गौतम अदाणी की प्रार्थना: भगवान राम और हनुमान से देश की तरक्की की कामना


नई दिल्ली। गौतम अडानी गुरुवार को पवित्र हनुमान जयंती के अवसर पर कश्मीरी अयोध्या क्षेत्र में पहुंचे, जहां उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान रामलला के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और इस आध्यात्मिक क्षण को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया। उनकी आस्था और भावनाओं की यात्रा एक विशेष अवसर मानी जा रही है।

रामलला के दर्शन को बताया सौभाग्य का क्षण
अदाणी ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन संयम, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने लिखा कि अयोध्या में रामलला के दर्शन कर उन्हें और उनके परिवार को विशेष आध्यात्मिक संतोष प्राप्त हुआ। उनके अनुसार, श्रीराम के आदर्श हमें सदैव धर्म और सत्य के मार्ग पर उत्थान की प्रेरणा देते हैं।

देश के लिए एकता और समृद्धि का आशीर्वाद मांगा
हनुमान जयंती के पावन अवसर पर प्रभु श्रीराम और बजरंगबली का स्मरण करते हुए अदाणी ने देश के लिए विशेष प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम और बजरंगबली भारत को एकता, साहस और समृद्धि का आशीर्वाद दें। उनके इस संदेश पर सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली।

मन्दिर को आस्था एवं एकता का प्रतीक बताया गया
मीडिया से बातचीत में गौतम अदाणी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि भारत की संस्कृति, एकता और एकता का प्रतीक है। उन्होंने इसे एक भावुक और गौरवपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि ये पवित्र स्थल देश को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का काम कर रहे हैं।

गुरुकुल विद्यार्थियों से मुलाकात
अपने अयोध्या दौरे के दौरान अडानी परिवार सहित गुरुकुल कॉलेज भी शामिल हुए। यहां उन्होंने छात्रों और संकाय से संवाद और शिक्षा के महत्व पर चर्चा की। इस अवसर पर संस्थान की ओर से उन्हें एक पुस्तक को सम्मानित किया गया।

आस्था और संदेश का संगम
अदाणी की यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रही, बल्कि उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से देशवासियों को एकता, सिद्धांत और प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी।