टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी कोलकाता की टीम की शुरुआत ही झटके के साथ हुई। शुरुआती ओवरों में ही विकेट गिरने लगे, जिससे टीम दबाव में आ गई और रन गति धीमी पड़ गई। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और पिच पर टिककर खेलने में संघर्ष करते नजर आए।
मध्यक्रम में भी स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं रही। एक के बाद एक विकेट गिरने से टीम की स्थिति और खराब होती चली गई। कुछ बल्लेबाजों ने कोशिश जरूर की, लेकिन वे लंबे समय तक क्रीज पर टिक नहीं सके। इस दौरान विपक्षी गेंदबाजों ने शानदार अनुशासन के साथ गेंदबाजी की और लगातार दबाव बनाए रखा।
ऐसे मुश्किल समय में रिंकू सिंह ने पारी को संभालने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली। उन्होंने शुरुआत में संयम दिखाया और धीरे-धीरे अपनी लय पकड़ते हुए आक्रामक बल्लेबाजी शुरू की। उनकी पारी में शानदार शॉट्स का मिश्रण देखने को मिला, जिसमें चौके और छक्कों की बरसात ने टीम को संभाल लिया।
रिंकू सिंह ने अंत तक नाबाद रहते हुए तेज रन बनाए और टीम के स्कोर को 155 तक पहुंचा दिया। उनकी यह पारी पूरी तरह जिम्मेदारी और आक्रामकता का बेहतरीन उदाहरण रही, जिसने टीम को एक लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचाया। अगर यह पारी नहीं आती, तो स्कोर और भी कम हो सकता था।
दूसरी ओर, विपक्षी गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। एक गेंदबाज ने विशेष रूप से शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार विकेट निकाले और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। उनकी गेंदबाजी ने कोलकाता की पारी को शुरुआत में ही झटका दे दिया था।
हालांकि अंत में रिंकू की पारी ने मुकाबले को संतुलित कर दिया और अब मैच पूरी तरह खुला हुआ है। लखनऊ की टीम के सामने 155 रन का लक्ष्य है, जिसे हासिल करना आसान नहीं माना जा रहा।
