स्पेशल सेल और एटीएस की संयुक्त कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, रविवार को मुंबई एटीएस और दिल्ली स्पेशल सेल ने मिलकर इन दोनों को हिरासत में लिया। इनके कब्जे से मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि दोनों “मिशन खिलाफत” और “सोल्जर ऑफ प्रॉफेट” जैसे आतंक समूहों से जुड़े हुए थे और पाकिस्तान में जैश कमांडर के संपर्क में थे।
खिलौना बम बनाने की योजना
जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों आतंकियों ने इंटरनेट के जरिए खिलौना बम बनाने की तकनीक सीखी थी और दिल्ली-मुंबई में धमाके करने की फिराक में थे। मुंबई एटीएस ने इससे पहले आईएस से जुड़े अन्य आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जिनसे पूछताछ में इन दोनों की जानकारी मिली।
युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का प्रयास
पुलिस के मुताबिक, मोसाब अहमद और मोहम्मद हमाद कालरा भारत में कट्टरपंथी युवाओं को भर्ती कर रहे थे। उनका मकसद आईएस का एजेंडा भारत में फैलाना और युवाओं को भड़काऊ सामग्री के माध्यम से कट्टरपंथी बनाना था। हथियार और प्रशिक्षण पाकिस्तान और अफगानिस्तान से उपलब्ध कराए जा रहे थे।
