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  • बाबर आजम का वर्ल्ड रिकॉर्ड, 141 वनडे पारियों में बनाए 6671 रन; हाशिम अमला को पछाड़ा, विराट कोहली तीसरे नंबर पर

    बाबर आजम का वर्ल्ड रिकॉर्ड, 141 वनडे पारियों में बनाए 6671 रन; हाशिम अमला को पछाड़ा, विराट कोहली तीसरे नंबर पर

    नई दिल्ली । पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम ने वनडे क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अपने वनडे करियर की 141 पारियों में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। श्रीलंका के खिलाफ ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में 45 रनों की पारी खेलने के दौरान बाबर ने यह उपलब्धि हासिल की। इस रिकॉर्ड के साथ उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व सलामी बल्लेबाज हाशिम अमला को पीछे छोड़ दिया, जबकि भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली इस सूची में तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं।

    बाबर आजम ने वनडे क्रिकेट में अब तक 141 पारियों में 6671 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 53.37 का रहा है। उनके नाम इस प्रारूप में 20 शतक और 38 अर्धशतक दर्ज हैं। श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में वह अपना अर्धशतक पूरा नहीं कर सके, लेकिन 45 रनों की पारी ने उनके रिकॉर्ड में एक नया अध्याय जोड़ दिया। इसी मैच के दौरान बाबर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 16000 रन भी पूरे किए। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले पाकिस्तान के पांचवें बल्लेबाज बने।

    हाशिम अमला का रिकॉर्ड टूटा

    बाबर आजम से पहले वनडे क्रिकेट की 141 पारियों में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के पूर्व सलामी बल्लेबाज हाशिम अमला के नाम था। अमला ने अपनी शुरुआती 141 वनडे पारियों में 6626 रन बनाए थे। बाबर ने 6671 रन के साथ उन्हें पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच इस सूची में 45 रनों का अंतर है।

    हाशिम अमला अपने वनडे करियर में तेजी से रन बनाने और विभिन्न व्यक्तिगत उपलब्धियां हासिल करने के लिए जाने जाते रहे हैं। कई प्रमुख रन संबंधी पड़ावों पर उन्होंने विराट कोहली से भी पहले उपलब्धियां दर्ज की थीं। हालांकि, 141 पारियों के बाद सर्वाधिक रन बनाने के मामले में अब बाबर आजम उनसे आगे निकल गए हैं।

    विराट कोहली तीसरे स्थान पर

    इस सूची में भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने वनडे करियर की शुरुआती 141 पारियों में 6224 रन बनाए थे। बाबर आजम और हाशिम अमला के मुकाबले इस आंकड़े के आधार पर कोहली तीसरे पायदान पर हैं। हालांकि, वनडे क्रिकेट में कुल रनों के मामले में विराट कोहली अब भी दुनिया के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं।

    कोहली ने वनडे क्रिकेट में 305 पारियों में 15109 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 58.78 रहा है। उनके नाम वनडे प्रारूप में 55 शतक दर्ज हैं, जो इस प्रारूप में सबसे अधिक शतकों का रिकॉर्ड है। इस तरह शुरुआती 141 पारियों में रनों की सूची और पूरे वनडे करियर के कुल रनों की सूची में बल्लेबाजों की स्थिति अलग-अलग है।

    141 पारियों के बाद सबसे ज्यादा वनडे रन
    बाबर आजम इस सूची में 6671 रनों के साथ पहले स्थान पर हैं। हाशिम अमला ने 6626 रन बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया था, जबकि विराट कोहली की शुरुआती 141 पारियों में 6224 रन रहे। इन आंकड़ों के आधार पर बाबर ने दोनों दिग्गज बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया है। यह रिकॉर्ड उनके वनडे करियर में लगातार रन बनाने की क्षमता को दर्शाता है।

    पाकिस्तान ने श्रीलंका को 37 रन से हराया
    पाकिस्तान, श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच ट्राई सीरीज पाकिस्तान में खेली जा रही है। टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में मेजबान पाकिस्तान ने श्रीलंका को 37 रनों से हराकर जीत के साथ शुरुआत की। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 306 रनों का लक्ष्य रखा। टीम की ओर से सलमान आगा ने शानदार शतक लगाया। उन्होंने 90 गेंदों में 10 चौकों और एक छक्के की मदद से 107 रन बनाए। उनके अलावा पाकिस्तान का कोई अन्य बल्लेबाज 50 रनों का आंकड़ा नहीं छू सका।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम 268 रन पर सिमट गई। शाहीन अफरीदी की अगुवाई में पाकिस्तान के गेंदबाजों ने प्रभावी प्रदर्शन किया और टीम को 37 रनों से जीत दिलाई। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने ट्राई सीरीज में अपना अभियान शुरू किया। बाबर आजम की व्यक्तिगत उपलब्धि और टीम की जीत ने इस मुकाबले को पाकिस्तान क्रिकेट के लिए खास बना दिया।

  • एबी डिविलियर्स ने बताया विराट कोहली को देखकर कैसा था पहला इंप्रेशन, बोले- शुरुआत में घमंडी लगते थे भारतीय स्टार बल्लेबाज

    एबी डिविलियर्स ने बताया विराट कोहली को देखकर कैसा था पहला इंप्रेशन, बोले- शुरुआत में घमंडी लगते थे भारतीय स्टार बल्लेबाज

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स की दोस्ती क्रिकेट जगत में काफी लोकप्रिय रही है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए साथ खेलते हुए दोनों ने कई यादगार पारियां खेलीं और अपनी बल्लेबाजी से टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। मैदान पर उनकी साझेदारी जितनी प्रभावशाली रही, मैदान के बाहर भी दोनों के बीच दोस्ती उतनी ही मजबूत दिखाई दी। हालांकि, डिविलियर्स ने हाल ही में विराट कोहली को पहली बार देखने के बाद बनी अपनी शुरुआती धारणा के बारे में दिलचस्प खुलासा किया है।

    एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान डिविलियर्स से पूछा गया कि विराट कोहली को पहली बार देखने पर उनके मन में क्या विचार आए थे। इस सवाल के जवाब में उन्होंने मजाकिया अंदाज में स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें विराट घमंडी और मगरूर लगते थे। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है विराट खुद भी उनकी इस बात से सहमत हों। हालांकि, डिविलियर्स ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी को पूरी तरह गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। वह इसे हल्के-फुल्के अंदाज में कह रहे थे और उनका मकसद विराट के व्यक्तित्व पर नकारात्मक टिप्पणी करना नहीं था।

    डिविलियर्स के मुताबिक, जब विराट कोहली 19, 20 या 21 साल के थे, तब उनके अंदर आत्मविश्वास भरपूर था। युवा उम्र में ही विराट अपने खेल को लेकर काफी दृढ़ दिखाई देते थे और उन्हें खुद की क्षमताओं पर पूरा भरोसा था। डिविलियर्स ने इसी आत्मविश्वास को उनके शुरुआती व्यवहार की एक प्रमुख वजह बताया। उनके अनुसार, कई बार किसी खिलाड़ी का खुद पर मजबूत भरोसा दूसरों को घमंड या मगरूर होने जैसा लग सकता है, जबकि वास्तविकता में वह अपने प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त होता है।

    उन्होंने यह भी समझाया कि शीर्ष स्तर पर क्रिकेट खेलने और सफलता हासिल करने के लिए आत्मविश्वास बेहद जरूरी होता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह बनाए रखने और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए खिलाड़ी को अपनी क्षमताओं पर भरोसा करना पड़ता है। युवा खिलाड़ियों में यह विश्वास कभी-कभी उनके व्यवहार में अधिक आक्रामकता के रूप में नजर आ सकता है। विराट कोहली के मामले में भी डिविलियर्स ने उनके शुरुआती अंदाज को इसी नजरिए से देखा।

    समय के साथ विराट के व्यक्तित्व में आए बदलाव का जिक्र करते हुए डिविलियर्स ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ वह एक खिलाड़ी और इंसान के तौर पर अधिक परिपक्व हुए। उनके शुरुआती करियर में खुद को साबित करने की चुनौती काफी बड़ी थी। ऐसे दौर में उनका आक्रामक रवैया और खुद पर जरूरत से ज्यादा भरोसा होने की छवि कुछ लोगों को अलग तरह से दिखाई दे सकती थी। लेकिन अनुभव बढ़ने और क्रिकेट में लगातार आगे बढ़ने के साथ उनके व्यवहार में भी बदलाव आया।

    विराट कोहली ने अपने करियर में बल्लेबाजी के दम पर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उनकी आक्रामकता और जीत के लिए लगातार प्रयास करने की प्रवृत्ति उनके खेल की पहचान रही है। मैदान पर उनका जोशीला अंदाज कई बार चर्चा का विषय बनता रहा है, लेकिन उनके प्रशंसक इसी प्रतिस्पर्धी भावना को उनकी ताकत भी मानते हैं। डिविलियर्स की टिप्पणी इसी शुरुआती छवि और समय के साथ आए बदलाव को सामने लाती है।

    आईपीएल के दौरान विराट कोहली और एबी डिविलियर्स ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए लंबे समय तक साथ खेला। दोनों के बीच तालमेल ने टीम को कई मुकाबलों में मजबूत स्थिति दिलाई। बल्लेबाजी के दौरान एक-दूसरे की शैली को समझना और मैदान पर बेहतरीन साझेदारियां करना उनकी जोड़ी की खासियत रही। साथ खेलने के दौरान उनकी दोस्ती भी मजबूत हुई और दोनों कई मौकों पर एक-दूसरे की तारीफ करते दिखाई दिए।

    डिविलियर्स का यह बयान विराट कोहली के शुरुआती दिनों की उनकी व्यक्तिगत धारणा पर आधारित है। उन्होंने इसे मजाकिया संदर्भ में रखते हुए विराट के आत्मविश्वास और समय के साथ उनके परिपक्व होने की बात कही। उनकी टिप्पणी से यह भी स्पष्ट होता है कि किसी खिलाड़ी के शुरुआती व्यवहार को समझने के लिए उसकी उम्र, अनुभव और करियर की परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है।

  • रोहित शर्मा और विराट कोहली की खास लिस्ट में शामिल हुए तिलक वर्मा, टी20 इंटरनेशनल में 50 कैच पूरे कर रचा इतिहास

    रोहित शर्मा और विराट कोहली की खास लिस्ट में शामिल हुए तिलक वर्मा, टी20 इंटरनेशनल में 50 कैच पूरे कर रचा इतिहास


    नई दिल्ली । भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए तीसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 रन से जीत दर्ज की। इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए और गेंदबाजों ने दबाव के क्षणों में अहम विकेट हासिल किए। इस जीत के बीच तिलक वर्मा ने भी एक खास उपलब्धि अपने नाम कर ली। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर फील्डर 50 कैच पूरे कर लिए हैं। इस मुकाम तक पहुंचने वाले वह भारत के पांचवें खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले रोहित शर्मा हार्दिक पांड्या सूर्यकुमार यादव और विराट कोहली यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।
    टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों की सूची में रोहित शर्मा शीर्ष पर हैं। उनके नाम 65 कैच दर्ज हैं। हार्दिक पांड्या 64 कैच के साथ दूसरे स्थान पर हैं जबकि सूर्यकुमार यादव 58 कैच लेकर तीसरे नंबर पर हैं। विराट कोहली इस सूची में 54 कैच के साथ शामिल हैं। अब तिलक वर्मा ने 50 कैच पूरे करके इस खास क्लब में जगह बना ली है। यह उपलब्धि उनकी फील्डिंग क्षमता और मैदान पर लगातार योगदान को दर्शाती है।
    वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टी20 में तिलक ने बल्लेबाजी में भी उपयोगी प्रदर्शन किया। उन्होंने केवल 16 गेंदों का सामना करते हुए 28 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके शामिल रहे और उन्होंने 175 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। इससे पहले दूसरे टी20 मुकाबले में भी तिलक ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने उस मैच में 18 गेंदों पर नाबाद 44 रन बनाकर भारतीय पारी को तेज गति दी थी। लगातार दो मुकाबलों में उनके आक्रामक अंदाज ने टीम के मध्यक्रम को मजबूती प्रदान की।
    तीसरे टी20 में भारत की ओर से अभिषेक शर्मा ने सबसे प्रभावशाली पारियों में से एक खेली। उन्होंने 30 गेंदों पर 69 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और पांच छक्के शामिल रहे। ईशान किशन ने भी तेजी से रन बनाते हुए 18 गेंदों पर 37 रन जोड़े। इन पारियों की मदद से भारतीय टीम 20 ओवर में 223 रन के बड़े स्कोर तक पहुंचने में सफल रही। भारत ने वेस्टइंडीज के सामने जीत के लिए 224 रन का लक्ष्य रखा।
    लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने संघर्ष किया लेकिन निर्धारित ओवरों में सात विकेट गंवाकर 209 रन ही बना सकी। शिमरोन हेटमायर ने 43 रन और कामिल पूरन ने 42 रन बनाकर टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की। शेरफेन रदरफोर्ड ने 20 गेंदों पर 32 रन बनाए। वहीं शमर स्प्रिंगर ने केवल 11 गेंदों पर नाबाद 35 रन की तेज पारी खेली। इसके बावजूद कैरेबियाई टीम लक्ष्य से 14 रन दूर रह गई। दूसरे टी20 में शतक लगाने वाले कप्तान शाई होप इस बार केवल पांच रन बनाकर आउट हो गए।
    भारतीय गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने 44 रन देकर तीन विकेट हासिल किए जबकि नमन धीर ने दो विकेट झटके। गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में जरूरी नियंत्रण बनाए रखा और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस मुकाबले में भारत की जीत के साथ तिलक वर्मा की व्यक्तिगत उपलब्धि भी चर्चा में रही। बल्लेबाजी और फील्डिंग दोनों में योगदान देने वाले तिलक के लिए यह रिकॉर्ड उनके टी20 इंटरनेशनल करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
  • विराट कोहली ने प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने पर लगे 5 करोड़ रुपये के आरोपों को बताया निराधार

    विराट कोहली ने प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने पर लगे 5 करोड़ रुपये के आरोपों को बताया निराधार

    नई दिल्ली । वृंदावन स्थित केलीकुंज आश्रम से जुड़े घटनाक्रम के बीच क्रिकेटर विराट कोहली ने उनके बारे में लगाए गए एक गंभीर आरोप को खारिज किया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज ने दावा किया था कि विराट कोहली को पांच करोड़ रुपये देकर प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दर्शन के लिए बुलाया गया था। कोहली के प्रवक्ता ने बुधवार को बयान जारी कर इन दावों को पूरी तरह झूठा, बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत बताया।

    विराट कोहली के प्रवक्ता ने कहा कि कोहली प्रेमानंद महाराज के प्रति गहरी आस्था और श्रद्धा रखते हैं और इसी वजह से उनसे मिलने जाते हैं। बयान में फलाहारी महाराज की ओर से लगाए गए आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन किया गया। साथ ही मीडिया से अपील की गई कि ऐसे दावों को आगे बढ़ाने या प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की सावधानी से जांच की जाए और जिम्मेदारी के साथ रिपोर्टिंग की जाए।

    यह विवाद प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोदी की मौत के बाद सामने आया, जिसके बाद वृंदावन का केलीकुंज आश्रम चर्चा में आ गया। इसी बीच फलाहारी महाराज ने प्रेमानंद महाराज को पत्र लिखकर विराट कोहली से जुड़ा दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेमानंद महाराज की टीम से जुड़े एक साधु गुट ने विराट कोहली को पांच करोड़ रुपये देकर उनके दरबार में दर्शन के लिए बुलाया था। फलाहारी महाराज के मुताबिक, ऐसा इसलिए किया गया ताकि प्रेमानंद महाराज को सेलिब्रिटी के तौर पर स्थापित किया जा सके।

    फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में आश्रम और उससे जुड़े लोगों को लेकर अन्य गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रेमानंद महाराज की टीम में साधु के भेष में कई भू-माफिया प्रवेश कर चुके हैं। उनके आरोप के मुताबिक, ऐसे लोग यमुना के डूब क्षेत्र की जमीनों की बिक्री में शामिल हैं। उन्होंने बच्चों की किडनी चोरी जैसे गंभीर अपराधों का भी दावा किया। हालांकि उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं बताया गया है।

    फलाहारी महाराज ने प्रेमानंद महाराज से गोवर्धन आने की अपील भी की थी। उन्होंने पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई से जांच कराने की मांग रखी। पत्र में उन्होंने प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताते हुए कहा कि वह वहां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने सरकार से प्रेमानंद महाराज को जेड प्लस सुरक्षा देने की मांग की।

    विराट कोहली के प्रवक्ता की ओर से जारी प्रतिक्रिया में पांच करोड़ रुपये लेकर आश्रम जाने के दावे को सीधे तौर पर अस्वीकार किया गया है। बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि कोहली और प्रेमानंद महाराज की मुलाकातों का कारण धार्मिक आस्था और श्रद्धा है। इस तरह फलाहारी महाराज के आरोपों और विराट कोहली के पक्ष की प्रतिक्रिया के बीच विवाद का केंद्र पांच करोड़ रुपये वाला दावा बना हुआ है।

  • शून्य पर आउट हुए विराट कोहली ने फील्डिंग में जीता दिल, नन्ही फैन की आवाज पर दिया ऐसा प्यारा रिएक्शन

    शून्य पर आउट हुए विराट कोहली ने फील्डिंग में जीता दिल, नन्ही फैन की आवाज पर दिया ऐसा प्यारा रिएक्शन


    नई दिल्ली। विराट कोहली भले ही वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में बल्ले से खास कमाल नहीं कर सके लेकिन मैदान पर उनका एक छोटा सा रिएक्शन फैंस का दिल जीत गया। मुकाबले के दौरान विराट कोहली शून्य पर आउट होकर पवेलियन लौट गए थे। हालांकि जब वह दूसरी पारी में भारतीय टीम के लिए फील्डिंग करने मैदान पर उतरे तो स्टेडियम में मौजूद फैंस का उत्साह एक बार फिर देखने लायक था। इसी दौरान विराट और एक नन्ही फैन के बीच हुआ प्यारा सा पल कैमरे में कैद हो गया जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    विराट कोहली को देखने और उनकी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाने के लिए बड़ी संख्या में फैंस स्टेडियम पहुंचे थे। विराट की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मैदान पर वह जहां भी दिखाई देते हैं वहां दर्शकों का जोश अचानक बढ़ जाता है। वेस्टइंडीज के खिलाफ इस सीरीज के पहले मुकाबले में विराट ने शानदार शतक लगाकर अपनी फॉर्म का संकेत दिया था। ऐसे में तीसरे वनडे में भी फैंस को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन वह खाता खोले बिना ही आउट हो गए।

    बल्लेबाजी में निराशा के बावजूद फील्डिंग के दौरान विराट कोहली को देखकर फैंस का उत्साह कम नहीं हुआ। इसी बीच स्टैंड में बैठी एक छोटी बच्ची अपने पसंदीदा क्रिकेटर का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश करने लगी। बच्ची ने मासूम अंदाज में विराट को आवाज लगाई और कहा कि विराट मेरी तरफ तो देख लो। उसकी यह गुहार कुछ ही देर में विराट तक पहुंच गई।

    मैदान पर फील्डिंग कर रहे विराट कोहली की नजर जब उस नन्ही फैन पर पड़ी तो उन्होंने उसकी ओर देखकर हाथ हिला दिया। विराट का यह छोटा सा रिएक्शन बच्ची के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं था। अपने पसंदीदा क्रिकेटर को अपनी ओर देखते और हाथ हिलाते देखकर बच्ची खुशी से झूम उठी। उसके चेहरे की खुशी देखकर आसपास मौजूद लोगों के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई।

    विराट कोहली और उनकी इस नन्ही फैन का यह पल अब सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। फैंस विराट के इस सादगी भरे अंदाज की तारीफ कर रहे हैं। क्रिकेट के मैदान पर आक्रामक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले विराट का अपने फैंस के प्रति यह प्यारा व्यवहार लोगों को काफी पसंद आया है। खासकर उस बच्ची के लिए यह पल शायद हमेशा यादगार रहने वाला है।

    विराट कोहली के लिए वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरा वनडे बल्लेबाजी के लिहाज से भले ही अच्छा नहीं रहा लेकिन फील्डिंग के दौरान उनका यह अंदाज चर्चा में आ गया। विराट की लोकप्रियता सिर्फ उनके प्रदर्शन तक सीमित नहीं है बल्कि फैंस के साथ उनका जुड़ाव भी उन्हें खास बनाता है। स्टेडियम में मौजूद उस बच्ची की एक छोटी सी गुहार और विराट का हाथ हिलाकर जवाब देना इसका खूबसूरत उदाहरण है।

    अब विराट कोहली अगली बार न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में नीली जर्सी में नजर आ सकते हैं। वनडे वर्ल्ड कप 2027 को देखते हुए विराट के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी। फैंस उम्मीद कर रहे होंगे कि मैदान पर अगली बार विराट बल्ले से भी ऐसा ही जवाब दें जैसा उन्होंने अपनी नन्ही फैन को दिया और एक बड़ी पारी खेलकर फिर सुर्खियां बटोरें।

  • IND vs WI सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाडी बने शुभमन गिल, विराट कोहली टॉप-5 से बाहर

    IND vs WI सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाडी बने शुभमन गिल, विराट कोहली टॉप-5 से बाहर


    नई दिल्ली।
    शुभमन गिल (Shubman Gill) की अगुवाई वाली टीम इंडिया (Team India) को वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाफ तीसरे वनडे में 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि टीम इंडिया (Team India) ने यह सीरीज 2-1 से अपने नाम की, क्योंकि भारत सीरीज के पहले दो मैच जीतकर सीरीज अपने नाम कर चुका था। न्यू चंडीगढ़ में खेले गए आखिरी वनडे में ना तो कप्तान शुभमन गिल कमाल दिखा सकते और ना ही विराट कोहली (Virat Kohli), दोनों ही खिलाड़ी काफी सस्ते में पवेलियन लौटे।

    हालांकि गिल IND vs WI वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में फिर भी पहले पायदान पर रहे, मगर किंग कोहली टॉप-5 से बाहर हो गए। जी हां, कोहली का टॉप-5 से बहार होना हैरान कर देने वाला है। तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले वनडे में विराट ने 139 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। भारत बनाम वेस्टइंडीज वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाजों में शुभमन गिल के अलावा एक और भारतीय है, जबकि लिस्ट में तीन बल्लेबाज वेस्टइंडीज के हैं।


    शुभमन गिल ने बनाए IND vs WI सीरीज में सबसे ज्यादा रन

    भारतीय कप्तान शुभमन गिल 334 रनों के साथ भारत बनाम वेस्टइंडीज वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। गिल के अलावा कोई भी बल्लेबाज 300 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। उन्होंने इस सीरीज में एक शतक और एक दोहरा शतक लगाया। गिल ने 3 मैचों में 167 की हैरतअंगेज औसत के साथ यह रन बनाए। हालांकि तीसरे वनडे में उनके हाथ निराशा लगी क्योंकि वह मात्र 1 रन बनाकर ही आउट हो गए थे।

    रोहित शर्मा लिस्ट में शामिल होने वाले दूसरे भारतीय हैं। पहले वनडे में हिटमैन को अच्छी शुरुआत मिली थी, मगर वह उसे बड़ी पारी में तबदील नहीं कर पाए थे। वह 32 रन बनाकर आउट हो गए थे। हालांकि उन्होंने यह गलती गुवाहटी में खेले गए दूसरे वनडे में नहीं की थी। रोहित ने दूसरे वनडे में शतक जड़ा था और भारत को 406 रनों का विशाल टारगेट चेज कराने में अपना अहम योगदान दिया था। इसके बाद तीसरे वनडे में उनके बल्ले से 92 रनों की पारी निकली, वह 8 रनों से सीरीज का दूसरा शतक पूरा करने से चूक गए। रोहित शर्मा ने इंडिया वर्सेस वेस्टइंडीज वनडे सीरीज में 75 की औसत के साथ 225 रन बनाए और वह लिस्ट में चौथे पायदान पर रहें।

    सीरीज के पहले मैच में शतक जड़ने वाले विराट कोहली के बल्ले से इस सीरीज में 168 रन ही निकले और वह टॉप-5 से बाहर 6ठे पायदान पर रहे। कोहली दूसरे और तीसरे वनडे में ज्यादा कुछ कमाल नहीं दिखा पाए।

    IND vs WI वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 खिलाड़ी
    प्लेयर – रन

    शुभमन गिल – 334
    शे होप – 278
    अमीर जंगू – 239
    रोहित शर्मा – 225
    जोन कैम्पबेल – 173


    शे होप समेत 3 वेस्टइंडीज के खिलाड़ी लिस्ट में

    वेस्टइंडीज के कप्तान शे होप समेत 3 खिलाड़ी IND vs WI वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में टॉप-5 में रहे। होप ने सीरीज में दो शतक जड़े, न्यू चंडीगढ़ में खेले गए आखिरी मुकाबले में उन्होंने 162 रनों की नाबाद पारी खेल भारत के खिलाफ 352 रनों का विशाल टारगेट चेज करने में अहम रोल अदा किया। उनके बल्ले से सीरीज में कुल 278 रन निकले, वह शुभमन गिल के बाद सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की रेस में दूसरे पायदान पर रहे। वहीं अमीर जंगू 239 रनों के साथ तीसरे तो जोन कैम्पबेल 173 रनों के साथ लिस्ट में पांचवें और आखिरी पायदान पर रहे।

  • 35 की उम्र के बाद भी नहीं थमी विराट कोहली की रनों की भूख, 27 पारियों में 7 शतक, रिकॉर्ड बना रहा है दबदबा

    35 की उम्र के बाद भी नहीं थमी विराट कोहली की रनों की भूख, 27 पारियों में 7 शतक, रिकॉर्ड बना रहा है दबदबा


    नई दिल्ली। विराट कोहली का नाम वनडे क्रिकेट के उन बल्लेबाजों में शामिल है जिन्होंने लंबे समय तक अपने बल्ले से दुनिया भर के गेंदबाजों पर दबदबा बनाए रखा है। उम्र बढ़ने के साथ जहां आमतौर पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिलती है वहीं विराट कोहली के आंकड़े एक अलग कहानी बयां करते हैं। 37 साल की उम्र में भी विराट की रनों की भूख कम होती नजर नहीं आ रही है। बल्कि 35 साल की उम्र के बाद वनडे क्रिकेट में उनके आंकड़े बताते हैं कि इस दौर में भी वह लगातार बड़ी पारियां खेलने में सफल रहे हैं।

    35 साल की उम्र के बाद विराट कोहली ने वनडे में 27 पारियां खेली हैं और इस दौरान उन्होंने 1555 रन बनाए हैं। इन रनों को उन्होंने 70.68 की शानदार औसत और 100.51 के स्ट्राइक रेट से बनाया है। इस दौरान विराट के बल्ले से सात शतक और नौ अर्धशतक भी निकले हैं। यानी 27 पारियों के छोटे से आंकड़े में ही उन्होंने 16 बार 50 या उससे ज्यादा रन बनाने का कारनामा किया है। यह आंकड़ा बताता है कि वनडे क्रिकेट में विराट की निरंतरता अब भी बरकरार है।

    विराट कोहली ने 27 सितंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में अपने वनडे करियर का 55वां शतक लगाया। इस पारी के दौरान उन्होंने वनडे क्रिकेट में 15000 रन भी पूरे किए और इस उपलब्धि तक पहुंचने के मामले में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया। विराट ने 15000 वनडे रन तक पहुंचने के लिए 287 पारियां लीं जबकि सचिन तेंदुलकर को इस मुकाम तक पहुंचने में 361 पारियां लगी थीं। इस तरह विराट ने 74 पारियां कम खेलकर यह आंकड़ा हासिल किया।

    विराट के नाम अब वनडे क्रिकेट में 55 शतक हैं और यह संख्या अपने आप में उनकी बल्लेबाजी की निरंतरता को दिखाती है। हालांकि सचिन तेंदुलकर के वनडे करियर में 18426 रन दर्ज हैं और इस मामले में विराट अभी काफी पीछे हैं। वनडे क्रिकेट में मैचों की संख्या और कार्यक्रम पहले की तुलना में कम होने के कारण दोनों खिलाड़ियों के करियर आंकड़ों की सीधी तुलना करना आसान नहीं है।

    विराट और सचिन की तुलना क्रिकेट में अक्सर होती रही है लेकिन केवल आंकड़ों के आधार पर यह तय करना मुश्किल है कि दोनों में कौन बेहतर है। दोनों बल्लेबाज अलग-अलग दौर में खेले और उनके सामने क्रिकेट की परिस्थितियां भी अलग रहीं। सचिन ने अपने लंबे करियर में कई पीढ़ियों के गेंदबाजों का सामना किया जबकि विराट ने आधुनिक दौर के क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है।

    फिलहाल विराट कोहली का ध्यान आगे भी रन बनाने और भारतीय क्रिकेट के लिए बड़े मुकाबलों में योगदान देने पर है। 35 साल की उम्र के बाद सात वनडे शतक और 1555 रन यह जरूर दिखाते हैं कि अनुभव के साथ उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता बनी हुई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले मुकाबलों में विराट अपने आंकड़ों में और कितना इजाफा करते हैं।

  • विराट कोहली के पास एक साथ कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने का मौका! 15000 ODI रन से सिर्फ 59 रन दूर

    विराट कोहली के पास एक साथ कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने का मौका! 15000 ODI रन से सिर्फ 59 रन दूर

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली एक बार फिर मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 27 सितंबर से तीन मैचों की वनडे सीरीज शुरू होने जा रही है और इस सीरीज में क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें विराट कोहली पर टिकी रहेंगी। टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके विराट अब वनडे फॉर्मेट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली यह सीरीज उनके लिए खास हो सकती है। साल 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप से पहले विराट के पास अपनी लय बनाए रखने के साथ साथ कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका है।

    विराट कोहली वनडे क्रिकेट में 15000 रन पूरे करने से सिर्फ 59 रन दूर हैं। उन्होंने अब तक 302 पारियों में 58.59 की शानदार औसत से 14941 रन बनाए हैं। अगर वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में विराट 59 रन बना लेते हैं तो वह वनडे क्रिकेट में 15000 रन पूरे करने वाले दुनिया के केवल दूसरे बल्लेबाज बन जाएंगे। उनसे पहले यह उपलब्धि महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर हासिल कर चुके हैं। सचिन के नाम वनडे क्रिकेट में 18426 रन दर्ज हैं। इस लिहाज से विराट के लिए आगामी सीरीज का हर रन एक नए रिकॉर्ड की ओर कदम होगा।

    विराट के पास भारत की धरती पर भी सचिन तेंदुलकर के एक बड़े रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का मौका है। घरेलू मैदान पर विराट ने अब तक 130 वनडे मैचों में 62.42 की औसत से 6867 रन बनाए हैं। वहीं सचिन तेंदुलकर ने भारत में वनडे क्रिकेट खेलते हुए 6976 रन बनाए हैं। विराट को इस आंकड़े को पार करने के लिए 110 रन की जरूरत है। अगर वह वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 110 रन बना लेते हैं तो भारत में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने के मामले में सचिन से आगे निकल सकते हैं।

    विराट कोहली के लिए वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक भी एक बड़ी उपलब्धि लेकर आ सकता है। कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में 10 शतक लगाए हैं। किसी एक टीम के खिलाफ 10 वनडे शतक लगाने वाले वह दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। वहीं वेस्टइंडीज के खिलाफ विराट के नाम फिलहाल 9 वनडे शतक दर्ज हैं। अगर आगामी सीरीज में उनके बल्ले से एक और शतक निकलता है तो वह दो अलग अलग टीमों के खिलाफ 10 या उससे ज्यादा वनडे शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन जाएंगे।

    विराट कोहली आखिरी बार इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम की जर्सी में नजर आए थे। अब लंबे अंतराल के बाद उनकी वापसी का इंतजार खत्म होने वाला है। वनडे क्रिकेट में अपनी जगह बनाए रखने के साथ विराट के सामने कई व्यक्तिगत उपलब्धियां भी हैं। 27 सितंबर से शुरू होने वाली सीरीज इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी क्योंकि इसके प्रदर्शन पर प्रशंसकों की नजर रहेगी और विराट के सामने एक साथ कई रिकॉर्ड तक पहुंचने का मौका होगा।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में विराट की बल्लेबाजी पर खास निगाहें रहेंगी। 59 रन उन्हें 15000 वनडे रनों के क्लब में पहुंचा सकते हैं जबकि 110 रन उन्हें भारत में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने के सचिन तेंदुलकर के आंकड़े के करीब ले जाएंगे। इसके अलावा एक शतक वेस्टइंडीज के खिलाफ उनके 10 शतकों का आंकड़ा पूरा कर सकता है। ऐसे में सीरीज शुरू होने से पहले ही विराट के रिकॉर्ड्स की चर्चा ने क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है।

  • 15 बार देख चुकी हैं 'हनुमान अंश' फिर भी हर बार छलक आते हैं आंसू! नीम करोली बाबा की बेटी से मुलाकात का रागिनी सोना ने खोला राज

    15 बार देख चुकी हैं 'हनुमान अंश' फिर भी हर बार छलक आते हैं आंसू! नीम करोली बाबा की बेटी से मुलाकात का रागिनी सोना ने खोला राज


    नई दिल्ली। फिल्म हनुमान अंश इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने दुनियाभर में 329.30 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है। फिल्म की इस सफलता को लेकर निर्माता रागिनी सोना ने एक ऐसा अनुभव साझा किया है जिसने फिल्म की कहानी के साथ आध्यात्मिक पहलू को भी चर्चा में ला दिया है। रागिनी का मानना है कि फिल्म को नीम करोली बाबा का आशीर्वाद मिला है। उन्होंने रिलीज से पहले बाबा की बेटी गिरिजा जी जिन्हें अम्मा जी के नाम से भी जाना जाता है उनसे हुई मुलाकात का अनुभव साझा किया है।

    रागिनी सोना के मुताबिक फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की इच्छा थी कि फिल्म को आगे बढ़ाने से पहले नीम करोली बाबा के परिवार का आशीर्वाद लिया जाए। इसी सिलसिले में टीम ने अम्मा जी से संपर्क किया। बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या वह हनुमान अंश फिल्म देखना चाहेंगी तो उन्होंने कहा कि जब उन्हें सही समय लगेगा तब वह फिल्म देखेंगी। रागिनी के मुताबिक अब तक अम्मा जी फिल्म को करीब 15 बार देख चुकी हैं और हर बार फिल्म देखते हुए उनकी आंखों में आंसू आ जाते हैं।

    रागिनी ने बताया कि मुलाकात के दौरान अम्मा जी ने उनसे फिल्म बनाने की प्रेरणा के बारे में पूछा। इसके जवाब में उन्होंने अपने बचपन का एक अनुभव साझा किया। रागिनी ने बताया कि जब वह छह साल की थीं तब उनकी मुलाकात नीम करोली बाबा से हुई थी। वहीं विशाल ने बाबा को लेकर किए गए अपने शोध के बारे में बताया। बातचीत के दौरान रागिनी ने यह भी बताया कि उनके पिता नैनीताल में पोस्टेड थे। इसके बाद उनके अनुसार फोन पर ऐसा अनुभव हुआ जिसे वह आज भी चमत्कार मानती हैं।

    रागिनी के मुताबिक अम्मा जी ने अचानक उनके पिता का नाम बता दिया। इसके बाद उन्होंने आगरा स्थित उनके करीब 50 साल पुराने घर की लोकेशन तक बता दी और उनके बड़े भाई का नाम भी लिया। रागिनी का कहना है कि अम्मा जी ने कहा कि उन्हें सब कुछ अपनी आंखों के सामने साफ दिखाई दे रहा है। इस दौरान फिल्म निर्देशक विशाल भी मौजूद थे और रागिनी ने उन्हें इस अनुभव का प्रत्यक्षदर्शी बताया।

    इस घटना से रागिनी बेहद भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू निकल आए। उन्होंने अम्मा जी से पूछा कि उन्हें यह सब कैसे पता चला। रागिनी के अनुसार अम्मा जी ने इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और कहा कि उन्हें खुद नहीं पता लेकिन सब कुछ साफ दिखाई दे रहा था। इस अनुभव के बाद रागिनी का विश्वास और मजबूत हो गया कि शायद उन्हें इस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए बाबा का आशीर्वाद मिला है।

    रागिनी और उनकी टीम ने नीम करोली बाबा के पोते धनंजय जी से भी मुलाकात की। उन्होंने उनके सरल स्वभाव का जिक्र करते हुए कहा कि बाबा का संदेश सभी से प्रेम करने और सभी को भोजन कराने का था और परिवार आज भी इस भावना को आगे बढ़ा रहा है।

    रागिनी ने क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक दोनों ने नई पीढ़ी के बीच नीम करोली बाबा को लेकर जिज्ञासा बढ़ाने में भूमिका निभाई है। रागिनी का कहना है कि कुछ आध्यात्मिक अनुभव ऐसे होते हैं जिन्हें शब्दों में पूरी तरह समझाना मुश्किल होता है और केवल महसूस किया जा सकता है। उनके अनुसार हनुमान अंश अब दर्शकों को नीम करोली बाबा के जीवन और संदेश से परिचित कराने का एक माध्यम बन गई है।

  • विराट कोहली से मुलाकात के बाद मुंबई लौटे शिंदे का iPhone हुआ गायब: रात 3 बजे मचा हड़कंप और 4 बजे विमान में मिला फोन

    विराट कोहली से मुलाकात के बाद मुंबई लौटे शिंदे का iPhone हुआ गायब: रात 3 बजे मचा हड़कंप और 4 बजे विमान में मिला फोन


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ मुंबई लौटने के बाद उस समय अजीब स्थिति बन गई जब उनका iPhone अचानक गायब हो गया। लंदन के करीब एक सप्ताह के दौरे से वापस लौटे शिंदे को घर पहुंचने के लगभग एक घंटे बाद पता चला कि उनका मोबाइल फोन उनके पास नहीं है। इसके बाद उनकी टीम ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और फोन की तलाश शुरू कर दी गई। जांच के दौरान पता चला कि फोन किसी अन्य जगह पर नहीं बल्कि उसी ब्रिटिश एयरवेज के विमान में छूट गया था जिससे शिंदे मुंबई पहुंचे थे। करीब एक घंटे की तलाश के बाद फोन विमान के अंदर मिल गया और रात करीब 4 बजे उसे शिंदे को वापस सौंप दिया गया।

    रिपोर्ट के मुताबिक एकनाथ शिंदे करीब एक सप्ताह के लंदन दौरे पर थे। वह 5 सितंबर को अपने करीबी सहयोगियों के साथ ब्रिटेन के लिए रवाना हुए थे। दौरे के दौरान उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। लंदन से मुंबई लौटते समय उन्होंने ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट से यात्रा की। विमान करीब रात 2 बजे मुंबई पहुंचा था। एयरपोर्ट से निकलने के बाद शिंदे अपने घर चले गए। घर पहुंचने के लगभग एक घंटे बाद रात करीब 3 बजे उन्हें महसूस हुआ कि उनका iPhone उनके पास नहीं है।

    फोन गायब होने की जानकारी मिलते ही शिंदे की टीम सक्रिय हो गई। पुलिस को सूचना देने के बाद एयरलाइन की सुरक्षा टीम से संपर्क किया गया। चूंकि फोन के विमान में छूटने की आशंका थी इसलिए सुरक्षा टीम ने विमान के अंदर उसकी तलाश शुरू की। काफी जांच के बाद फोन विमान के भीतर ही मिल गया। करीब रात 4 बजे iPhone शिंदे को वापस सौंप दिया गया। इस तरह फोन गायब होने से लेकर उसके बरामद होने तक करीब एक घंटे का समय लगा।

    एकनाथ शिंदे के लंदन दौरे के दौरान उनकी मुलाकात भारतीय क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली से भी हुई थी। दोनों की मुलाकात से जुड़ी तस्वीरें और जानकारी सामने आने के बाद यह दौरा चर्चा में रहा था। रिपोर्ट के अनुसार शिंदे ने लंदन में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के पूर्व आवास में बने स्मारक का दौरा भी किया। इसके अलावा लंदन में वड़ा पाव खाते हुए उनकी तस्वीर और वीडियो भी चर्चा में रहे।

    शिंदे के iPhone को लेकर यह जानकारी भी सामने आई है कि वह वीडियो कॉल के लिए नियमित तौर पर इसका इस्तेमाल करते हैं। बैठकों और अन्य व्यस्त कार्यक्रमों के दौरान वह कभी-कभी अपना मोबाइल निजी सहायक को भी सौंप देते हैं। ऐसे में मुंबई लौटने के बाद फोन के गायब होने की जानकारी मिलने पर उनकी टीम ने तुरंत उसकी तलाश शुरू कर दी।

    खास बात यह है कि एकनाथ शिंदे के मोबाइल फोन के गायब होने का यह पहला मामला नहीं बताया जा रहा है। इससे पहले जब वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे तब भी उनका एक फोन गायब हुआ था। बाद में उस फोन को भी बरामद कर लिया गया था। इस बार भी कुछ समय की तलाश के बाद उनका iPhone उसी विमान के भीतर मिल गया। फोन मिलने के बाद शिंदे और उनकी टीम ने राहत की सांस ली।