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  • फ्लाईदुबई के को-पायलट पर पहले भी उठे थे सवाल, ट्रेनिंग के दौरान कट्टरपंथी दस्तावेज मिलने का दावा

    फ्लाईदुबई के को-पायलट पर पहले भी उठे थे सवाल, ट्रेनिंग के दौरान कट्टरपंथी दस्तावेज मिलने का दावा


    दुबई।
    दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के मामले में आरोपी ओमानी सह-पायलट को लेकर नए खुलासे सामने आए हैं। एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ओमान एयर में काम करने के दौरान भी सवालों के घेरे में आया था। वर्ष 2024 में ट्रेनी को-पायलट रहते हुए उसके पास कथित तौर पर कट्टरपंथी और जिहादी गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज मिले थे। इसके बाद उसे उड़ान संबंधी जिम्मेदारियों से हटाकर प्रशासनिक कार्यों में लगाया गया था।

    अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पहले सवालों के घेरे में आ चुका व्यक्ति फ्लाईदुबई में सह-पायलट कैसे बना। साथ ही, इजरायल जाने वाली उड़ान में उसे जिम्मेदारी दिए जाने की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी को सऊदी अरब में इलाज के बाद आगे की जांच के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को सौंप दिया गया है।

    बताया गया है कि सह-पायलट ने पहले कई मौकों पर फलस्तीनियों के समर्थन और इजरायल के विरोध में विचार व्यक्त किए थे। हालांकि, इन दावों और हमले के पीछे उसके कथित मकसद की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से होनी बाकी है।

    यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार ने की भारतीय पायलट की तारीफ

    घटना के बाद यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद के सलाहकार अनवर गर्गाश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्मित ने सूझबूझ और साहस का परिचय देकर एक बड़ी संभावित त्रासदी को टालने में मदद की।

    यह घटना बुधवार को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी। आरोप है कि सह-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया, जिससे वह घायल हो गए। गर्गाश ने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि संकट के समय कैप्टन ने जिम्मेदारी और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया। उन्होंने पायलट के व्यवहार को सराहनीय बताया।

    घटना में किसी देश की भूमिका मिली तो होगी कार्रवाई: नेतन्याहू

    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि यदि फ्लाईदुबई की घटना के पीछे किसी देश की भूमिका सामने आती है, तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी देश की संलिप्तता के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया।

    नेतन्याहू के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने के साथ घटना की तस्वीर स्पष्ट हो रही है। उन्होंने दावा किया कि हमलावर कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था और उसका इरादा विमान में सवार यात्रियों सहित विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का था। ये आरोप जांच के अंतिम निष्कर्षों से स्वतंत्र रूप से पुष्ट होना बाकी हैं।

    शुरुआती जांच में को-पायलट के हमले की बात

    अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने बताया कि फ्लाईदुबई की उड़ान की आपात लैंडिंग से जुड़े मामले की शुरुआती जांच में सामने आया कि सह-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया था। घटना में दोनों को चोटें आईं। शुरुआती जांच में यूएई की सुरक्षा टीम ने भी सहयोग किया था।

    इस घटना पर तुर्किये और पाकिस्तान की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। मामले को विमानन सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय माना जा रहा है।

    इजरायली अधिकारी भी करेंगे पूछताछ

    मामले की जांच में इजरायली अधिकारी भी शामिल होंगे। वे यूएई के अधिकारियों के साथ समन्वय कर घटना के क्रम और संदिग्ध के कथित मकसद की पड़ताल करेंगे। आरोपी सह-पायलट को यूएई भेजे जाने के बाद जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    फिलहाल जांच का प्रमुख उद्देश्य यह पता लगाना है कि कॉकपिट में हमला किन परिस्थितियों में हुआ, आरोपी की पृष्ठभूमि से जुड़े दावों में कितनी सच्चाई है और क्या इस घटना के पीछे किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका थी।

  • MP: शिवपुरी के करैरा में कुएं में मिले मां-बेटे का शव…. महिला ने मासूम को दुपट्टे से बांध रखा था

    MP: शिवपुरी के करैरा में कुएं में मिले मां-बेटे का शव…. महिला ने मासूम को दुपट्टे से बांध रखा था


    शिवपुरी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी जिले (Shivpuri district) के करैरा (Karera) में पुलिस लाइन के नीचे बने ‘पीपल वाले कुएं’ में एक महिला और उसके बेटे का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. घटना की सूचना मिलते ही करैरा थाना प्रभारी (टीआई) विनोद छाबई पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे. पुलिस ने नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की मदद से दोनों शवों को कुएं से बाहर निकाला और पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

    मृतका की पहचान शिवानी विश्वकर्मा पत्नी भूपेंद्र विश्वकर्मा निवासी करैरा के रूप में हुई है. दिल दहला देने वाली बात यह सामने आई है कि महिला ने अपने 7 साल के मासूम बेटे को अपने दुपट्टे से बांधकर कुएं में छलांग लगाई थी.


    पति से विवाद के बाद दिल्ली से आई थी मायके

    परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, शिवानी का अपने पति भूपेंद्र से विवाद चल रहा था. इसी अनबन के कारण वह करीब एक से डेढ़ महीने पहले दिल्ली से अपने 7 वर्षीय बेटे को लेकर करैरा स्थित अपने मायके आई हुई थी।


    ‘वोट चोरी नहीं हो रहे, जनता ने चोरों को वोट देना बंद कर दिया…
    ‘
    मंगलवार को महिला और उसका बेटा अचानक घर से लापता हो गए थे. परिजनों ने उस वक्त ज्यादा खोजबीन नहीं की, क्योंकि उन्हें लगा कि शिवानी अपने पति से बात करके वापस दिल्ली लौट गई होगी. लेकिन बुधवार को जब कुएं में दोनों के शव मिलने की खबर फैली, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

    पूरे मामले पर करैरा टीआई विनोद छाबई ने बताया, ”पुलिस लाइन के नीचे स्थित कुएं में महिला और उसके बच्चे का शव बरामद किया गया है. प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक विवाद के चलते आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है. मौत के सटीक कारणों और समय का वास्तविक खुलासा पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

  • सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद हटाने के बाद जमीन के नीचे मिला कुआं, प्रशासन ने जांच के लिए तकनीकी टीम बुलाने की तैयारी की

    सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद हटाने के बाद जमीन के नीचे मिला कुआं, प्रशासन ने जांच के लिए तकनीकी टीम बुलाने की तैयारी की

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद हटाए जाने के बाद जमीन के नीचे एक कुएं जैसी संरचना मिलने से प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। मलबा हटाने के दौरान जमीन के भीतर ईंटों से बनी संरचना दिखाई दी, जिसे शुरुआती तौर पर कुआं माना जा रहा है। हालांकि, इसकी वास्तविक प्रकृति, आकार और गहराई के बारे में अभी कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।

    मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने मौके पर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों के अनुसार, संरचना की तकनीकी जांच कराई जाएगी। विशेषज्ञों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन के नीचे मिली संरचना वास्तव में कुआं है या किसी अन्य प्रकार का पुराना निर्माण। फिलहाल प्रशासन ने इसे ढक दिया है और मौके पर निगरानी रखी जा रही है।

    कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को हटाने की कार्रवाई अदालत के आदेश के आधार पर की गई थी। एसडीएम सदर सुबोध कुमार के अनुसार, प्रशासन ने न्यायालय के आदेश के तहत कार्रवाई की और इसके बाद परिसर की सफाई कराई गई। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं तथा आगे की प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है।

    मस्जिद हटाए जाने के बाद वहां मौजूद मलबे को भी हटाकर दूसरी जगह भेज दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे को सहारनपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर निर्धारित स्थान पर डाला गया। इसी दौरान जमीन के नीचे ईंटों से बनी संरचना सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने मौके की स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल ढक दिया और तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया।

    अधिकारियों के सामने फिलहाल सबसे बड़ा सवाल इस संरचना की वास्तविक बनावट और स्थिति को लेकर है। यह कितनी गहरी है, इसका व्यास कितना है और इसका निर्माण किस उद्देश्य से किया गया था, इन सभी पहलुओं की जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। प्रशासन जल्द तकनीकी टीम के माध्यम से इसकी जांच कराने की तैयारी में है।

    इस मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल रविवार को सहारनपुर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने वाला है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर गठित दल स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और संबंधित लोगों से जानकारी जुटाएगा।

    समाजवादी पार्टी की ओर से दावा किया गया है कि 4 सितंबर की शाम प्रशासन की ओर से मस्जिद को सील किए जाने की बात कही गई थी और उसे नहीं हटाने का भरोसा दिया गया था। पार्टी के अनुसार, इसके बाद अदालत के आदेश का हवाला देते हुए मस्जिद को बुलडोजर की मदद से हटा दिया गया।

    प्रशासन और राजनीतिक दलों के दावों के बीच अब जमीन के नीचे मिली संरचना की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही इसके बारे में स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी। फिलहाल प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ाते हुए किसी भी तरह की अफवाह से बचने तथा तथ्य सामने आने तक स्थिति को नियंत्रित रखने पर जोर दिया है।

    घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद संरचना की प्रकृति, उसकी गहराई और संभावित पुराने निर्माण से संबंध जैसी जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। तब तक इसे लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

  • MP: खंडवा सांसद के छोटे भाई ने किया सुसाइड… कुएं में कूदकर दी जान, खेत में मिली चप्पल

    MP: खंडवा सांसद के छोटे भाई ने किया सुसाइड… कुएं में कूदकर दी जान, खेत में मिली चप्पल


    बुरहानपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खंडवा-बुरहानपुर संसदीय क्षेत्र (Khandwa-Burhanpur parliamentary constituency) से सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल (MP Dnyaneshwar Patil) के छोटे भाई विश्वनाथ उर्फ बाडू पाटिल (58) ने आत्महत्या कर ली. यह घटना बुरहानपुर जिले (Burhanpur district) के गृह ग्राम बोहरडा में सामने आई, जहां उन्होंने अपने ही खेत के कुएं में कूदकर जान दे दी. बताया गया कि बुधवार तड़के वे चुपचाप घर से निकले थे और फिर वापस नहीं लौटे.

    सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया. जिले के डीएम और एसपी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे. इसके बाद गोताखोरों की मदद से कुएं में तलाश शुरू की गई. करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद विश्वनाथ पाटिल का शव कुएं से बाहर निकाला गया।

    पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया. प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि घटना का वास्तविक कारण अभी तक सामने नहीं आ सका है.


    घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर

    इस दुखद घटना के बाद पूरे क्षेत्र और पाटिल परिवार के समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है. जानकारी के अनुसार, दिवंगत विश्वनाथ पाटिल का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बोहरडा में किया जाएगा.

    सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल उस समय दिल्ली में थे. घटना की जानकारी मिलते ही वे तुरंत दिल्ली से बुरहानपुर के लिए रवाना हो गए. उधर, सांसद के गृह ग्राम बोहरडा स्थित निवास पर बड़ी संख्या में समर्थक और रिश्तेदार पहुंचने लगे. नेपानगर विधायक मंजू दादू सहित भाजपा और कांग्रेस के कई नेता भी सांसद निवास पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की. स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया।


    पुलिस जांच जारी

    बुरहानपुर एसपी देवेंद्र पाटीदार ने बताया कि पुलिस को पहले विश्वनाथ पाटिल के लापता होने की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई. जांच के दौरान खेत के पास उनकी चप्पल मिली, जिसके बाद कुएं में तलाश की गई और शव बरामद किया गया. पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मृत्यु के कारणों की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. घटना के बाद पूरे इलाके में गमगीन माहौल बना हुआ है।