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  • विदेशी पिचों पर सचिन या कोहली कौन बेहतर? एबी डिविलियर्स की राय ने बढ़ाई चर्चा, आंकड़ों में किसका पलड़ा भारी

    विदेशी पिचों पर सचिन या कोहली कौन बेहतर? एबी डिविलियर्स की राय ने बढ़ाई चर्चा, आंकड़ों में किसका पलड़ा भारी

    नई दिल्ली । सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली भारतीय क्रिकेट के ऐसे दो नाम हैं जिनकी तुलना अक्सर होती रही है। दोनों ने अलग-अलग दौर में भारतीय बल्लेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और दुनिया के मुश्किल क्रिकेटिंग हालात में अपनी काबिलियत साबित की। अब दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स ने दोनों दिग्गजों की विदेशी परिस्थितियों में सफलता को लेकर अपनी राय रखी है। डिविलियर्स की टिप्पणी के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि सचिन और विराट में आखिर बेहतर बल्लेबाज कौन था।

    डिविलियर्स ने सचिन तेंदुलकर की उपलब्धियों को कमतर आंकने के बजाय यह कहा कि सचिन ने भारतीय बल्लेबाजों के लिए एक रास्ता तैयार किया था। उनके मुताबिक सचिन उन शुरुआती भारतीय बल्लेबाजों में थे जिन्होंने यह विश्वास पैदा किया कि उपमहाद्वीप से आने वाला बल्लेबाज तेज गेंदबाजों की उछाल और सीम वाली परिस्थितियों में भी सफल हो सकता है। हालांकि डिविलियर्स का मानना है कि विराट कोहली ने इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए उसे एक अलग स्तर तक पहुंचाया।

    डिविलियर्स की बात का सबसे चर्चित हिस्सा यही रहा कि उन्होंने विराट कोहली को विदेशी परिस्थितियों में सचिन से अधिक मजबूत बताया। उनकी राय के मुताबिक कोहली ने विदेशों में भारतीय बल्लेबाजी के आत्मविश्वास को और बढ़ाया और टीम इंडिया को विदेशी मैदानों पर एक मजबूत टेस्ट टीम बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस बयान ने सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में सचिन बनाम विराट की पुरानी बहस को फिर हवा दे दी है।

    हालांकि अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखाई देती है। सचिन तेंदुलकर ने 200 टेस्ट मैचों में 15,921 रन बनाए और टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने हुए हैं। उनके टेस्ट करियर का बड़ा हिस्सा विदेशी मैदानों पर भी सफल रहा। आंकड़ों के अनुसार सचिन ने दक्षिण अफ्रीका इंग्लैंड न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में 63 टेस्ट खेलकर 51.30 की औसत से 5,387 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 17 शतक और 23 अर्धशतक लगाए।

    वहीं विराट कोहली ने 123 टेस्ट मैचों में 9,230 रन बनाए। भारत के बाहर खेले गए 66 टेस्ट में उनके नाम 4,774 रन दर्ज हैं। चार प्रमुख विदेशी देशों दक्षिण अफ्रीका इंग्लैंड न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में कोहली ने 46 टेस्ट मैचों में 42.08 की औसत से 3,661 रन बनाए। उनके नाम इन परिस्थितियों में 12 शतक और 14 अर्धशतक रहे। यानी कुल विदेशी आंकड़ों में सचिन का पलड़ा मजबूत नजर आता है जबकि डिविलियर्स ने कोहली के प्रभाव और उनके दौर में भारतीय टीम की मानसिकता में आए बदलाव को अधिक महत्व दिया।

    डिविलियर्स ने मौजूदा भारतीय बल्लेबाजों का भी जिक्र किया और कहा कि सचिन और विराट ने अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए मिसाल कायम की। केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल जैसे बल्लेबाजों को उन्होंने इसी परंपरा का हिस्सा बताया। हालांकि राहुल की विदेशी टेस्ट बल्लेबाजी पर उन्होंने सुधार की गुंजाइश भी बताई। डिविलियर्स के मुताबिक राहुल की तकनीक शानदार है लेकिन विदेशों में उनके औसत से ज्यादा की उम्मीद की जाती है। उन्होंने सलाह दी कि राहुल जब क्रीज पर जम जाएं तो अपनी पारियों को बड़े स्कोर में बदलें और शतक के बाद भी बल्लेबाजी जारी रखते हुए 150 से 180 रन जैसे बड़े स्कोर बनाने की कोशिश करें।

    दरअसल सचिन और विराट की तुलना सिर्फ आंकड़ों से पूरी तरह तय नहीं हो सकती। सचिन ने ऐसे दौर में भारतीय क्रिकेट को विश्व मंच पर स्थापित किया जब विदेशी परिस्थितियों में भारतीय बल्लेबाजों के सामने कई तरह की चुनौतियां थीं। विराट ने उसी आधार को आगे बढ़ाते हुए फिटनेस आक्रामकता और विदेशी जीत की मानसिकता को नई पहचान दी। इसलिए डिविलियर्स का बयान किसी एक खिलाड़ी को पूरी तरह महान साबित करने के बजाय दोनों की विरासत और उनके प्रभाव के अलग-अलग पहलुओं को सामने रखता है। यही वजह है कि सचिन बनाम विराट की बहस शायद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच कभी खत्म नहीं होने वाली।

  • IND vs SL टेस्ट में रिकॉर्ड बुक पर नजर, जडेजा-जायसवाल दे सकते हैं रोहित-कोहली को चुनौती; गिल का दबदबा कायम

    IND vs SL टेस्ट में रिकॉर्ड बुक पर नजर, जडेजा-जायसवाल दे सकते हैं रोहित-कोहली को चुनौती; गिल का दबदबा कायम


    नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज सिर्फ मुकाबले के लिहाज से ही अहम नहीं रहने वाली है बल्कि इस दौरान भारतीय बल्लेबाजों के बीच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में रिकॉर्ड की रेस भी देखने को मिलेगी। रवींद्र जडेजा और यशस्वी जायसवाल के पास WTC में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीयों की सूची में पूर्व कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा को पीछे छोड़ने का शानदार मौका है। खास बात यह है कि जडेजा इस रिकॉर्ड की रेस में विराट कोहली से महज 8 रन पीछे हैं। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी में ही वह कोहली को पीछे छोड़ सकते हैं।

    भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज से पहले तीन दिन का प्रैक्टिस मैच भी खेला जा रहा है। इस मुकाबले में रवींद्र जडेजा ने अर्धशतक लगाकर अपनी शानदार फॉर्म के संकेत दे दिए हैं। दूसरी ओर यशस्वी जायसवाल इस अभ्यास मैच में कुछ खास नहीं कर सके और बिना खाता खोले आउट हो गए। भारतीय कप्तान शुभमन गिल चोट के कारण इस प्रैक्टिस मैच का हिस्सा नहीं हैं। इसके बावजूद WTC में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में गिल का दबदबा कायम है।

    वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज शुभमन गिल हैं। गिल ने 40 मैचों में 2843 रन बनाए हैं और इस सूची में नंबर एक पर हैं। उनके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का नंबर आता है जिन्होंने WTC में 2780 रन बनाए हैं। पूर्व कप्तान रोहित शर्मा 2716 रन के साथ तीसरे स्थान पर हैं जबकि विराट कोहली 2617 रन बनाकर चौथे पायदान पर हैं। रवींद्र जडेजा 2610 रन के साथ पांचवें नंबर पर मौजूद हैं।

    जडेजा के लिए यह सीरीज इसलिए खास है क्योंकि उन्हें विराट कोहली को पीछे छोड़ने के लिए सिर्फ 8 रन की जरूरत है। उनके मौजूदा 2610 रन हैं जबकि कोहली के नाम 2617 रन दर्ज हैं। यानी श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जडेजा जैसे ही 8 रन पूरे करेंगे वह WTC में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीयों की सूची में विराट कोहली को पीछे छोड़कर चौथे स्थान पर पहुंच जाएंगे। इसके बाद उनकी नजर रोहित शर्मा के 2716 रन के आंकड़े पर होगी। जडेजा और रोहित के बीच फिलहाल 106 रन का अंतर है। अगर वह सीरीज में 107 रन या उससे ज्यादा बना लेते हैं तो रोहित शर्मा को भी पीछे छोड़ सकते हैं।

    यशस्वी जायसवाल की स्थिति भी काफी दिलचस्प है। वह अभी 2511 रन के साथ छठे स्थान पर हैं और टॉप-5 में शामिल होने से केवल 100 रन दूर हैं। पांचवें नंबर पर मौजूद जडेजा के 2610 रन हैं। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में जायसवाल के पास टॉप-5 में पहुंचने का बेहतरीन मौका है। उन्हें विराट कोहली के 2617 रन से आगे निकलने के लिए 107 रन और रोहित शर्मा के 2716 रन को पीछे छोड़ने के लिए 206 रन बनाने होंगे।

    रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब WTC की इस रन रेस में नई पीढ़ी के बल्लेबाजों के पास आगे निकलने का मौका है। जडेजा अनुभव के दम पर तेजी से ऊपर चढ़ सकते हैं जबकि जायसवाल के पास लंबा करियर और बड़े स्कोर बनाने का अवसर है। ऐसे में भारत और श्रीलंका की टेस्ट सीरीज के दौरान सिर्फ टीम के प्रदर्शन पर ही नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों की व्यक्तिगत रिकॉर्ड रेस पर भी क्रिकेट फैंस की नजरें रहेंगी।

    फिलहाल शुभमन गिल 2843 रन के साथ इस सूची में सबसे आगे हैं और ऋषभ पंत 2780 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा के बीच भी ज्यादा बड़ा अंतर नहीं है। ऐसे में आने वाली टेस्ट सीरीज भारतीय क्रिकेट के WTC इतिहास में रन बनाने वालों की सूची को काफी हद तक बदल सकती है।

  • भारत का सबसे महान क्रिकेटर कौन? अजिंक्य रहाणे ने लिया सचिन तेंदुलकर का नाम, बताया क्यों हैं सभी युगों के महान खिलाड़ी

    भारत का सबसे महान क्रिकेटर कौन? अजिंक्य रहाणे ने लिया सचिन तेंदुलकर का नाम, बताया क्यों हैं सभी युगों के महान खिलाड़ी


    नई दिल्ली। भारत में क्रिकेट को लेकर जब भी महान खिलाड़ियों की चर्चा होती है तो सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे नाम सबसे पहले सामने आते हैं। दोनों ने अलग अलग दौर में भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयां दी हैं और दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है। ऐसे में जब पूर्व भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे से भारत के सबसे महान क्रिकेटर का नाम पूछा गया तो उनके सामने आसान सवाल नहीं था। हालांकि काफी सोचने के बाद रहाणे ने जिस खिलाड़ी का नाम लिया वह क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर हैं।

    हाल ही में क्रिकेट से संन्यास लेने वाले अजिंक्य रहाणे ने स्टिक टू क्रिकेट के एक एपिसोड में भारत के ऑल टाइम महान क्रिकेटर को लेकर अपनी पसंद बताई। उनसे जब पूछा गया कि भारत का अब तक का सबसे महान क्रिकेटर कौन है तो उन्होंने कहा कि एक नाम चुनना काफी मुश्किल है लेकिन शायद सचिन तेंदुलकर। रहाणे ने सचिन को सभी युगों का महान खिलाड़ी बताया। उनके इस जवाब ने एक बार फिर सचिन तेंदुलकर की महानता और भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को चर्चा के केंद्र में ला दिया।

    रहाणे की सचिन से मुलाकात केवल एक प्रशंसक और महान खिलाड़ी के तौर पर नहीं रही है। उन्हें कई बार सचिन के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का मौका भी मिला। रहाणे ने 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था और इसके बाद भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने भारत के मजबूत मध्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विराट कोहली तथा चेतेश्वर पुजारा जैसे खिलाड़ियों के साथ लंबे समय तक टीम का हिस्सा रहे।

    सचिन के साथ रहाणे का जुड़ाव घरेलू क्रिकेट और आईपीएल तक भी रहा। 2009 के आईपीएल सीजन में दोनों मुंबई इंडियंस की टीम में साथ थे। इसके अलावा घरेलू क्रिकेट में भी दोनों ने मुंबई के लिए साथ खेला। रहाणे को भारत की ओर से सचिन के साथ टेस्ट मैच खेलने का अवसर भी मिला। ऐसे में सचिन के खेल को करीब से देखने वाले रहाणे के लिए उन्हें भारत का महानतम क्रिकेटर चुनना काफी खास माना जा रहा है।

    सचिन तेंदुलकर का अंतरराष्ट्रीय करियर करीब 24 वर्षों तक चला। उन्होंने 1989 में महज 16 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने भारतीय क्रिकेट को कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दिलाईं। सचिन ने कुल 664 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले जिनमें 200 टेस्ट 463 वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला शामिल है।

    टेस्ट क्रिकेट में सचिन के नाम 15,921 रन हैं जबकि वनडे क्रिकेट में उन्होंने 18,426 रन बनाए। वह टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूपों में लंबे समय तक सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उनका नाम क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे रिकॉर्ड के साथ दर्ज है जिन्हें हासिल करना किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद कठिन माना जाता है। वह दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्होंने 200 टेस्ट मैच खेले हैं।

    सचिन के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2011 वनडे विश्व कप जीत भी शामिल है। भारतीय टीम ने घरेलू मैदान पर विश्व कप अपने नाम किया और सचिन के लिए यह ट्रॉफी उनके लंबे करियर की सबसे भावुक उपलब्धियों में से एक रही। उन्होंने वर्षों तक विश्व कप जीतने का सपना देखा था और आखिरकार 2011 में यह सपना पूरा हुआ।

    विराट कोहली भी आधुनिक क्रिकेट के सबसे बड़े बल्लेबाजों में शामिल हैं और उनकी उपलब्धियों की तुलना अक्सर सचिन से की जाती है। इसके बावजूद रहाणे ने अपने ऑल टाइम महान क्रिकेटर के रूप में सचिन का नाम चुना है। उनका यह चयन इस बात को दर्शाता है कि सचिन तेंदुलकर का प्रभाव केवल उनके आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने कई पीढ़ियों के क्रिकेटरों को प्रेरित किया है।

  • सबसे वैल्यूबल सेलेब्रिटी की नई रैंकिंग जारी, रणवीर सिंह आगे निकले; विराट कोहली पीछे, रणबीर कपूर फिसले

    सबसे वैल्यूबल सेलेब्रिटी की नई रैंकिंग जारी, रणवीर सिंह आगे निकले; विराट कोहली पीछे, रणबीर कपूर फिसले


    नई दिल्ली। भारत के सबसे वैल्यूबल सेलेब्रिटी ब्रांड्स की नई रैंकिंग सामने आने के बाद मनोरंजन और खेल जगत में नई चर्चा शुरू हो गई है। इस बार बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने एक बार फिर अपनी बादशाहत कायम रखते हुए देश के सबसे वैल्यूबल सेलेब्रिटी का खिताब अपने नाम किया है। वहीं रणवीर सिंह ने शानदार छलांग लगाते हुए क्रिकेट स्टार विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया है। इस नई सूची ने यह साफ कर दिया है कि मनोरंजन और विज्ञापन जगत में सितारों की लोकप्रियता लगातार बदल रही है और ब्रांड वैल्यू के मामले में कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है।

    रिपोर्ट के अनुसार शाहरुख खान की अनुमानित ब्रांड वैल्यू 177.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई है। इसी के साथ वह देश के सबसे मूल्यवान सेलेब्रिटी ब्रांड बन गए हैं। दूसरे स्थान पर रणवीर सिंह ने कब्जा जमाया है जिनकी ब्रांड वैल्यू 162.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर बताई गई है। यह उपलब्धि उनके करियर के लिए बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछले साल तक इस स्थान पर विराट कोहली थे। इस बार विराट कोहली 158.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ब्रांड वैल्यू के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

    रैंकिंग में क्रिकेट और बॉलीवुड दोनों का दबदबा देखने को मिला। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर 125.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ब्रांड वैल्यू के साथ चौथे स्थान पर रहे जबकि पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 115.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर के साथ पांचवें नंबर पर हैं। इससे साफ है कि खेल जगत के दिग्गज आज भी विज्ञापन बाजार में सबसे भरोसेमंद चेहरों में शामिल हैं।

    महिला सितारों में आलिया भट्ट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छठा स्थान हासिल किया है। उनकी ब्रांड वैल्यू 93.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर बताई गई है। इसके बाद दीपिका पादुकोण सातवें स्थान पर हैं जिनकी ब्रांड वैल्यू 89.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई है। इसके अलावा ऋतिक रोशन आठवें स्थान पर जबकि महानायक अमिताभ बच्चन नौवें स्थान पर मौजूद हैं।

    सूची में रणबीर कपूर और अक्षय कुमार संयुक्त रूप से दसवें स्थान पर रहे। हालांकि टॉप 10 में रणबीर कपूर सबसे निचले पायदान पर दिखाई दिए। इसके बावजूद वह देश के सबसे प्रभावशाली ब्रांड चेहरों में अपनी जगह बनाए रखने में सफल रहे हैं। यह सूची बताती है कि फिल्मों की सफलता के साथ साथ विज्ञापन जगत में विश्वसनीयता और लोकप्रियता भी किसी स्टार की ब्रांड वैल्यू तय करने में बड़ी भूमिका निभाती है।

    रणवीर सिंह के लिए यह उपलब्धि कई मायनों में खास मानी जा रही है। हाल के समय में उनकी फिल्मों की सफलता और लगातार बढ़ती लोकप्रियता ने उन्हें विज्ञापन कंपनियों की पहली पसंद बना दिया है। आने वाले समय में उनकी नई फिल्म प्रलय को लेकर भी दर्शकों में काफी उत्साह है। रिपोर्ट के अनुसार फिल्म की शूटिंग पूरी करने के बाद वह परिवार के साथ समय बिताने के लिए कुछ समय का ब्रेक भी ले सकते हैं।

    नई रैंकिंग यह संकेत देती है कि भारतीय मनोरंजन और खेल जगत के सितारे केवल पर्दे या मैदान तक सीमित नहीं हैं बल्कि वैश्विक ब्रांड्स के लिए भी सबसे बड़े आकर्षण बने हुए हैं। आने वाले वर्षों में यह प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है।

  • टी20 क्रिकेट में नया कीर्तिमान रचने की दहलीज पर अभिषेक शर्मा, 16 रन बनाते ही बनेंगे भारत के चौथे बल्लेबाज

    टी20 क्रिकेट में नया कीर्तिमान रचने की दहलीज पर अभिषेक शर्मा, 16 रन बनाते ही बनेंगे भारत के चौथे बल्लेबाज


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का आगाज गुरुवार से होने जा रहा है। इस मुकाबले में टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के पास अपने नाम एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करने का सुनहरा अवसर होगा। अगर वह पहले मुकाबले में सिर्फ 16 रन बना लेते हैं तो टी20 क्रिकेट में अपने छह हजार रन पूरे कर लेंगे और इस मुकाम तक पहुंचने वाले भारत के चौथे बल्लेबाज बन जाएंगे।

    अभिषेक शर्मा ने अब तक टी20 क्रिकेट की 199 पारियों में 5984 रन बनाए हैं। उन्हें छह हजार रन का आंकड़ा छूने के लिए केवल 16 रन की जरूरत है। यह उपलब्धि हासिल करते ही वह विराट कोहली, केएल राहुल और शुभमन गिल जैसे दिग्गज बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो जाएंगे। भारतीय क्रिकेट के लिए यह एक और बड़ी उपलब्धि होगी, क्योंकि अभिषेक ने बेहद कम समय में खुद को टी20 प्रारूप के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल किया है।

    भारत की ओर से टी20 क्रिकेट में सबसे तेज छह हजार रन बनाने का रिकॉर्ड केएल राहुल के नाम है। उन्होंने यह उपलब्धि 166 पारियों में हासिल की थी। विराट कोहली ने 184 पारियों में यह मुकाम छुआ, जबकि शुभमन गिल ने 185 पारियों में छह हजार रन पूरे किए। अब अभिषेक शर्मा भी इस खास क्लब में शामिल होने से महज एक छोटी पारी दूर हैं।

    अभिषेक के पास इस सीरीज में एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका है। यदि वह तीन मैचों की इस श्रृंखला में 142 रन बनाने में सफल रहते हैं तो भारत की ओर से टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शिखर धवन को पीछे छोड़ देंगे। फिलहाल अभिषेक के नाम 53 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 1618 रन दर्ज हैं, जबकि शिखर धवन ने 68 मुकाबलों में 1759 रन बनाए थे।

    इतना ही नहीं, जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 मुकाबलों में भी अभिषेक इतिहास रचने के बेहद करीब हैं। उन्होंने इस टीम के खिलाफ अब तक छह मैचों में 179 रन बनाए हैं और वह इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। शीर्ष पर जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा हैं, जिन्होंने 11 मैचों में 194 रन बनाए हैं। ऐसे में अभिषेक यदि पहले मुकाबले में 16 रन बना लेते हैं तो वह भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 मुकाबलों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे।

    हालांकि हालिया इंग्लैंड दौरे पर खेले गए आखिरी तीन टी20 मुकाबलों में अभिषेक का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। ऐसे में जिम्बाब्वे के खिलाफ यह सीरीज उनके लिए शानदार वापसी का अवसर भी मानी जा रही है। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के खिलाफ उनका रिकॉर्ड भी शानदार रहा है और टीम इंडिया को उनसे एक बार फिर आक्रामक शुरुआत की उम्मीद होगी।

    अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें पहले टी20 मुकाबले पर टिकी हैं, जहां अभिषेक शर्मा के बल्ले से निकले सिर्फ 16 रन उन्हें भारतीय टी20 क्रिकेट के एक खास रिकॉर्ड क्लब में जगह दिला सकते हैं।

  • रोहित-कोहली की ऐतिहासिक साझेदारी, 400 अंतरराष्ट्रीय मैच साथ खेलने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनी

    रोहित-कोहली की ऐतिहासिक साझेदारी, 400 अंतरराष्ट्रीय मैच साथ खेलने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनी

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के दो सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में मैदान पर उतरते ही दोनों खिलाड़ियों ने एक साथ 400 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड बना दिया। इसके साथ ही रोहित और विराट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह मुकाम हासिल करने वाली पहली भारतीय जोड़ी बन गए हैं।

    दोनों दिग्गज पिछले डेढ़ दशक से भारतीय क्रिकेट की रीढ़ रहे हैं। कई यादगार जीत, बड़े टूर्नामेंट और ऐतिहासिक साझेदारियों के गवाह रहे रोहित और विराट की यह उपलब्धि उनकी निरंतरता, फिटनेस और लंबे समय तक टीम में अहम भूमिका निभाने का प्रमाण है।

    हालांकि वैश्विक स्तर पर इस सूची में अभी भी श्रीलंका के दिग्गज खिलाड़ियों का दबदबा कायम है। कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने की जोड़ी 550 अंतरराष्ट्रीय मैचों के साथ पहले स्थान पर है। दूसरे स्थान पर महेला जयवर्धने और तिलकरत्ने दिलशान की जोड़ी है, जिसने 426 मुकाबले साथ खेले। तीसरे स्थान पर कुमार संगकारा और तिलकरत्ने दिलशान 418 मैचों के साथ मौजूद हैं, जबकि सनथ जयसूर्या और मुथैया मुरलीधरन की जोड़ी 408 मैचों के साथ चौथे स्थान पर है। दक्षिण अफ्रीका के जैक्स कैलिस और मार्क बाउचर ने 407 मुकाबले साथ खेले हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली 400 मैचों के साथ इस प्रतिष्ठित सूची में छठे स्थान पर पहुंच गए हैं। भारत के ही सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ की जोड़ी 391 मैचों के साथ सातवें स्थान पर है।

    इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बीच भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में सीरीज का निर्णायक मुकाबला खेला जा रहा है। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। भारतीय टीम को इस मैच में बड़ा झटका तब लगा जब तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने में सूजन के कारण फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर सके और उन्हें अंतिम एकादश से बाहर होना पड़ा। वहीं हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वॉशिंगटन सुंदर भी उपलब्ध नहीं रहे।

    भारतीय टीम ने बुमराह और वॉशिंगटन सुंदर की जगह युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव और अर्शदीप सिंह को मौका दिया, जबकि इंग्लैंड ने अपनी प्लेइंग इलेवन में साकिब महमूद की जगह जोश टंग को शामिल किया।

    रोहित शर्मा और विराट कोहली की 400 मैचों की यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। दोनों खिलाड़ियों ने वर्षों तक अपने शानदार प्रदर्शन, निरंतरता और अनुभव से टीम इंडिया को कई यादगार जीत दिलाई हैं। यह रिकॉर्ड उनकी महान क्रिकेट यात्रा का एक और स्वर्णिम पड़ाव माना जा रहा है।

  • रोहित विराट की वापसी से मजबूत हुई टीम इंडिया कल इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में जीत का होगा लक्ष्य

    रोहित विराट की वापसी से मजबूत हुई टीम इंडिया कल इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में जीत का होगा लक्ष्य


    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की बहुप्रतीक्षित वनडे सीरीज का आगाज 14 जुलाई से होने जा रहा है। पहला मुकाबला इंग्लैंड के बर्मिंघम स्थित एजबेस्टन क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। टी20 सीरीज में मिली निराशा के बाद भारतीय टीम अब वनडे प्रारूप में दमदार वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। भारतीय समयानुसार मुकाबला दोपहर साढ़े तीन बजे शुरू होगा जबकि टॉस तीन बजे होगा। दोनों टीमें जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करना चाहेंगी इसलिए पहले मुकाबले में कड़ी टक्कर देखने की पूरी उम्मीद है।

    वनडे क्रिकेट में भारत का रिकॉर्ड इंग्लैंड के खिलाफ काफी शानदार रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक 110 एकदिवसीय मुकाबले खेले जा चुके हैं जिनमें भारत ने 61 मैच अपने नाम किए हैं जबकि इंग्लैंड को 44 मुकाबलों में जीत मिली है। दो मैच टाई रहे और तीन मुकाबलों का कोई परिणाम नहीं निकल सका। आंकड़े बताते हैं कि इस प्रारूप में भारतीय टीम का पलड़ा इंग्लैंड पर भारी रहा है और यही रिकॉर्ड खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ाएगा।

    भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली की वापसी है। दोनों अनुभवी खिलाड़ी टीम के बल्लेबाजी क्रम को मजबूती देंगे। कप्तान शुभमन गिल युवा जोश के साथ टीम का नेतृत्व करेंगे जबकि श्रेयस अय्यर केएल राहुल ईशान किशन और अक्षर पटेल मध्यक्रम को संतुलन प्रदान करेंगे। ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे भी टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं। गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह की अगुवाई में प्रसिद्ध कृष्णा अर्शदीप सिंह कुलदीप यादव और अन्य गेंदबाज विपक्षी बल्लेबाजों को चुनौती देने के लिए तैयार हैं।

    दूसरी ओर इंग्लैंड की कप्तानी हैरी ब्रूक के हाथों में होगी। टीम में जो रूट जोस बटलर बेन डकेट जोफ्रा आर्चर आदिल राशिद और सैम करन जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं जो किसी भी समय मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए इंग्लैंड पूरी तैयारी के साथ मैदान पर उतरेगा।

    अगर पिच की बात करें तो एजबेस्टन की सतह शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। नई गेंद से स्विंग और अतिरिक्त उछाल मिलने की संभावना रहती है लेकिन समय बीतने के साथ बल्लेबाजी आसान हो जाती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करना पसंद कर सकती है ताकि बड़ा स्कोर बनाकर विपक्ष पर दबाव बनाया जा सके।

    मौसम भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। मौसम विभाग के अनुसार मैच के दौरान बारिश की संभावना बेहद कम है और पूरे दिन आसमान साफ रहने की उम्मीद है। इससे मुकाबले के बिना किसी रुकावट के पूरे 50 ओवर खेले जाने की संभावना बढ़ गई है।

    क्रिकेट प्रशंसक इस रोमांचक मुकाबले का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख सकेंगे जबकि मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग जियोस्टार ऐप पर उपलब्ध रहेगी। पहले मुकाबले के साथ शुरू होने वाली यह सीरीज दोनों टीमों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई साबित हो सकती है और क्रिकेट प्रेमियों को हाई वोल्टेज मुकाबलों का रोमांच देखने को मिलेगा।

  • विराट संग क्रिकेट खेलना चाहते हैं नोवाक जोकोविच: बोले- भारत आकर कोहली से सीखूंगा बैटिंग तकनीक

    विराट संग क्रिकेट खेलना चाहते हैं नोवाक जोकोविच: बोले- भारत आकर कोहली से सीखूंगा बैटिंग तकनीक


    नई दिल्ली । दुनिया के महान टेनिस खिलाड़ियों में शामिल नोवाक जोकोविच ने भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली की जमकर तारीफ करते हुए कहा है कि वह जल्द भारत आने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर की कि भारत दौरे के दौरान वह विराट कोहली के साथ क्रिकेट और टेनिस दोनों खेलना चाहेंगे। जोकोविच ने कहा कि उनके मन में विराट और भारतीय क्रिकेट के प्रति बेहद सम्मान है और वह भारत आकर इस दोस्ती को और मजबूत बनाना चाहते हैं।

    एक बातचीत के दौरान जोकोविच ने कहा कि वह लंबे समय से भारत आने की योजना बना रहे हैं और इस संबंध में विराट कोहली से भी चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि विराट केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के सबसे बड़े खेल सितारों में शामिल हैं। यदि उन्हें भारत आने का अवसर मिला तो वह चाहेंगे कि विराट उनके मेजबान बनें और उन्हें देश की संस्कृति तथा प्रमुख स्थानों से परिचित कराएं।

    सर्बिया के रहने वाले जोकोविच ने बताया कि उनके देश में क्रिकेट लोकप्रिय खेल नहीं है, लेकिन उनकी टीम के कुछ सदस्य ब्रिटेन से हैं और उन्हें क्रिकेट का काफी शौक है। इसी वजह से पिछले कई वर्षों में उन्होंने क्रिकेट को समझने और उसके नियम सीखने की कोशिश की है। हालांकि उन्होंने मुस्कुराते हुए स्वीकार किया कि उनकी क्रिकेट तकनीक अभी भी बहुत बेहतर नहीं है और उन्हें उम्मीद है कि विराट कोहली उनकी बैटिंग तकनीक और बैट स्विंग सुधारने में मदद करेंगे।

    जोकोविच ने कहा कि विराट कोहली की खेल भावना, अनुशासन और मैदान पर समर्पण उन्हें हमेशा प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट ने विश्व खेल जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है और उसके लिए उनके मन में विशेष सम्मान है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत आकर विराट के साथ समय बिताना उनके लिए यादगार अनुभव होगा।

    इस बीच जोकोविच ने विंबलडन में भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। उन्होंने चौथे दौर के मुकाबले में रोमन सफीउलिन को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ उन्होंने विंबलडन पुरुष एकल में सबसे अधिक जीत दर्ज करने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। लगातार नौवीं बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले जोकोविच ने अपनी इस उपलब्धि को बेहद खास बताया।

    उन्होंने कहा कि विंबलडन उनके लिए केवल एक टूर्नामेंट नहीं बल्कि बचपन का सपना है। बचपन से ही वह यहां चैंपियन बनने और दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी बनने का सपना देखते थे। सात बार विंबलडन का खिताब जीतना और इतने वर्षों तक लगातार शीर्ष स्तर पर खेलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सेंटर कोर्ट पर खेलने का अनुभव हमेशा उन्हें अतिरिक्त ऊर्जा और आत्मविश्वास देता है तथा वह इस वर्ष भी खिताब जीतने की पूरी कोशिश करेंगे।

    अब क्वार्टर फाइनल में जोकोविच का मुकाबला फेलिक्स ऑगर अलियासिमे और एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना के बीच होने वाले विजेता से होगा। टेनिस प्रेमियों की नजर एक बार फिर इस दिग्गज खिलाड़ी के अगले मुकाबले पर टिकी हुई है।

  • 'यह जगह घर की तरह', विराट कोहली ने आरसीबी के लगातार 2 बार चैंपियन बनने पर लिखा भावुक संदेश

    'यह जगह घर की तरह', विराट कोहली ने आरसीबी के लगातार 2 बार चैंपियन बनने पर लिखा भावुक संदेश


    नई दिल्ली । रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की लगातार दूसरी आईपीएल खिताबी जीत के बाद स्टार बल्लेबाज Virat Kohli ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया है। उन्होंने टीम के सफर, संघर्ष और भावनात्मक जुड़ाव को “घर” जैसा बताया।

    कोहली का भावुक पोस्ट
    कोहली ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सीजन की शुरुआत भरोसे के साथ हुई थी और अंत लगातार दो खिताबों के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि इस टीम ने हर भावनात्मक उतार-चढ़ाव को साथ झेला और मुश्किल हालात में भी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। कोहली के मुताबिक, “यह जगह घर की तरह है”-जो उनकी टीम के साथ गहरे जुड़ाव को दिखाता है।

    लगातार दूसरी बार RCB चैंपियन
    Royal Challengers Bengaluru ने आईपीएल 2025 और 2026 में लगातार दो खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। 18 साल के लंबे इंतजार के बाद पहली बार खिताब जीतने के बाद टीम ने अगले ही सीजन में ट्रॉफी डिफेंड कर ली।

    फाइनल मुकाबले का हाल
    आईपीएल 2026 का फाइनल नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया, जहां RCB ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। विपक्षी टीम को 155 रन पर रोकने के बाद RCB ने 161 रन बनाकर 5 विकेट से मैच जीत लिया। इस फाइनल में कोहली ने अहम भूमिका निभाई और 42 गेंदों पर 75 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। उनकी इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

    पूरे सीजन में कोहली का प्रदर्शन
    पूरे सीजन में कोहली का फॉर्म शानदार रहा। उन्होंने 16 मैचों में 675 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 5 अर्धशतक शामिल रहे। उनकी लगातार रन बनाने की क्षमता टीम की सफलता की सबसे बड़ी वजहों में से एक रही।

    कप्तानी और टीम का योगदान
    कप्तान रजत पाटीदार की रणनीति और गेंदबाजों के संतुलित प्रदर्शन ने भी टीम को मजबूती दी। गेंदबाजी ने फाइनल में खास भूमिका निभाई और विपक्ष को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका।

  • अफगानिस्तान सीरीज से विराट कोहली के बाहर होने की खबर, भारतीय टीम की बढ़ी चिंता

    अफगानिस्तान सीरीज से विराट कोहली के बाहर होने की खबर, भारतीय टीम की बढ़ी चिंता


    नई दिल्ली । अफगानिस्तान के खिलाफ 13 जून से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले भारतीय क्रिकेट टीम की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज Virat Kohli हैमस्ट्रिंग चोट के कारण सीरीज से बाहर हो सकते हैं। हालांकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार विराट कोहली फिलहाल हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। चोट कब और कैसे लगी, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि उन्हें आईपीएल 2026 के फाइनल मुकाबले के दौरान परेशानी हुई थी। फाइनल में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

    कोहली की संभावित गैरमौजूदगी भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। खास बात यह है कि कप्तान Rohit Sharma की फिटनेस को लेकर भी सवाल बने हुए हैं। रोहित और Hardik Pandya दोनों को वनडे टीम में शामिल किया गया है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें सीरीज से पहले फिटनेस टेस्ट पास करना होगा।

    13 जून से शुरू होगी सीरीज
    भारत और Afghanistan national cricket team के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 13 जून को धर्मशाला में खेला जाएगा। दूसरा मैच 17 जून को लखनऊ में होगा, जबकि तीसरा और अंतिम मुकाबला 20 जून को चेन्नई के M. A. Chidambaram Stadium में आयोजित किया जाएगा।

    यदि विराट कोहली वास्तव में सीरीज से बाहर होते हैं, तो टीम प्रबंधन को मध्यक्रम में नया संयोजन तैयार करना पड़ सकता है। चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों को मौका देने पर भी विचार कर सकते हैं।

    आईपीएल 2026 में रहा शानदार प्रदर्शन
    विराट कोहली का आईपीएल 2026 सीजन बेहद शानदार रहा था। उन्होंने 16 मैचों में 675 रन बनाए और टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में चौथे स्थान पर रहे। उनका स्ट्राइक रेट 165 का रहा, जो उनके टी20 करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है।

    फाइनल मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में नाबाद 75 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। इस दौरान उन्होंने 25 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर आईपीएल फाइनल में अपनी सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड भी बनाया। उनकी शानदार बल्लेबाजी की बदौलत उनकी टीम लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने में सफल रही।

    अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर भारतीय टीम प्रबंधन और मेडिकल अपडेट पर टिकी है। यदि कोहली पूरी तरह फिट नहीं होते हैं तो अफगानिस्तान सीरीज में भारत को अपने सबसे अनुभवी बल्लेबाज के बिना मैदान में उतरना पड़ सकता है।