नामांकन के दौरान एनसीपी के कई वरिष्ठ नेता जैसे सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और हसन मुश्रीफ मौजूद रहे। वहीं, महायुति गठबंधन के सहयोगी दलों से एकनाथ शिंदे और भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले भी उनके साथ नजर आए।
बारामती की जनता को संबोधित करते हुए सुनेत्रा पवार ने भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि जिस तरह लोगों ने वर्षों तक अजित पवार को समर्थन दिया, उसी तरह अब उन्हें भी सहयोग दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बारामती का विकास रुकेगा नहीं, किसानों को पानी मिलता रहेगा और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अजित पवार का निधन उनके परिवार के साथ-साथ पूरे राज्य के लिए बड़ी क्षति है।
इस दौरान उन्होंने अपने ससुर शरद पवार का जिक्र करते हुए कहा कि वह एक मजबूत राजनीतिक विरासत से आती हैं और अब जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस सीट से आकाश मोरे को मैदान में उतारा है। हालांकि, सत्ताधारी गठबंधन इस चुनाव को निर्विरोध कराना चाहता था, लेकिन कांग्रेस ने मुकाबले का फैसला लिया है।
चुनाव को लेकर बयानबाजी भी तेज हो गई है। एनसीपी नेता पार्थ पवार ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी को इसके परिणाम भुगतने होंगे। इस पर शरद पवार ने नाराजगी जताते हुए कहा कि राजनीति में ऐसे बयानों के लिए परिपक्वता जरूरी होती है और कांग्रेस को चुनाव लड़ने का पूरा अधिकार है। जवाब में कांग्रेस ने पार्थ पवार को ‘अकृतज्ञ बेटा’ बताते हुए तीखा पलटवार किया और कहा कि सत्ता के सामने झुकने वालों को दूसरों पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।
यह उपचुनाव 28 जनवरी को हुए एक विमान हादसे में अजित पवार के निधन के बाद हो रहा है। इसके बाद 31 जनवरी को सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनाया गया। अब वह बारामती से चुनाव लड़कर इस राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।
