

अश्विन ने सबसे पहले मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की तारीफ की और उन्हें इस साल भारत का सबसे बेहतरीन गेंदबाज बताया। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनलऐश की बात पर कहा मैं वरुण चक्रवर्ती को 2025 का MVP मानता हूँ। जब भी टीम ने उनका इस्तेमाल किया उन्होंने अपना X-फैक्टर दिखाया। विपक्षी टीम के लिए उन्हें समझना मुश्किल रहा। 2026 T20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत के लिए उनकी भूमिका बहुत अहम होगी। वह T20 गेंदबाज हैं और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भारत के सबसे भरोसेमंद विकेट लेने वाले खिलाड़ी बनकर उभरे हैं।
वास्तव में वरुण चक्रवर्ती ने इस साल 4 वनडे में 10 विकेट और 20 T20I में 36 विकेट लिए। उनके प्रदर्शन ने उन्हें भारत की व्हाइट-बॉल टीम का भरोसेमंद खिलाड़ी बना दिया।अश्विन ने इसके साथ ही अभिषेक शर्मा की भी तारीफ की। लेफ्ट-हैंडर ओपनर को उन्होंने भारत की अगली पीढ़ी का X-फैक्टर खिलाड़ी बताया। अश्विन के अनुसार यह सिर्फ अभिषेक शर्मा का आना नहीं है बल्कि यह भारत की नई पीढ़ी का एक्स-फैक्टर खिलाड़ी बनने की शुरुआत है। 2025 में उनका प्रदर्शन अद्भुत रहा। उन्होंने 21 T20I मैचों में 42.95 की औसत और 193.46 के स्ट्राइक रेट से 859 रन बनाए जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं।
साल 2025 में एक समय ऐसा भी था जब विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों के करियर पर संदेह किया जा रहा था। लेकिन साल के अंत तक दोनों खिलाड़ियों ने साबित किया कि उनमें अभी भी क्रिकेट की पर्याप्त क्षमता है। रोहित और कोहली ने टेस्ट और टी20 से संन्यास लिया है लेकिन उनका सपना 2027 के वर्ल्ड कप में खेलना है।अश्विन ने कहा रोहित और विराट दोनों में 50 ओवर का वर्ल्ड कप जीतने की आग है। यह जरूरी है कि हम उनके हर मैच का आनंद लें। उन्होंने इस साल क्रिकेट की परिभाषा को फिर से बदल दिया। टेस्ट क्रिकेट के लिहाज से यह साल चुनौतीपूर्ण था लेकिन दोनों ने वापसी कर बेहतरीन प्रदर्शन किया। विराट जबरदस्त फॉर्म में हैं और यह भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा है।
इस तरह 2025 में भारतीय क्रिकेट में युवा और सीनियर खिलाड़ियों ने मिलकर एक यादगार साल बनाया। वरुण चक्रवर्ती और अभिषेक शर्मा ने अपनी नई प्रतिभा दिखाई जबकि रोहित और विराट ने अनुभव और निरंतरता के बल पर टीम को मजबूत रखा।

हालांकि अब विराट कोहली अपने करियर के अंतिम दौर की ओर बढ़ रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर उन्होंने धीरे-धीरे क्रिकेट के कुछ फॉर्मेट्स को अलविदा कह दिया है। टी20 क्रिकेट से पहले ही दूरी बना चुके कोहली ने इसी साल टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास लेकर फैंस को भावुक कर दिया। फिलहाल 37 वर्षीय कोहली केवल वनडे क्रिकेट में ही भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।फैंस भले ही विराट को टी20 में पसंद करते रहे हों, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनकी मौजूदगी कुछ अलग ही रोमांच पैदा करती थी। उनकी आक्रामक कप्तानी, तेज गेंदबाजों को उकसाने वाला अंदाज और कठिन परिस्थितियों में टीम को संभालने की क्षमता टेस्ट क्रिकेट को खास बना देती थी। यही वजह है कि आज भी फैंस को टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली की सबसे ज्यादा कमी खलती है।
इसी भावनात्मक जुड़ाव को शब्दों में पिरोया है भारत के पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने। हाल ही में सिद्धू ने सोशल मीडिया पर विराट कोहली को लेकर एक पोस्ट साझा की जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इस पोस्ट को फैंस कोहली पगलूपोस्ट कहकर शेयर कर रहे हैं और जमकर भावनाएं जता रहे हैं।नवजोत सिंह सिद्धू ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि अगर भगवान उन्हें सिर्फ एक इच्छा मांगने का मौका दें, तो वह विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट वापस लेने की मांग करेंगे। सिद्धू के इस बयान ने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की भावनाओं को जैसे आवाज दे दी हो।
अपनी पोस्ट में सिद्धू ने लिखा,
विराट कोहली ने 12 मई 2025 को आधिकारिक रूप से टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा। उन्होंने भारत के लिए 123 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 46.85 की शानदार औसत से 9,230 रन बनाए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 30 शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं। आंकड़ों से कहीं ज्यादा, कोहली का योगदान भारतीय टेस्ट टीम की मानसिकता बदलने में रहा।आज भले ही विराट टेस्ट क्रिकेट से दूर हों, लेकिन उनकी मौजूदगी और विरासत हर टेस्ट मैच में महसूस की जाती है। नवजोत सिंह सिद्धू का यह पोस्ट इस बात का सबूत है कि विराट कोहली सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक युग हैं जिसकी कमी आने वाले सालों तक महसूस की जाती रहेगी।

कोहली और रोहित की जमकर तारीफ
अफरीदी ने भारतीय टीम के दो स्टार बल्लेबाजों, विराट कोहली और रोहित शर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि ये दोनों न केवल भारत के बल्कि दुनिया के सबसे भरोसेमंद ODI बल्लेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने विशेष रूप से हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ इन दोनों के शानदार प्रदर्शन की ओर ध्यान दिलाया। अफरीदी ने कहा, “विराट और रोहित भारतीय बैटिंग लाइन-अप की असली ताकत हैं। उनके हालिया फॉर्म को देखकर लगता है कि वे लंबे समय तक टीम के लिए अहम बने रहेंगे।” अफरीदी का मानना है कि बड़े टूर्नामेंट और महत्वपूर्ण सीरीज में टीम को इन दोनों खिलाड़ियों को जरूर उतारना चाहिए।
अफरीदी ने सुझाव दिया कि जब टीम किसी कमजोर विरोधी के खिलाफ खेले, तो युवा खिलाड़ियों को अवसर देने के लिए कोहली और रोहित को आराम दिया जा सकता है। यह रणनीति टीम को संतुलित रखते हुए नए टैलेंट को मौका देने में मदद करेगी।
गौतम गंभीर की कोचिंग पर तंज
शाहिद अफरीदी ने भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की कोचिंग शैली पर सीधे निशाना साधा। अफरीदी ने कहा कि गंभीर ने कोच के रूप में शुरुआत में यह छवि बनाई कि वे हमेशा सही होते हैं, लेकिन समय ने साबित कर दिया कि हर बार सही होना संभव नहीं है। अफरीदी और गंभीर के बीच पहले भी मैदान पर कई बार विवाद हो चुका है। अफरीदी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब गंभीर ने पहले ही साफ कर दिया था कि 2027 वर्ल्ड कप अभी दूर है और टीम युवा खिलाड़ियों को मौके देकर नई दिशा देना चाहती है।
रोहित के रिकॉर्ड छक्कों पर अफरीदी की खुशी
अफरीदी ने रोहित शर्मा के हालिया ODI छक्कों के रिकॉर्ड को तोड़ने पर अपनी खुशी जताई। उन्होंने कहा, “रिकॉर्ड तोड़ने के लिए ही बनाए जाते हैं और मुझे खुशी है कि मेरा रिकॉर्ड किसी क्लासी बल्लेबाज जैसे रोहित ने तोड़ा।” रोहित ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ रायपुर ODI में अपना 355वां छक्का जड़कर अफरीदी (351 छक्के) को पीछे छोड़ दिया। अफरीदी ने इसे खेल की प्रगति और भारतीय क्रिकेट की बढ़ती ताकत का हिस्सा बताया।
IPL 2008 की यादें और रोहित का मैच विनिंग अंदाज
अफरीदी ने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए IPL 2008 का जिक्र किया, जब वे डेक्कन चार्जर्स के लिए खेल रहे थे। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें पहली बार एहसास हुआ कि रोहित भविष्य में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बनेंगे। अफरीदी ने कहा, “उनकी बल्लेबाजी में वह क्लास थी जो किसी भी दिन मैच का रुख बदल सकती थी। रोहित एक मैच विनर खिलाड़ी हैं और उन्होंने हर अवसर पर अपनी टीम को मजबूत बनाया है।”
अफरीदी का निष्कर्ष
शाहिद अफरीदी की राय में, विराट कोहली और रोहित शर्मा के अनुभव और क्लास की वजह से टीम इंडिया के ODI लाइन-अप की रीढ़ मजबूत है। जबकि गौतम गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठाए गए हैं, अफरीदी का जोर इस बात पर है कि टीम इंडिया को अपने अनुभवी खिलाड़ियों की काबिलियत का पूरा लाभ उठाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर युवाओं को मौके देकर संतुलन बनाना चाहिए।
अफरीदी का यह बयान भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर उन्होंने कोहली और रोहित को टीम की रीढ़ बताया, वहीं गंभीर की कोचिंग पर तंज भी कसा। इससे साफ है कि अफरीदी का मानना है कि टीम इंडिया को संतुलित और मजबूत रखने के लिए अनुभवी खिलाड़ियों का उपयोग जरूरी है। 2027 तक विराट और रोहित टीम की अहमियत बनाए रख सकते हैं, जबकि युवा खिलाड़ियों को अवसर देने की रणनीति से टीम की लंबी दूरी की तैयारी भी मजबूत हो सकती है।
इस तरह, शाहिद अफरीदी ने भारतीय क्रिकेट की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति पर अपनी राय रखी है, जिससे टीम इंडिया के फैंस और विश्लेषक दोनों ही नए सिरे से विचार कर रहे हैं।

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