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  • युद्ध का नया चेहरा: यूक्रेन के रोबोटों के सामने रूसी सैनिकों ने डाले हथियार, जेलेंस्की का बड़ा दावा

    युद्ध का नया चेहरा: यूक्रेन के रोबोटों के सामने रूसी सैनिकों ने डाले हथियार, जेलेंस्की का बड़ा दावा

    कीव। रूस-यूक्रेन युद्ध अब ऐसे दौर में पहुंच चुका है, जहां विज्ञान-कथा जैसी बातें हकीकत बनती नजर आ रही हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि उनकी सेना के ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम और ड्रोन ने मिलकर एक रूसी सैन्य ठिकाने पर कब्जा कर लिया।

    रोबोटों के आगे झुके दुश्मन सैनिक
    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस पूरे ऑपरेशन में यूक्रेन का कोई भी सैनिक सीधे तौर पर शामिल नहीं था। दुश्मन सैनिकों को रोबोटिक सिस्टम्स के सामने आत्मसमर्पण करना पड़ा। माना जा रहा है कि दुनिया के किसी भी युद्ध में इस तरह की यह पहली घटना है। हालांकि ऑपरेशन की लोकेशन का खुलासा नहीं किया गया है।

    भविष्य की जंग का संकेत
    अगर जेलेंस्की का दावा सही साबित होता है, तो यह युद्ध के बदलते स्वरूप का बड़ा उदाहरण बन सकता है। उनके सलाहकार अलेक्जेंडर कामिशिन के अनुसार आने वाले समय में अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल युद्ध की रणनीति को पूरी तरह बदल सकते हैं। फिलहाल यूक्रेन अपनी करीब 30 प्रतिशत पैदल सेना को रोबोट से बदलने की क्षमता रखता है।

    बिना सैनिक नुकसान के ऑपरेशन सफल
    राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि यह पूरा मिशन पूरी तरह मानव रहित प्लेटफॉर्म के जरिए अंजाम दिया गया। इस दौरान किसी भी यूक्रेनी सैनिक की जान जोखिम में नहीं पड़ी और बिना किसी नुकसान के दुश्मन के ठिकाने पर कब्जा कर लिया गया।

    हजारों मिशन पूरे कर चुके रोबोट
    जेलेंस्की के मुताबिक यूक्रेन के रेटेल टर्मिट, अर्दल और जमी जैसे रोबोटिक सिस्टम्स ने पिछले तीन महीनों में 22,000 से अधिक मिशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। उन्होंने बताया कि जहां पहले सैनिकों को खतरनाक इलाकों में भेजा जाता था, अब वहां रोबोट तैनात किए जा रहे हैं, जिससे हजारों सैनिकों की जान बचाई जा रही है।

  • महाजंग के अंत की उम्मीद: 100% तैयार हुआ अमेरिकी सुरक्षा गारंटी दस्तावेज, जेलेंस्की बोले- अब बस हस्ताक्षर का इंतजार

    महाजंग के अंत की उम्मीद: 100% तैयार हुआ अमेरिकी सुरक्षा गारंटी दस्तावेज, जेलेंस्की बोले- अब बस हस्ताक्षर का इंतजार


    नई दिल्ली । चार साल से जारी भीषण रक्तपात के बीच रूस और यूक्रेन के बीच समझौते की सुगबुगाहट तेज हो गई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को लिथुआनिया की राजधानी विलनियस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में दो दिनों तक चली सघन त्रिपक्षीय वार्ता के बाद अमेरिकी सुरक्षा गारंटी से जुड़ा ऐतिहासिक दस्तावेज अब 100 प्रतिशत तैयार’ है।

    जेलेंस्की ने इस वार्ता को ऐतिहासिक बताया क्योंकि इसमें पहली बार यूक्रेन, रूस और अमेरिका के न केवल राजनयिक, बल्कि सैन्य अधिकारी भी आमने-सामने बैठे थे। उन्होंने कहा यह दस्तावेज हमारे देश के सुरक्षित भविष्य की नींव है। अब हमें बस अपने साझेदारों अमेरिका द्वारा हस्ताक्षर की तारीख और स्थान तय किए जाने का इंतजार है। हस्ताक्षर के बाद इस प्रस्ताव को कानूनी अमलीजामा पहनाने के लिए अमेरिकी कांग्रेस और यूक्रेनी संसद वेरखोव्ना राडा की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

    20-सूत्रीय शांति योजना और चुनौतियां रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने इस शांति प्रक्रिया के लिए 20-सूत्रीय एक विस्तृत योजना पेश की है। जेलेंस्की ने माना कि पहले कई विवादित मुद्दे थे, लेकिन हालिया बातचीत के बाद उनकी संख्या कम हुई है। हालांकि, सबसे बड़ा पेंच अब भी क्षेत्रीय अखंडता को लेकर फंसा हुआ है। जहाँ रूस पूर्वी डोनबास क्षेत्र से यूक्रेनी सेना की पूरी वापसी की मांग कर रहा है, वहीं जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन अपनी क्षेत्रीय अखंडता पर कोई समझौता नहीं करेगा।

    आर्थिक सुरक्षा और भविष्य का विजन सुरक्षा गारंटी के साथ-साथ जेलेंस्की ने यूक्रेन की आर्थिक स्थिरता पर भी जोर दिया। उन्होंने दोहराया कि उनका लक्ष्य 2027 तक यूरोपीय संघ की पूर्ण सदस्यता हासिल करना है। उन्होंने इसे ‘आर्थिक सुरक्षा की गारंटी’ करार दिया। अबू धाबी में अगली दौर की बातचीत आगामी रविवार 1 फरवरी को होने की संभावना है, जिसमें अमेरिकी मध्यस्थ और दोनों देशों के सैन्य प्रतिनिधि शेष तकनीकी और राजनीतिक मतभेदों को सुलझाने का प्रयास करेंगे।