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  • सोशल मीडिया पर लिया वजन घटाने का उपाय, खाते ही तड़प-तड़प कर हो गई छात्रा की मौत

    सोशल मीडिया पर लिया वजन घटाने का उपाय, खाते ही तड़प-तड़प कर हो गई छात्रा की मौत


    मदुरै । लोग इंटरनेट या सोशल मीडिया पर अक्सर वजन घटाने के लिए उपायों की तलाश करते रहते हैं। हाल ही में यह एक छात्रा की दर्दनाक मौत का कारण बन गया। जानकारी के मुताबिक वजन घटाने के लिए सोशल मीडिया पर एक वीडियो में बताए गए तरीके के अनुसार ‘वेंकारम’ यानी बोरेक्स का सेवन करने के बाद स्नातक की प्रथम वर्ष की एक कॉलेज छात्रा की मौत हो गई है।

    पुलिस ने मंगलवार बताया कि 19 वर्षीय कलैयारसी दिहाड़ी मजदूर वेल मुरुगन (51) और विजयलक्ष्मी की पुत्री थी और नरिमेडु स्थित एक निजी महिला कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। वह सेलूर के मीनाम्बलपुरम इलाके की कामराज क्रॉस स्ट्रीट में रहती थी।

    पुलिस ने बताया कि वजन कुछ ज्यादा होने के कारण कलैयारसी अक्सर वजन घटाने से जुड़े उपाय तलाशती रहती थी।

    पिछले सप्ताह उसने ‘वजन घटाने और छरहरी काया के लिए वेंकारम’ शीर्षक वाला एक यूट्यूब वीडियो देखा था और 16 जनवरी को कीझामासी स्ट्रीट के थर्मुट्टी इलाके के पास स्थित दवा की एक दुकान से यह पदार्थ खरीदा।

    पुलिस ने बताया कि कलैयारसी ने 17 जनवरी को वीडियो में बताए गए तरीके से इसका सेवन किया, जिसके बाद उसे उल्टी और दस्त होने लगे। उसकी मां उसे मुनिसलाई स्थित एक निजी अस्पताल ले गई, जहां उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया। हालांकि उसी शाम लक्षण दोबारा उभरे और पास के एक अन्य अस्पताल में इलाज के बाद घर लौटने पर उसने तेज पेट दर्द और मल में खून आने की शिकायत की।

    पुलिस के अनुसार रात करीब 11 बजे उल्टी और दस्त की स्थिति गंभीर हो गई जिसके बाद पड़ोसियों की मदद से उसे सरकारी राजाजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। सेलूर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

  • एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट से आमिर खान ने घटाया 18 किलो वजन, माइग्रेन में भी हुआ बड़ा सुधार, ‘हैप्पी पटेल’ में दिखेंगे कैमियो में

    एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट से आमिर खान ने घटाया 18 किलो वजन, माइग्रेन में भी हुआ बड़ा सुधार, ‘हैप्पी पटेल’ में दिखेंगे कैमियो में


    नई दिल्ली।बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान एक बार फिर चर्चा में हैं लेकिन इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं बल्कि उनकी सेहत से जुड़ा बड़ा खुलासा है। आमिर खान ने हाल ही में बताया कि उन्होंने बिना किसी हैवी वर्कआउट के सिर्फ एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट को अपनाकर करीब 18 किलो वजन घटाया है। खास बात यह है कि यह बदलाव उन्होंने किसी अपकमिंग फिल्म के लुक के लिए नहीं बल्कि पूरी तरह से हेल्थ रीजन की वजह से किया है।

    आमिर खान ने बॉलीवुड हंगामा को दिए इंटरव्यू में अपने वेट लॉस को लेकर खुलकर बात की। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने कितना वजन कम किया है तो आमिर ने जवाब दियाअठारह किलो असल में। उन्होंने बताया कि यह बदलाव किसी प्लान के तहत नहीं बल्कि अपने आप हुआ। आमिर के मुताबिक स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने जो नई डाइट फॉलो करना शुरू की उसने किसी करिश्मे की तरह काम किया।इस डाइट का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि आमिर खान की लंबे समय से चली आ रही माइग्रेन की समस्या में भी काफी सुधार देखने को मिला। उन्होंने कहा कि वजन घटने के साथ-साथ उनकी माइग्रेन की परेशानी काफी हद तक कम हो गई है जिससे उनकी लाइफ क्वालिटी बेहतर हुई है। आमिर का मानना है कि सही खानपान न सिर्फ शरीर बल्कि दिमागी सेहत के लिए भी बेहद जरूरी है।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो आमिर खान जल्द ही अपकमिंग फिल्म हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस में नजर आने वाले हैं। हालांकि इसमें उनका लीड रोल नहीं बल्कि एक कैमियो अपीयरेंस होगा। इस फिल्म के जरिए आमिर खान के भांजे इमरान खान भी एक बार फिर बड़े पर्दे पर दिखाई देंगे। हालांकि आमिर ने साफ किया कि इसे इमरान का प्रॉपर कमबैक कहना सही नहीं होगा क्योंकि दोनों का ही फिल्म में कैमियो रोल है।इमरान खान के कमबैक को लेकर चल रही अटकलों पर आमिर ने कहायह इमरान के लिए फुल कमबैक नहीं है। मेरा और इमरान दोनों का कैमियो है। आमिर ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने करियर में बहुत कम कॉमेडी रोल किए हैं लेकिन आज भी लोग उन्हें अंदाज अपना अपना के लिए याद करते हैं।फिल्म में स्टैंडअप कॉमेडियन वीर दास लीड रोल निभा रहे हैं। ट्रेलर पहले ही रिलीज हो चुका है जिसमें वीर दास एक ऐसे लड़के की भूमिका में नजर आ रहे हैं जो लंदन में पला-बढ़ा है और एक खास मिशन के तहत भारत आता है। वीर दास ने फिल्म के लिरिक्स भी खुद लिखे हैं।

    वीर दास ने इंडिया टुडे से बातचीत में फिल्म की थीम पर कहा था कि यह फिल्म हर एनआरआई की सोच पर सवाल उठाती है। उनके मुताबिक कई एनआरआई भारत को जिस नजरिए से देखते हैं वह पूरी तरह गलत है और यह फिल्म उसी सोच को चुनौती देती है।कुल मिलाकर आमिर खान का यह ट्रांसफॉर्मेशन न सिर्फ उनके फैंस के लिए प्रेरणादायक है बल्कि यह भी साबित करता है कि सही डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल से बड़े बदलाव संभव हैं।

  • इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खानी चाहिए मूंगफली, वरना पड़ जाएंगे लेने के देने

    इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खानी चाहिए मूंगफली, वरना पड़ जाएंगे लेने के देने


    नई दिल्ली । सर्दियों में धूप में बैठकर मूंगफली खाना एक लोकप्रिय शगल है खासतौर पर भारत में। यह न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि प्रोटीन फैट और फाइबर से भरपूर होने के कारण इसे गरीबों का बादाम भी कहा जाता है। हालांकि यह सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती है लेकिन कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों में मूंगफली का सेवन गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इस लेख में हम उन 5 खास परिस्थितियों पर प्रकाश डालेंगे जिनमें मूंगफली का सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
    गंभीर एलर्जी से जूझ रहे लोग

    मूंगफली की एलर्जी दुनिया भर में सबसे आम और खतरनाक एलर्जी मानी जाती है। यह एलर्जी गंभीर परिणाम दे सकती है। यदि किसी व्यक्ति को मूंगफली से एलर्जी है तो उसे इससे बने उत्पादों के सेवन से बचना चाहिए। एलर्जी की प्रतिक्रियाएं त्वचा पर चकत्ते खुजली दस्त और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षणों के रूप में सामने आ सकती हैं। गंभीर मामलों में एनाफिलेक्सिस एक प्रकार की जानलेवा एलर्जिक प्रतिक्रिया हो सकती है जो तुरंत उपचार की आवश्यकता होती है। इस कारण से मूंगफली या उससे बने उत्पादों से पूरी तरह से परहेज करने की सलाह दी जाती है।

    वेट लॉस डाइट पर रहने वाले लोग
    मूंगफली पोषक तत्वों से भरपूर होने के बावजूद इसमें कैलोरी और फैट की मात्रा भी अधिक होती है। यदि आप वजन घटाने के लिए डाइट पर हैं तो मूंगफली का अत्यधिक सेवन आपके प्रयासों पर पानी फेर सकता है। एक मुट्ठी मूंगफली में 160 से 180 कैलोरी होती हैं जो वेट लॉस डाइट के लिए अनुपयुक्त हो सकती हैं। अत्यधिक फैट और कैलोरी के सेवन से आपका वजन बढ़ सकता है जिससे वेट लॉस के प्रयास प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए यदि आप वजन घटाना चाहते हैं तो मूंगफली का सेवन नियंत्रित मात्रा में करना चाहिए।

    हाई ब्लड प्रेशर के मरीज

    सामान्य मूंगफली में सोडियम की मात्रा बहुत कम होती है लेकिन बाजार में मिलने वाली अधिकतर मूंगफली ‘रोस्टेड और साल्टेड’ नमकीन होती हैं जिनमें अतिरिक्त नमक होता है। नमक का अत्यधिक सेवन उच्च रक्तचाप हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्तियों के लिए खतरनाक हो सकता है। यह रक्तचाप को अचानक बढ़ा सकता है जो हृदय रोगियों के लिए गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। अगर आप हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो नमकीन मूंगफली से बचें और केवल बिना नमक वाली मूंगफली का सेवन करें।

    शरीर में सूजन ,सूजन और जलन की समस्या

    मूंगफली में ओमेगा-6 फैटी एसिड की मात्रा अधिक होती है जबकि ओमेगा-3 की कमी होती है। शरीर में इन फैटी एसिड्स का असंतुलन सूजन और जलन की समस्याओं को बढ़ावा दे सकता है। जो लोग पहले से ही जोड़ों के दर्द आर्थराइटिस या शरीर में सूजन से पीड़ित हैं उन्हें मूंगफली का सेवन बहुत सोच-समझ कर करना चाहिए। ओमेगा-6 का अत्यधिक सेवन सूजन बढ़ा सकता है जिससे इन समस्याओं में वृद्धि हो सकती है। इसीलिए ऐसे लोग मूंगफली के सेवन में सावधानी बरतें और डॉक्टर से परामर्श लें।


    मिनरल्स की कमी वाले लोग

    मूंगफली में फाइटिक एसिड पाया जाता है जो शरीर में आवश्यक मिनरल्स जिंक आयरन कैल्शियम मैग्नीशियम के अवशोषण में बाधा डालता है। यदि आप इन मिनरल्स की कमी से जूझ रहे हैं तो मूंगफली का अत्यधिक सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। यह फाइटिक एसिड शरीर में इन महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की कमी को बढ़ा सकता है जिससे अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे लोगों को मूंगफली के सेवन में संयम बरतना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

    मूंगफली का सेवन सेहत के लिए कई लाभकारी हो सकता है लेकिन यह हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं है। खासकर जिन लोगों को एलर्जी हाई ब्लड प्रेशर सूजन की समस्या या मिनरल्स की कमी है उन्हें मूंगफली से बचना चाहिए। किसी भी चीज की अति हानिकारक हो सकती है और यदि आप उपरोक्त में से किसी भी श्रेणी में आते हैं तो मूंगफली को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। इसके अलावा अगर आप सर्दियों में मूंगफली का आनंद लेना चाहते हैं तो सीमित मात्रा में और बिना नमक वाली मूंगफली का सेवन करना सबसे बेहतर रहेगा

  • भारत में लॉन्च हुई डायबिटीज की दवा ओज़ेम्पिक: जानें कीमत और फायदे

    भारत में लॉन्च हुई डायबिटीज की दवा ओज़ेम्पिक: जानें कीमत और फायदे


    नई दिल्ली। डेनमार्क की प्रमुख दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने भारत में अपनी बहुप्रतीक्षित दवा ओज़ेम्पिक (Ozempic) को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। यह दवा टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण उपचार विकल्प बन सकती है। ओज़ेम्पिक को 2017 में अमेरिकी खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा अनुमोदित किया गया था और तब से यह दुनिया भर में सबसे ज्यादा बिकने वाली दवाओं में से एक बन गई है। भारत में इसकी कीमत 0.25 मिलीग्राम की खुराक के लिए ₹2,200 प्रति सप्ताह रखी गई है। वहीं, 0.5 मिलीग्राम और 1 मिलीग्राम की खुराक के लिए कीमत ₹10,170 और ₹11,175 प्रति माह होगी।

    यह दवा सेमाग्लूटाइड (Semaglutide) नामक सक्रिय घटक से बनती है, जो शरीर में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले GLP-1 हार्मोन की तरह काम करता है। यह हार्मोन शरीर को यह संकेत भेजता है कि पेट भरा हुआ है, जिससे भूख कम लगती है और व्यक्ति कम कैलोरी का सेवन करता है। इसके अतिरिक्त, ओज़ेम्पिक का असर पेट की पाचन क्रिया को धीमा करने पर भी पड़ता है, जिससे व्यक्ति लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करता है और बार-बार खाने से बचता है। इसके कारण यह दवा वजन घटाने में भी प्रभावी साबित हो रही है, जिससे यह डायबिटीज के मरीजों के अलावा अन्य लोगों के बीच भी लोकप्रिय हो रही है।

    भारत में सीडीएससीओ (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन) ने अक्टूबर 2023 में ओज़ेम्पिक को टाइप 2 डायबिटीज के इलाज के लिए मंजूरी दी थी। यह दवा अब ग्लाइसेमिक नियंत्रण में सुधार करने के साथ-साथ उन मरीजों में हृदय संबंधी समस्याओं के जोखिम को भी कम करने में मदद करती है, जिन्हें पहले से हृदय रोग है। यह दवा खासतौर पर डाइट और एक्सरसाइज के साथ मिलकर काम करती है और मरीजों के रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करती है।

    हालांकि ओज़ेम्पिक की कीमतें कुछ उच्च हैं, लेकिन यह एक कारगर उपचार विकल्प हो सकती है। फिर भी, किसी भी नई दवा का उपयोग करने से पहले, मरीजों को अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह उनके लिए सही है और उन्हें इसके किसी साइड इफेक्ट का सामना नहीं करना पड़ेगा।