भारत-यूएई संबंधों में नई मजबूती: जयशंकर के दौरे में व्यापक साझेदारी पर रहा जोर


नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का दो दिवसीय आधिकारिक दौरा सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस दौरे के दौरान उन्होंने यूएई के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं और दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। दौरे के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह यात्रा भारत-यूएई संबंधों को नई दिशा देने वाली रही।

उच्च स्तरीय नेतृत्व से अहम मुलाकातें

अबू धाबी में विदेश मंत्री जयशंकर ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत संदेश भी दिया। इस बैठक में ऊर्जा सहयोग, व्यापार विस्तार और द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा बैठक में दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम भी उपस्थित रहे, जिससे यह मुलाकात और अधिक महत्वपूर्ण बन गई।

विदेश मंत्री स्तर की अलग वार्ता

डॉ. जयशंकर ने यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ भी अलग से बैठक की। इस बातचीत में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष, क्षेत्रीय स्थिरता और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति बनाए रखने और संकट के समय भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

भारतीय समुदाय से संवाद

यूएई पहुंचने पर विदेश मंत्री ने वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों से भी मुलाकात की। उन्होंने बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच उनकी सुरक्षा और भलाई से जुड़े मुद्दों को सुना और सरकार द्वारा उनके समर्थन के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। भारतीय समुदाय ने भी भारत सरकार के प्रयासों की सराहना की और दोनों देशों के मजबूत संबंधों पर भरोसा जताया।

ऊर्जा और व्यापार सहयोग पर फोकस

यह दौरा भारत की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य खाड़ी देशों से ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना और व्यापारिक साझेदारी को और मजबूत करना है। यूएई भारत के प्रमुख व्यापारिक और ऊर्जा साझेदारों में से एक है, और इस दौरे से दोनों देशों के संबंधों में और गहराई आने की उम्मीद है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर का यह यूएई दौरा भारत-यूएई संबंधों को नई मजबूती देने वाला साबित हुआ है। ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर हुई चर्चाओं ने दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और अधिक व्यापक और प्रभावशाली बनाने की दिशा तय की है।