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  • गोरखपुर में कूड़े से बना ईको पार्क, यूपी में कचरा प्रबंधन बना आत्मनिर्भरता की मिसाल

    गोरखपुर में कूड़े से बना ईको पार्क, यूपी में कचरा प्रबंधन बना आत्मनिर्भरता की मिसाल


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गृह जनपद गोरखपुर को एक नई विकास पहचान देते हुए एक ऐसे मॉडल का लोकार्पण किया है, जिसने कचरा प्रबंधन और शहरी सौंदर्यीकरण की दिशा में नया मानक स्थापित किया है। गोरखपुर में तैयार किया गया भव्य ईको पार्क अब उस सोच का प्रतीक बन चुका है, जिसमें कूड़े और मलबे जैसी समस्या को अवसर में बदलकर एक उपयोगी और सुंदर संरचना का निर्माण किया गया है। इस परियोजना के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और सही योजना से किसी भी गंभीर समस्या का स्थायी समाधान संभव है।

    यह स्थान कभी शहर के सबसे बड़े कचरा डंपिंग ग्राउंड के रूप में जाना जाता था, जहां वर्षों से जमा कूड़े और गंदगी ने आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रखा था। दुर्गंध और प्रदूषण के कारण स्थानीय लोगों को लंबे समय तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन सरकार की पहल और वैज्ञानिक तकनीक के उपयोग से इस पूरे क्षेत्र को पूरी तरह बदल दिया गया। अब यही स्थान एक सुंदर ईको पार्क के रूप में विकसित हो चुका है, जो न केवल पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण है बल्कि शहरी विकास की नई दिशा भी दिखाता है।

    इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां मौजूद कचरे और मलबे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण कर उसका पुनः उपयोग किया गया। हजारों टन कचरे को प्रोसेस कर न केवल जमीन को सुरक्षित बनाया गया, बल्कि उसी सामग्री का उपयोग पार्क की संरचना, रास्तों और ऊंचे हिस्सों के निर्माण में किया गया। यह प्रक्रिया ‘कूड़े से कंचन’ की अवधारणा को वास्तविकता में बदलने का उदाहरण बन गई है, जिससे यह साबित होता है कि कचरा भी सही तकनीक के माध्यम से मूल्यवान संसाधन बन सकता है।

    ईको पार्क के भीतर हरियाली और पर्यावरण संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया है। यहां लगाए गए हजारों पेड़-पौधे अब न केवल वातावरण को शुद्ध कर रहे हैं बल्कि शहर के तापमान और प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पार्क में बच्चों के लिए मनोरंजन क्षेत्र, वॉकिंग ट्रैक और बैठने की आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिनमें कई संरचनाएं पुनर्चक्रित सामग्री से तैयार की गई हैं। इससे यह संदेश भी मिलता है कि संसाधनों का पुनः उपयोग कर सुंदर और उपयोगी संरचनाएं बनाई जा सकती हैं।

    मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को गोरखपुर के विकास की नई पहचान बताते हुए कहा कि यह मॉडल अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो तो न केवल शहरी समस्याओं का समाधान संभव है, बल्कि उन्हें विकास के अवसर में भी बदला जा सकता है। यह परियोजना इस बात का प्रमाण है कि सही सोच और तकनीक के साथ किसी भी शहर की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली जा सकती हैं।

    स्थानीय लोगों के लिए यह ईको पार्क किसी नए जीवन की शुरुआत जैसा है। जहां पहले कूड़े का ढेर और गंदगी का वातावरण था, वहां अब लोग सुबह की सैर, योग और परिवार के साथ समय बिताने के लिए आते हैं। इस परिवर्तन ने न केवल आसपास के क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाई है बल्कि लोगों के जीवन स्तर और संपत्ति मूल्य में भी सकारात्मक बदलाव लाया है।

    गोरखपुर का यह ईको पार्क अब सिर्फ एक विकास परियोजना नहीं बल्कि एक प्रेरणादायक मॉडल बन चुका है, जो यह दिखाता है कि यदि इच्छाशक्ति और सही दृष्टिकोण हो तो सबसे बड़ी समस्याओं को भी सफलता की कहानी में बदला जा सकता है।

  • बढ़ते पारे के बीच 'पाती' के जरिए सीधे जनता से जुड़े सीएम योगी; सुरक्षा के लिए जारी किए कड़े निर्देश!

    बढ़ते पारे के बीच 'पाती' के जरिए सीधे जनता से जुड़े सीएम योगी; सुरक्षा के लिए जारी किए कड़े निर्देश!


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ रहा है और भीषण गर्मी का असर जनजीवन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इस स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक विशेष पाती जारी कर लोगों से सावधानी बरतने और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि बदलते मौसम के इस दौर में सतर्कता और तैयारी ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है, जिससे लू और गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि प्रकृति का चक्र निरंतर चलता रहता है और हर ऋतु अपने साथ अलग परिस्थितियां लेकर आती है। इस समय ग्रीष्म ऋतु अपने चरम की ओर बढ़ रही है और तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि जैसे सर्दी के मौसम में बचाव के उपाय किए जाते हैं, वैसे ही गर्मी के मौसम में भी व्यापक तैयारियां आवश्यक हैं। सरकार की ओर से आमजन की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग में भी तेजी आई है, जिसे ध्यान में रखते हुए पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है। उत्पादन इकाइयों को उनकी पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रदेश के किसी भी हिस्से में बिजली की कमी न हो।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गर्मी के मौसम में श्रमिकों और खुले में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यस्थलों पर छाया, पेयजल और प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। लू और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं ताकि लोग समय रहते आवश्यक सावधानियां अपना सकें।

    उन्होंने आगे बताया कि सार्वजनिक स्थानों जैसे सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, थानों और अन्य केंद्रों पर ठंडे और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं ताकि आपात स्थिति में तुरंत उपचार मिल सके।

    मुख्यमंत्री ने पशुधन और वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। गोशालाओं और अन्य पशु आश्रयों में पानी, चारा और छाया की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पशुओं को भी इस भीषण गर्मी से सुरक्षित रखा जा सके।

    अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्वयं और अपने परिवार का विशेष ध्यान रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें और हल्के तथा सूती वस्त्र पहनें। उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। साथ ही उन्होंने पशु पक्षियों के लिए पानी रखने की भी अपील की ताकि इस कठिन मौसम में संवेदनशीलता और मानवता का संदेश आगे बढ़ सके।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठकों को चुनावी रणनीति से जोड़ा जा रहा है

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठकों को चुनावी रणनीति से जोड़ा जा रहा है


    नई दिल्ली:
    उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर तेजी से चुनावी मोड़ की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है, जहां आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के भीतर संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर बड़े बदलावों की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी चुनावी रणनीति को और मजबूत करने के लिए अपने ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव कर सकती है, जिससे जमीनी स्तर पर संगठन की पकड़ और अधिक प्रभावी बनाई जा सके।

    राज्य के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ हालिया बैठकों को इस संभावित बदलाव की दिशा में अहम संकेत माना जा रहा है। इन बैठकों को केवल औपचारिक संवाद नहीं बल्कि आगामी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। चर्चा है कि इन मुलाकातों में संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की भूमिका और सरकार की कार्यशैली को और प्रभावी बनाने पर मंथन किया गया है।

    सूत्रों के अनुसार पार्टी संगठन में जल्द ही नई नियुक्तियों और जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण की संभावना है, जिसका उद्देश्य चुनावी तैयारियों को बूथ स्तर तक मजबूत करना बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि संगठन में नए और सक्रिय चेहरों को आगे लाकर चुनावी अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि हर क्षेत्र में पार्टी की पकड़ मजबूत हो सके।

    इसके साथ ही मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चाएं भी राजनीतिक गलियारों में लगातार बढ़ रही हैं। माना जा रहा है कि चुनाव से पहले प्रशासनिक टीम को और अधिक प्रभावी और संतुलित बनाने के लिए कुछ नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है, जबकि कुछ मौजूदा जिम्मेदारियों में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है। हालांकि अंतिम निर्णय राजनीतिक परिस्थितियों और शीर्ष नेतृत्व की रणनीति पर निर्भर करेगा।

    राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस तरह के बदलाव केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं होते, बल्कि इनका सीधा संबंध चुनावी समीकरणों और सामाजिक संतुलन से भी होता है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए ही संगठन और सरकार में संतुलन साधने की कोशिश की जाती है, ताकि चुनावी मैदान में मजबूत स्थिति बनाई जा सके।

    पार्टी का पूरा ध्यान इस समय अपने विकास कार्यों, नेतृत्व की छवि और संगठन की मजबूती को एक साथ जोड़कर जनता के बीच प्रस्तुत करने पर है। इसके साथ ही यह रणनीति भी देखी जा रही है कि सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने के लिए संगठन को अधिक सक्रिय भूमिका दी जाए।

    आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि ये संभावित बदलाव किस रूप में सामने आते हैं और उनका प्रभाव राज्य की राजनीति और चुनावी माहौल पर कितना पड़ता है। फिलहाल राजनीतिक गतिविधियों और बैठकों के बढ़ते दौर ने यह संकेत दे दिया है कि उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियां अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी हैं।

  • मियांपुर का नाम बदलकर रविंद्र नगर किए जाने की घोषणा से प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल बढ़ी

    मियांपुर का नाम बदलकर रविंद्र नगर किए जाने की घोषणा से प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल बढ़ी


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में आयोजित एक बड़े प्रशासनिक और विकास कार्यक्रम के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए विकास परियोजनाओं और जनकल्याण योजनाओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। इस अवसर पर जिले में चल रही विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    कार्यक्रम के दौरान सबसे प्रमुख पहल थारू जनजाति के सशक्तिकरण से जुड़ी रही, जिसमें हजारों परिवारों को भूमि का मालिकाना अधिकार प्रदान किया गया। इस कदम से उन परिवारों को कानूनी सुरक्षा और स्थायी आवास का अधिकार मिला है, जो लंबे समय से भूमि संबंधी अनिश्चितता का सामना कर रहे थे। इस प्रक्रिया के तहत हजारों हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिलने की बात कही जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक तक उसका अधिकार पहुंचाना और समाज के हर वर्ग को समान अवसर देना है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास की प्रक्रिया में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है और सभी योजनाएं पारदर्शिता के साथ लागू की जा रही हैं।

    इसी कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए घोषणा की गई कि मियांपुर गांव का नाम बदलकर अब रविंद्र नगर रखा जाएगा। यह निर्णय क्षेत्रीय पहचान और सामाजिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर एक नई पहचान स्थापित करना बताया गया है।

    सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि राज्य में विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं और हर जिले को समान रूप से आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इस मौके पर लाभार्थियों को भूमि अधिकार पत्र सौंपे जाने के बाद ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखा गया।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि सरकार का फोकस अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने पर है। उन्होंने बताया कि अब योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों में सुधार हुआ है।

    इस घोषणा के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि नाम परिवर्तन और भूमि अधिकार जैसे फैसले सामाजिक और स्थानीय पहचान पर सीधा प्रभाव डालते हैं।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड सीएम योगी बोले जनविश्वास का प्रतीक है यह ऐतिहासिक उपलब्धि

    प्रधानमंत्री मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड सीएम योगी बोले जनविश्वास का प्रतीक है यह ऐतिहासिक उपलब्धि



    नई दिल्ली: 
    प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भारतीय राजनीतिक इतिहास में एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। वे अब भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार के प्रमुख रहने वाले नेता बन गए हैं। इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने उन्हें बधाई देते हुए इसे जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक बताया है।

    सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि 145 करोड़ भारतीयों की सेवा में निरंतर समर्पित प्रधानमंत्री मोदी अब देश के सबसे लंबे समय तक शासन प्रमुख रहने वाले नेता बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जनता के गहरे विश्वास और समर्थन को दर्शाती है।

    अपने संदेश में Yogi Adityanath ने यह भी उल्लेख किया कि Narendra Modi का नेतृत्व ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ जैसे मंत्रों को भारत की प्रगति का आधार बताया और कहा कि देश ने विकास और सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं।

    सीएम योगी ने अपने संदेश के अंत में भगवान श्रीराम से प्रार्थना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ता रहे।

    इससे पहले भाजपा के आईटी सेल प्रमुख Amit Malviya ने भी इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8930 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए अब 8931 दिनों तक सार्वजनिक पद पर रहते हुए एक नया रिकॉर्ड बनाया है।

    Amit Malviya के अनुसार, इस अवधि में प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि दशकों की निरंतर जनसेवा और मजबूत नेतृत्व को दर्शाती है।

    उन्होंने आगे प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि वे गुजरात के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री रहे हैं और स्वतंत्रता के बाद जन्मे पहले प्रधानमंत्री हैं। साथ ही वे 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार विजेता रहे हैं, जो उनके प्रति जनता के भरोसे को दर्शाता है।

    यह उपलब्धि न केवल राजनीतिक इतिहास में एक मील का पत्थर है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि नेतृत्व, अनुभव और जनसमर्थन मिलकर किसी भी नेता को एक नई ऊंचाई तक पहुंचा सकते हैं। Narendra Modi का यह रिकॉर्ड भारतीय राजनीति में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

  • 9 साल में बदला उत्तर प्रदेश का चेहरा सीएम योगी बोले भयमुक्त माहौल में मन रहे सभी पर्व

    9 साल में बदला उत्तर प्रदेश का चेहरा सीएम योगी बोले भयमुक्त माहौल में मन रहे सभी पर्व


    नई दिल्ली। Yogi Adityanath ने उत्तर प्रदेश में सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की उपलब्धियों को विस्तार से सामने रखा और इसे 25 करोड़ जनता की सामूहिक शक्ति का परिणाम बताया। लोक भवन में नव निर्माण के 9 वर्ष पुस्तक का विमोचन करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन और डबल इंजन सरकार की नीतियों ने प्रदेश को नई दिशा दी है।

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रदेश के बदले माहौल पर जोर देते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सभी धर्मों के त्योहार भयमुक्त वातावरण में मनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक ओर नवरात्र की शुरुआत हो रही है तो दूसरी ओर रमजान का पवित्र महीना भी जारी है और जल्द ही ईद का पर्व भी मनाया जाएगा लेकिन कहीं कोई तनाव या अव्यवस्था देखने को नहीं मिल रही है। यह स्थिति प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

    सीएम योगी ने 2017 से पहले की परिस्थितियों को याद करते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था। कृषि संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद किसान परेशान थे और आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर होते थे। कारीगर और युवा रोजगार के अभाव में पलायन कर रहे थे जबकि भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार व्याप्त था। कानून व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब थी कि महिलाएं व्यापारी और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे।

    उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। सरकार ने सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश रोजगार सृजन किसान कल्याण महिला सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान पर व्यापक कार्य किए हैं। योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है जिससे समावेशी विकास को बढ़ावा मिला है। शिक्षा स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्र में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इन 9 वर्षों की उपलब्धियों को जन जन तक पहुंचाने के लिए 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसकी शुरुआत बसंत नवरात्र से हो रही है। इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को जोड़ने और विकास के विजन को साझा करने का प्रयास किया जाएगा।

    उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये के बजट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश के संतुलित और समग्र विकास को नई गति देगा। यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने रोजगार के अवसर बढ़ाने और प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में सुरक्षा सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित करता रहेगा।

  • दरोगा भर्ती परीक्षा विवाद: ‘पंडित’ विकल्प पर राजनीति, सीएम योगी ने जताई नाराजगी

    दरोगा भर्ती परीक्षा विवाद: ‘पंडित’ विकल्प पर राजनीति, सीएम योगी ने जताई नाराजगी


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा के सामान्य हिंदी के प्रश्नपत्र में विकल्प में ‘पंडित’ दिए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शनिवार को पूछे गए सवाल में पूछा गया था कि “अवसर के हिसाब से बदल जाने वाले को क्या कहेंगे?” इसके विकल्पों में ‘पंडित’, ‘अवसरवादी’, ‘निष्कपट’ और ‘सदाचारी’ थे। सवाल सामने आते ही विरोध शुरू हो गया, विशेषकर ब्राह्मण समुदाय में।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि जाति, धर्म या किसी समाज के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी भर्ती बोर्डों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में नियमों का पालन किया जाए और बार-बार गलती करने वालों पर प्रतिबंध लगाया जाए। वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

    विवाद के बाद पुलिस भर्ती बोर्ड ने रविवार सुबह निर्देश जारी किया। इसमें कहा गया कि एग्जाम सेंटर में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों से कलावा, मंगलसूत्र आदि न उतारवाए जाएं, ताकि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों। इसके बाद दूसरे दिन परीक्षा केंद्रों पर नरमी बरती गई; महिला अभ्यर्थियों से मंगलसूत्र नहीं उतरवाए गए और पुरुषों के कलावा नहीं काटे गए, जबकि सामान्य सुरक्षा उपाय जैसे जूते, बेल्ट और हाथ के कड़े उतारवाए गए।

    इस भर्ती परीक्षा में प्रदेश के सभी 75 जिलों में 1,090 सेंटर बनाए गए हैं। परीक्षा दो दिन में पूरी की जा रही है और इसमें कुल 4,543 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। भर्ती के लिए 15,75,760 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें 11,66,386 पुरुष और 4,09,374 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं।

    पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने बताया कि पुलिस परीक्षाओं के प्रश्नपत्र गोपनीय तरीके से तैयार किए जाते हैं। हजारों प्रश्नों में से कुछ ही चुनकर प्रश्नपत्र में शामिल किए जाते हैं। उन्होंने सवाल के विवाद को गैरजिम्मेदाराना बताया और कहा कि ‘पंडित’ का अर्थ विद्वान होता है, जाति विशेष के लिए नहीं। उनका मानना है कि यह मुद्दा केवल ध्यान भटकाने के लिए उठाया गया।

    भाजपा के तीन ब्राह्मण विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, प्रकाश द्विवेदी और रमेश मिश्र ने भी इस पर सीएम को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। साथ ही, सहारनपुर के पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने भी लिखा कि परीक्षा में विकल्प के इस प्रयोग से ब्राह्मण समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

    ब्राह्मण समाज उत्तर प्रदेश में 9–11 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और कई जिलों में राजनीतिक रूप से प्रभावी भूमिका निभाता है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ब्राह्मण मतदाता चुनाव परिणामों पर बड़ा असर डालते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ब्राह्मण मतदाता भाजपा के लिए महत्वपूर्ण स्विंग वोटबैंक रहे हैं।

    इस विवाद ने भर्ती परीक्षा में निष्पक्षता, प्रशासनिक सतर्कता और सामाजिक संवेदनशीलता की जरूरत को उजागर किया है। अधिकारियों ने सभी पक्षों से संयम बनाए रखने और किसी भी जाति विशेष के प्रति अनुचित टिप्पणी से बचने की अपील की है।

  • चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और शिवराज सिंह सहित नेताओं ने किया बलिदान दिवस पर याद

    चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और शिवराज सिंह सहित नेताओं ने किया बलिदान दिवस पर याद


    नई दिल्ली । देश के महान स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि आज 27 फरवरी को बलिदान दिवस के रूप में मनाई जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आजाद का बलिदान और त्याग हमेशा देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेगा। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा भारत माता के वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर उन्हें मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने मां भारती को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया जिसके लिए वे सदैव स्मरणीय रहेंगे।

    पीएम मोदी के अलावा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा मां भारती के अमर सपूत महान क्रांतिकारी वीर हुतात्मा चंद्रशेखर आजाद जी के बलिदान दिवस पर उनके चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उनके ओजस्वी विचार और तेजस्वी जीवन जन जन को राष्ट्र और समाज की उन्नति एवं सेवा के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे। मातृभूमि का कण कण आपका अनंत काल तक ऋणी रहेगा।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में चंद्रशेखर आजाद को याद करते हुए कहा दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे आजाद ही रहे हैं आजाद ही रहेंगे। मातृभूमि की वेदी पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उनका त्याग और तेजस्वी व्यक्तित्व युगों युगों तक राष्ट्र सेवा एवं मां भारती के प्रति बलिदान की प्रेरणा देता रहेगा।

    इतिहास में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। 27 फरवरी 1931 को इलाहाबाद अब प्रयागराज के अल्फ्रेड पार्क में चंद्रशेखर आजाद और अंग्रेजों के बीच लंबी मुठभेड़ हुई। जब उनकी गोलियों का स्टॉक समाप्त हो गया तो उन्होंने अंतिम गोली खुद को मारकर अपना बलिदान दे दिया। उनके इस अदम्य साहस और देशभक्ति के कारण हर साल इस दिन को बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है।

    चंद्रशेखर आजाद का जीवन स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा का प्रतीक है। उनके त्याग और साहस ने आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए प्रेरित किया। उनके बलिदान को याद कर देशवासियों में आज भी देशभक्ति की भावना जागृत होती है। नेता और नागरिक समान रूप से उन्हें याद करते हुए उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश देते हैं।

    आजाद की पुण्यतिथि पर सभी नेताओं ने यह संदेश दिया कि मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्योछावर करना सर्वोच्च बलिदान है। उनका जीवन यह सिखाता है कि स्वतंत्रता और देशभक्ति केवल शब्द नहीं बल्कि कर्म और समर्पण का नाम है। चंद्रशेखर आजाद हमेशा स्मरणीय रहेंगे और उनके बलिदान की कहानी हर दिल में जीवित रहेगी।

  • उत्तर प्रदेश में निवेश का बड़ा तोहफा: जेवर एयरपोर्ट पर दो प्रोजेक्ट्स में 4,458 करोड़ रुपए का निवेश

    उत्तर प्रदेश में निवेश का बड़ा तोहफा: जेवर एयरपोर्ट पर दो प्रोजेक्ट्स में 4,458 करोड़ रुपए का निवेश


    नई दिल्ली। लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन राज्य को वैश्विक निवेश का एक और बड़ा तोहफा मिला। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एविएशन सर्विस सेक्टर की अग्रणी कंपनी सैट्स लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

    इस समझौते के तहत कंपनी गौतमबुद्ध नगर स्थित जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो प्रमुख परियोजनाएं स्थापित करेगी। पहले प्रोजेक्ट में अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स का निर्माण शामिल है और दूसरे में विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन स्थापित की जाएगी। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल निवेश 4,458 करोड़ रुपए होगा।

    एमओयू के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट परिसर में बनने वाला अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस परियोजना से निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी और विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्रों को लाभ पहुंचेगा। जेवर एयरपोर्ट को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे यह कार्गो कॉम्प्लेक्स अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए रणनीतिक हब के रूप में उभरेगा।

    एमओयू के दूसरे प्रमुख निवेश के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही एक अत्याधुनिक एयर कैटरिंग किचेन स्थापित किया जाएगा। इस किचेन से उच्च गुणवत्ता वाला भोजन जेवर एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों के लिए उपलब्ध होगा। खास बात यह है कि यहां तैयार किया गया भोजन केवल जेवर एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी सप्लाई पूरे उत्तर भारत के विभिन्न एयरपोर्ट्स तक की जाएगी। इससे फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश की संभावनाओं से जोड़ना है। दूसरे दिन हुए इस एमओयू को राज्य के एविएशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही यह कार्गो कॉम्प्लेक्स और एयर कैटरिंग सुविधा उत्तर भारत के आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देंगे। यह न केवल राज्य की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देगा, बल्कि प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में स्थापित करेगा। निवेश से जुड़े ये प्रोजेक्ट्स रोजगार सृजन, व्यापार संवर्द्धन और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

    सीएम योगी ने इस अवसर पर कहा कि वैश्विक निवेशकों को राज्य की संभावनाओं और बुनियादी ढांचे से जोड़कर उत्तर प्रदेश को एक निवेश-अनुकूल केंद्र बनाया जा रहा है। सैट्स जैसी अग्रणी कंपनियों के साथ समझौते से राज्य में लॉजिस्टिक्स, एविएशन और सर्विस सेक्टर में निवेश का नया दौर शुरू होगा।

  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत माता के सच्चे सपूत थे : सीएम योगी..

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत माता के सच्चे सपूत थे : सीएम योगी..


    नई दिल्ली :लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर नेताजी सुभाष चौक हजरतगंज लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि नेताजी भारत की आजादी का ऐसा नाम हैं जो प्रत्येक भारतीय के मन में सर्वोच्च सम्मान के साथ किसी भी विपरीत परिस्थिति में देशद्रोही तत्वों के सामने न झुकने का दृढ़ संकल्प उत्पन्न करता है भारत माता के सच्चे सपूत नेताजी का नाम लेते ही हर भारतीय के मन में श्रद्धा सम्मान और राष्ट्रप्रेम की भावना स्वतः जाग्रत हो जाती है

    सीएम योगी ने कहा कि नेताजी ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी उनका आह्वान तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा भारत की आजादी का मंत्र बन गया उनका प्रत्येक शब्द स्वतंत्रता संग्राम का संदेश बन जाता था दिल्ली चलो का उद्घोष हर भारतीय को प्रेरित करता है उनका कदम कदम बढ़ाए जा खुशी के गीत गाए जा गीत आज भी भारतीय सेना के दीक्षांत समारोह में बड़ी शान से गाया जाता है नेताजी का योगदान महात्मा गांधी के नेतृत्व वाले आंदोलन को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेताजी ने क्रांतिकारियों के सिरमौर के रूप में आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया भारत के अंदर और बाहर जाकर स्वतंत्रता के लिए जो संघर्ष किया वह अविस्मरणीय है जर्मनी जापान और अन्य देशों में जाकर उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया यह हमारे लिए प्रेरणा की गाथा है

    मुख्यमंत्री ने नेताजी के जीवन पर भी प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि नेताजी का जन्म 1897 में कटक में एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता परिवार में हुआ बचपन में ही उन्हें उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन भेजा गया आईसीएस की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने के बाद भी उन्होंने अंग्रेजों की चाकरी करने से इनकार कर दिया और स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े उनका विराट व्यक्तित्व और देश के प्रति अमूल्य योगदान आज भी हम सबको प्रेरणा देता हैसीएम योगी ने कहा कि हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और उनके श्रीचरणों में प्रदेशवासियों की ओर से नमन करते हैं उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता और उनका आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रह