कूनो से आयी खुशखबरी: मादा चीता ‘गामिनी’ ने दिया 4 शावकों को जन्‍म, देश में चीतों की संख्या बढ़कर 57 हुई


श्योपुर। मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से वन्यजीव संरक्षण को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहां मादा चीता गामिनी ने चार शावकों को जन्म दिया है जिससे देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 57 हो गई है।

सीएम ने दी जानकारी जताई खुशी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया के जरिए इस उपलब्धि की जानकारी साझा की। मुख्‍यमंत्री ने लिखा है कि मध्‍य प्रदेश अब चीतों के पुनरुद्धार के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। कूनो के खुले जंगलों में गामिनी चीते से जन्मी 25 महीने की भारतीय मूल की मादा चीते द्वारा चार शावकों का जन्म इस बात का प्रमाण है कि मध्य प्रदेश की भूमि चीतों के वंश विस्तार के लिए पूरी तरह से अनुकूल है। प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सफल हो रही है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए कूनो के प्रबंधकों और वन्यजीव पशु चिकित्सकों को बधाई दी है।

केंद्र ने भी बताया बड़ी सफलता

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि 2022 में शुरू हुए चीता पुनर्स्थापन कार्यक्रम के बाद यह एक महत्वपूर्ण सफलता है जब प्राकृतिक जंगल में शावकों का जन्म हुआ है।

प्राकृतिक वातावरण में सफल प्रजनन


वन विभाग के अनुसार मादा चीता गामिनी पिछले एक साल से खुले जंगल में रह रही थी और वहां की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल चुकी थी। जंगल में शावकों का जन्म इस बात का संकेत है कि कूनो का इकोसिस्टम चीतों के लिए सुरक्षित और अनुकूल बन चुका है।

परियोजना के लक्ष्य की ओर बड़ा कदम

मुख्य वन संरक्षक उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि यह घटना चीता परियोजना के उद्देश्य को आगे बढ़ाने वाला अहम पड़ाव है। गामिनी खुद भी एक शावक के रूप में यहां लाई गई थी और अब उसका सफल प्रजनन दीर्घकालिक सफलता का संकेत है।

मां और शावक सभी स्वस्थ निगरानी जारी
अधिकारियों के अनुसार गामिनी और उसके चारों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। उनकी लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी तरह की परेशानी न हो। इन चार नए शावकों के जन्म के बाद कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की संख्या और बढ़ गई है। वर्तमान में देश के अधिकांश चीते यहीं मौजूद हैं जबकि कुछ चीतों को मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य में भी बसाया गया है।