ दर्शाता है कि सही योजना और प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए दिल्ली को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और रहने योग्य राजधानी बनाया जा सकता है। आने वाले समय में ये परियोजनाएं दिल्ली के शहरी विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी।

  • विकसित भारत @2047 के लक्ष्य से जुड़ी हों शहरी विकास परियोजनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    विकसित भारत @2047 के लक्ष्य से जुड़ी हों शहरी विकास परियोजनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    मध्य प्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नगरीय विकास परियोजनाओं को विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए क्रियान्वित किया जाए। नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति को सुधारने, नगरीय क्षेत्रों में निजी निवेश को बढ़ाने, नागरिक सेवा में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों के अधिकाधिक उपयोग, अर्बन मोबिलिटी तथा ई-वाहन के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। ‘नमामि गंगा अभियान’ के समान ही ‘नमामि नर्मदे परियोजना’ पर कार्य आरंभ कर नर्मदा नदी तट की नगरीय बसाहटों के ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय सुधार और उपचारित जल के पुन:
    उपयोग के लिए कार्य योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी नगरीय निकायों में जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्थाओं के प्रति विशेष रूप से सजगता और सतर्कता बरती जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की 11वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन तथा संचालक मंडल के पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कंपनी के प्रबंधकीय, वित्तीय और लेखा परीक्षा तथा अंकेक्षण संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए गए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश में शहरी विकास के लिए म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी में 4 स्वतंत्र व्यावसायिक प्रभागों के गठन के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की गई। इसमें परिसंपत्ति प्रबंधन और पीपीपी मोड, सूचना प्रौद्योगिकी, शहरी गतिशीलता और नमामि नर्मदे तथा हरित एवं नदी संरक्षण के लिए प्रभागों का गठन प्रस्तावित है। परिसंपत्ति प्रबंधन और पीपीपी प्रभाग के अंतर्गत नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने, जन हित कार्यों में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने, वित्तीय अनुशासन, नीति आयोग तथा अन्य संबद्ध विभागों से समन्वय तथा मेट्रोपोलिटन एरिया डेवलपमेंट प्लानिंग को प्राथमिकता से लिया जाएगा। इसमें सोलर प्रोजेक्ट्स, हरित बांड, अप्रयुक्त परिसंपत्तियों के वैकल्पिक उपयोग जैसे नवाचार भी प्रस्तावित हैं। सूचना प्रौद्योगिकी प्रभाग के अंतर्गत ई-नगर पालिका प्रणाली, सीसीटीवी-जीआईएस आधारित निगरानी व्यवस्था, नागरिक सेवा प्लेटफार्म के उन्नयन, टोल संग्रह ई-पोर्टल एवं ऑनलाइन राजस्व संग्रहण जैसी स्मार्ट सिटी प्रणालियां संचालित की जाएंगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नगरीय निकायों के आस-पास के क्षेत्रों के नियोजित विकास के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने नर्मदा और तापी नदी के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए नदियों के समग्र और सर्वांगीण विकास के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ‘नमामि गंगे’ के समान ‘नमामि नर्मदे परियोजना’ का क्रियान्वयन सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से करें। इसमें नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विभाग, उद्योग विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

    बैठक में बताया गया कि शहरी गतिशीलता प्रभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश ईवी पॉलिसी क्रियान्वयन, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब, रोपवे, मल्टी लेवल पार्किंग, सार्वजनिक साइकिल सेवा, सिटी मोबिलिटी प्लान तथा ई-वाहन चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा।बैठक में अपर मुख्‍य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री संजय दुबे, श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव श्री सुखबीर सिंह, श्री पी. नरहरि, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं आवास श्री संकेत भोंडवे तथा कंपनी के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

  • भोपाल मेट्रो का पहला दिन बना उत्सव, यात्रियों ने डांस कर मनाया जश्न

    भोपाल मेट्रो का पहला दिन बना उत्सव, यात्रियों ने डांस कर मनाया जश्न

    भोपाल /राजधानी भोपाल में रविवार को मेट्रो सेवा का औपचारिक कमर्शियल शुभारंभ हो गया। सुबह ठीक 9 बजे एम्स स्टेशन से पहली मेट्रो रवाना हुई-जिसने करीब 30 मिनट में सुभाष नगर स्टेशन तक का सफर तय किया। इस ऐतिहासिक मौके पर लगभग 100 यात्रियों ने मेट्रो की पहली सवारी का अनुभव लिया। यात्रियों में 7 साल के बच्चे से लेकर 75 साल के बुजुर्ग तक शामिल रहे। पहली ही यात्रा में मेट्रो का माहौल उत्सव जैसा नजर आयाजहां कई यात्री खुशी में डांस करते दिखाई दिए और मोबाइल से इस पल को कैद करते रहे।भोपाल मेट्रो के चलने के साथ ही भोपाल देश का 26वां मेट्रो शहर बन गया है। इससे पहले मध्यप्रदेश के इंदौर में 31 मई 2024 को मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हुआ था। भोपाल मेट्रो का उद्घाटन शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया था। उद्घाटन के बाद रविवार, 21 दिसंबर से आम जनता के लिए मेट्रो सेवा शुरू कर दी गई।

    सुबह से ही स्टेशन पर उमड़ा उत्साह

    मेट्रो में सफर करने को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई यात्री सुबह 7 बजे से ही स्टेशन पहुंच गए थे। यात्रियों का कहना था कि भोपाल के मेट्रो सिटी बनने का सपना आज साकार हो गया है और यह शहर के लिए गर्व का क्षण है। कोलार से आए एक कपल ने बताया कि भोपाल में मेट्रो की शुरुआत उनके लिए “वाओ मोमेंट” जैसा है।मेट्रो में सवार स्कूली बच्चों में भी खासा उत्साह दिखा। केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों ने कहा कि मेट्रो से उनका स्कूल नजर आया और पहली बार मेट्रो में बैठना बेहद रोमांचक अनुभव रहा। वहीं एक युवक वीडियो कॉल के जरिए अपने परिवार को मेट्रो और भोपाल के नजारे दिखाता नजर आया।

    सुविधाओं से लैस है भोपाल मेट्रो

    मेट्रो के सभी स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए एस्केलेटर, लिफ्ट और रैंप की व्यवस्था की गई है। सुभाष नगर, डीबी मॉल और एमपी नगर स्टेशनों पर फुट ओवरब्रिज बनाए गए हैं। रानी कमलापति मेट्रो स्टेशन को रेलवे स्टेशन से सीधे जोड़ा गया है, जिससे ट्रेन से उतरकर यात्री सीधे मेट्रो पकड़ सकें। एम्स स्टेशन पर भी फुटओवर ब्रिज के जरिए एम्स कैंपस तक सीधी पहुंच दी गई है।सुरक्षा के लिहाज से सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगाए गए हैं, जिससे ट्रेन रुकने के बाद ही दरवाजे खुलते हैं और ट्रैक पर गिरने की आशंका नहीं रहती।

    टाइमिंग, किराया और ट्रिप की जानकारी

    भोपाल मेट्रो सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी। एक दिन में कुल 17 ट्रिप रहेंगी। मेट्रो फिलहाल 8 स्टेशनों-एम्स, अलकापुरी, डीआरएम, आरकेएमपी, एमपी नगर, डीबी मॉल, केंद्रीय स्कूल औरसुभाष नगर-से होकर गुजरेगी। शुरुआती चरण में हर 75 मिनट में एक ट्रेन उपलब्ध होगी।टिकट फिलहाल मैन्युअल रूप से काउंटर से ही मिलेंगे। किराया तीन जोन में तय किया गया है। पहले दो स्टेशनों के लिए 20 रुपये, तीन से पांच स्टेशनों के लिए 30 रुपये और छह से आठ स्टेशनों के लिए 40 रुपये किराया निर्धारित किया गया है।

    पार्किंग बनी बड़ी चुनौती

    मेट्रो की शुरुआत से जहां लोग खुश हैं, वहीं स्टेशनों पर पार्किंग की कमी एक बड़ी समस्या बनकर सामने आई है। किसी भी स्टेशन पर चार पहिया वाहनों के लिए समुचित पार्किंग व्यवस्था नहीं है। हालांकि मेट्रो प्रबंधन टू-व्हीलर पार्किंग की व्यवस्था करने की दिशा में काम कर रहा है।
    2018 से शुरू हुआ था सफर
    भोपाल मेट्रो परियोजना का काम साल 2018 में शुरू हुआ था। पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर का प्राथमिकता कॉरिडोर अब आम जनता के लिए शुरू कर दिया गया है। दो साल पहले, 3 अक्टूबर 2023 को भोपाल में मेट्रो का पहला ट्रायल रन हुआ था।कुल मिलाकर, भोपाल मेट्रो की शुरुआत ने शहर के परिवहन तंत्र को एक नई दिशा दी है। पहले ही दिन दिखा उत्साह इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में मेट्रो भोपालवासियों की जीवनरेखा बनने जा रही है।