गौशाला में काम के दौरान उठाया खौफनाक कदम
पुलिस के अनुसार, गुड्डू आदिवासी वर्ष 2017 से जेल में बंद था और गौशाला में गौसेवक के रूप में कार्य करता था। रविवार को वह रोज की तरह अन्य बंदियों के साथ काम करने गया था। शाम करीब 5:30 बजे जब वह बाकी बंदियों के साथ लौट रहा था, तब पानी का पंप बंद करने के लिए उसे वापस भेजा गया यही उसका आखिरी पल साबित हुआ।
प्रहरी ने देखा फंदे पर लटका शव
काफी देर तक वापस न लौटने पर जेल प्रहरी अंदर गया, जहां गुड्डू पेड़ से रस्सी के सहारे लटका मिला। उसने गायों को बांधने वाली रस्सी से ही फंदा बनाया था। तुरंत जेल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई।
परिजनों से दूरी और मानसिक तनाव की आशंका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक से उसके परिजन मिलने नहीं आते थे और वह कभी पैरोल पर भी नहीं गया था। ऐसे में मानसिक तनाव और अकेलेपन को आत्महत्या की वजह माना जा रहा है। वहीं, कुछ सूत्रों के अनुसार जेल अधिकारियों से उसका विवाद भी चल रहा था।
पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम आज
Gandhi Medical College की मर्चुरी में शव रखवाया गया है। सोमवार सुबह परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा। Gandhinagar Police Station ने मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
भोपाल सेंट्रल जेल की यह घटना जेल प्रशासन और बंदियों की मानसिक स्थिति पर कई सवाल खड़े करती है। जांच के बाद ही आत्महत्या के पीछे की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।
