मनाली में पर्यटन सीजन बना बड़ी चुनौती, शहर से अटल टनल तक फैले महाजाम ने बढ़ाई मुश्किलें; घंटों सड़कों पर थमे सैलानी और स्थानीय लोग

नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मनाली इन दिनों पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण गंभीर ट्रैफिक संकट से जूझ रही है। पर्यटन सीजन अपने चरम पर है और लगातार बढ़ती पर्यटकों की संख्या ने शहर की सड़कों पर दबाव कई गुना बढ़ा दिया है। स्थिति ऐसी बन गई है कि शहर से लेकर अटल टनल मार्ग तक वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कई इलाकों में वाहन घंटों तक रेंगते रहे, जिससे पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बढ़ते ट्रैफिक दबाव ने एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर व्यवस्थाओं और तैयारियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सोमवार को सप्ताहांत समाप्त होने के बाद भी पर्यटकों की आवाजाही में कोई कमी नहीं दिखाई दी। सामान्य दिनों की तुलना में अधिक संख्या में वाहन सड़कों पर उतरे, जिससे शहर के प्रमुख मार्गों पर हालात बिगड़ते चले गए। मनाली शहर, अटल टनल मार्ग, सोलंगनाला, पलचान, वशिष्ठ और बाजार क्षेत्रों में सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। सबसे अधिक दबाव मनाली से सोलंगनाला और अटल टनल की ओर जाने वाले मार्गों पर देखने को मिला, जहां कई किलोमीटर तक वाहन फंसे रहे।

जाम का असर केवल घूमने आए पर्यटकों तक सीमित नहीं रहा बल्कि स्थानीय लोगों की दिनचर्या भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुई। टैक्सी चालक, होटल कर्मचारी, स्कूल जाने वाले बच्चे और रोजमर्रा के कार्यों के लिए निकलने वाले लोगों को घंटों तक सड़कों पर समय बिताना पड़ा। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती भीड़ के अनुपात में ट्रैफिक प्रबंधन की तैयारियां पर्याप्त नहीं दिखाई दे रही हैं। शहर के कई हिस्सों में अव्यवस्थित पार्किंग और अनियोजित यातायात व्यवस्था ने स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया।

स्थिति को और गंभीर बनाने वाली बात यह रही कि इन दिनों प्रशासनिक संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव भी बना हुआ है। पंचायत चुनावों के चलते सुरक्षा और पुलिस बल के कई कर्मियों की ड्यूटी अन्य जिम्मेदारियों में लगी हुई है। सामान्य परिस्थितियों में पर्यटन सीजन के दौरान बड़ी संख्या में जवान ट्रैफिक व्यवस्था संभालते हैं, लेकिन मौजूदा समय में सीमित स्टाफ के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित होती दिखाई दे रही हैं। परिणामस्वरूप यातायात नियंत्रण की कोशिशों के बावजूद हालात सामान्य नहीं हो पा रहे हैं।

स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि अगर समय रहते स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो भविष्य में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। उनका कहना है कि बेहतर पार्किंग व्यवस्था, शटल सेवाएं और वैकल्पिक यातायात योजनाएं अब समय की जरूरत बन चुकी हैं। दूसरी ओर प्रशासन भी लोगों से सहयोग की अपील कर रहा है और अनावश्यक निजी वाहनों के उपयोग से बचने की सलाह दे रहा है। फिलहाल बढ़ती भीड़ और सीमित संसाधनों के बीच मनाली का ट्रैफिक संकट आने वाले दिनों में प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता नजर आ रहा है।