राख’ में भोपाल के प्रसन्न सोनी का दमदार अभिनय, जटिल किरदार ने खींचा ध्यान


नई दिल्ली अमेजन प्राइम वीडियो की नई क्राइम-थ्रिलर वेब सीरीज ‘राख’ लगातार चर्चा में बनी हुई है। वर्ष 1978 की पृष्ठभूमि पर आधारित इस सीरीज में एक पुराने अपराध और उससे जुड़े रहस्यों की परतें धीरे-धीरे खोली जाती हैं। इस सीरीज में बॉलीवुड अभिनेता अली फज़ल मुख्य भूमिका में नजर आते हैं, जबकि सोनाली बेंद्रे, आमिर बशीर और राकेश बेदी जैसे अनुभवी कलाकार भी अहम किरदार निभा रहे हैं। इसी मजबूत स्टारकास्ट के बीच भोपाल के युवा रंगकर्मी प्रसन्न सोनी ने भी अपनी अलग पहचान बनाई है।
‘धनीराम’ का चुनौतीपूर्ण किरदार और गहरी मनोस्थिति

प्रसन्न सोनी ने इस सीरीज में ‘धनीराम’ का किरदार निभाया है, जो कई परतों वाला और मनोवैज्ञानिक रूप से बेहद जटिल है। यह किरदार अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर समाज के सामने सामान्य जीवन जीता है और भीतर ही भीतर संघर्षों से जूझता रहता है।  धनीराम समलैंगिक है, लेकिन सामाजिक दबावों के चलते वह अपनी सच्चाई छिपाकर पत्नी के साथ एक पारंपरिक वैवाहिक जीवन भी जीता है। इस दोहरे जीवन को पर्दे पर उतारना प्रसन्न के लिए एक बड़ी अभिनय चुनौती थी। सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि इस सीरीज में धनीराम की पत्नी का किरदार प्रसन्न की वास्तविक जीवन पत्नी भारती ने निभाया है। भारती, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) से प्रशिक्षित अभिनेत्री हैं और पहले भी फिल्मों व रंगमंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं।

अली फज़ल के साथ काम और अभिनय का अनुभव

प्रसन्न सोनी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में उन्हें अली फज़ल जैसे बड़े कलाकार के साथ स्क्रीन साझा करने का मौका मिला, जो उनके लिए सीखने का एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि ‘धनीराम’ जैसे किरदार को निभाने के लिए भावनात्मक गहराई और मानसिक स्तर पर तैयारी बेहद जरूरी थी।

राष्ट्रीय सम्मान की ओर बढ़ता सफर

हाल ही में प्रसन्न सोनी को वर्ष 2024 के लिए प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह सम्मान संगीत नाटक अकादमी द्वारा देशभर के युवा कलाकारों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए दिया जाता है। इसके अलावा भोपाल के तबला वादक रामेंद्र सिंह सोलंकी को भी इस पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है, जिससे मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत हुई है।

रंगमंच से वेब सीरीज तक का सफर

प्रसन्न सोनी लंबे समय से रंगमंच से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अभिनय, लेखन और निर्देशन के क्षेत्र में लगातार काम करते हुए सामाजिक विषयों और मानवीय संवेदनाओं को मंच पर जीवंत किया है। उनकी यही निरंतर साधना उन्हें राष्ट्रीय पहचान तक लेकर आई है। ‘राख’ में मिला यह किरदार उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो रहा है, जो उन्हें आने वाले समय में और बड़े प्रोजेक्ट्स की ओर ले जा सकता है।