खाली पेट शराब पीना क्यों बन सकता है जानलेवा खतरा लिवर स्पेशलिस्ट की सख्त चेतावनी


नई दिल्ली :शराब का सेवन सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है लेकिन जब इसे खाली पेट पिया जाता है तो इसका खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अक्सर लोग पार्टियों या त्योहारों के दौरान बिना कुछ खाए ही शराब पीना शुरू कर देते हैं और यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार खाली पेट शराब शरीर में बहुत तेजी से असर दिखाती है और यह तेजी ही सबसे बड़ा खतरा बन जाती है।

नई दिल्ली स्थित एक गैस्ट्रो और लिवर विभाग के डॉ .के अनुसार जब पेट में भोजन नहीं होता तब शराब पेट में ठहरने के बजाय सीधे छोटी आंत में पहुंच जाती है। छोटी आंत शराब को बेहद तेजी से अवशोषित कर लेती है और वह तुरंत रक्त प्रवाह में मिल जाती है। इससे ब्लड अल्कोहल कंसंट्रेशन अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। यही वजह है कि खाली पेट शराब पीने वाला व्यक्ति जल्दी नशे में आ जाता है उसका मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है उसे चक्कर आ सकते हैं और कई मामलों में बेहोशी तक हो सकती है।

खाली पेट शराब पीने का सबसे बड़ा असर लिवर पर पड़ता है। लिवर का मुख्य कार्य खून में मौजूद विषैले तत्वों को फिल्टर करना है। जब शराब तेजी से अवशोषित होकर लिवर तक पहुंचती है तो उसे कम समय में अधिक मात्रा में अल्कोहल को प्रोसेस करना पड़ता है। इससे लिवर पर अचानक दबाव बढ़ जाता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर फैटी लिवर हेपेटाइटिस और लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन की परत न होने पर शराब की तीव्रता लिवर कोशिकाओं को सीधे नुकसान पहुंचा सकती है।

सिर्फ लिवर ही नहीं बल्कि पेट भी इससे बुरी तरह प्रभावित होता है। शराब की अम्लीय प्रकृति पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाती है। जब पेट खाली होता है तो शराब और पाचक अम्ल मिलकर गैस्ट्राइटिस अल्सर और तेज जलन का कारण बन सकते हैं। कई लोगों को उल्टी मतली और पेट दर्द की शिकायत होने लगती है। यदि यह आदत लंबे समय तक जारी रहे तो पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है और शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण भी प्रभावित हो सकता है।

खाली पेट शराब का असर दिमाग पर भी तेजी से होता है। ब्लड में अल्कोहल की मात्रा अचानक बढ़ने से मस्तिष्क की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। निर्णय लेने की क्षमता कम हो जाती है शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है और ब्लैकआउट जैसी स्थिति भी बन सकती है। पोषक तत्वों की कमी के कारण नर्वस सिस्टम पर इसका प्रभाव और ज्यादा गहरा होता है जिससे भविष्य में न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों की साफ सलाह है कि यदि कोई व्यक्ति शराब का सेवन करता भी है तो उसे पहले पर्याप्त भोजन करना चाहिए और साथ में पर्याप्त पानी पीना चाहिए। इससे शराब का अवशोषण धीमा होता है और शरीर पर अचानक पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है। खाली पेट शराब पीना शरीर के साथ गंभीर खिलवाड़ है जिसके परिणाम लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकते हैं।