Post Office Time Deposit: ₹7 लाख निवेश पर 5 साल में ₹10.14 लाख, गारंटीड रिटर्न और जीरो रिस्क वाली सुरक्षित स्कीम


नई दिल्ली। पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉज़िट स्कीम (Post Office Time Deposit Scheme) उन निवेशकों के लिए फिर से आकर्षण का केंद्र बन गई है, जो सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न की तलाश में हैं। यह योजना बैंक एफडी की तरह काम करती है और इसे पूरी तरह से भारत सरकार का समर्थन प्राप्त है, जिससे इसमें निवेश पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है। इस स्कीम के तहत निवेशक ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों से अकाउंट खोल सकते हैं और जरूरत पड़ने पर इसे देश के किसी भी पोस्ट ऑफिस में आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है।

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉज़िट एक फिक्स्ड-इनकम स्मॉल सेविंग स्कीम है, जिसमें निवेशक अपनी पसंद की अवधि के लिए एकमुश्त राशि जमा कर सकते हैं और तय अवधि के बाद गारंटीड ब्याज प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में इस योजना पर 1 साल से लेकर 5 साल की अवधि के लिए 6.90% से 7.50% तक की ब्याज दर मिल रही है।

इसका मतलब यह है कि कम जोखिम चाहने वाले निवेशक इस योजना के जरिए बिना बाजार की चिंता किए मजबूत रिटर्न हासिल कर सकते हैं।

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुरक्षा और स्थिरता है। चूंकि यह वित्त मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है, इसलिए इसमें निवेश का जोखिम लगभग नगण्य है। निवेशक अपनी सुविधा अनुसार 1, 2, 3 या 5 साल की अवधि में पैसा लगा सकते हैं। न्यूनतम निवेश केवल 1,000 रुपये है और इसके बाद 1,000 रुपये के मल्टीपल में कोई भी राशि जमा की जा सकती है। अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है, जिससे बड़े निवेशक भी आसानी से इसमें पैसा लगा सकते हैं।

लिक्विडिटी के मामले में भी यह स्कीम निवेशकों के लिए बेहद लाभकारी है।

अकाउंट खोलने के 6 महीने बाद समय से पहले पैसा निकालने की अनुमति होती है। हालांकि, प्री-मैच्योर विदड्रॉल पर ब्याज दर थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन यह सुविधा फाइनेंशियल इमरजेंसी की स्थिति में बेहद उपयोगी साबित होती है।

अब बात करते हैं 7 लाख रुपये के निवेश पर मिलने वाले रिटर्न की। यदि कोई निवेशक पोस्ट ऑफिस की 5 साल वाली टाइम डिपॉज़िट स्कीम में 7.50% ब्याज दर पर ₹7,00,000 एकमुश्त जमा करता है, तो 60 महीने बाद उसे लगभग ₹3,14,964 सिर्फ ब्याज के रूप में प्राप्त होंगे। मैच्योरिटी के समय कुल राशि लगभग ₹10,14,964 बन जाएगी। इस रिटर्न की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह गारंटीड है और इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता।

टैक्स के नजरिए से भी यह स्कीम निवेशकों के लिए फायदेमंद है। 5 साल की टाइम डिपॉज़िट पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत सालाना ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। हालांकि, स्कीम से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स देना अनिवार्य है और अगर सालाना ब्याज तय सीमा से ज्यादा होता है तो TDS कट सकता है। पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉज़िट में ब्याज की गणना तिमाही आधार पर कंपाउंडिंग के साथ की जाती है और ब्याज का भुगतान सालाना होता है।

यह व्यवस्था उन निवेशकों के लिए बेहद लाभकारी है, जो लंबी अवधि में कंपाउंडिंग से बेहतर फंड बनाना चाहते हैं और हर साल निश्चित ब्याज आय पाना चाहते हैं।

कुल मिलाकर, पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉज़िट स्कीम उन लोगों के लिए एक बेहतरीन निवेश विकल्प है जो सुरक्षित, गारंटीड और जोखिम-रहित रिटर्न चाहते हैं। 7 लाख रुपये के निवेश पर 5 साल में 10 लाख रुपये से अधिक का फंड तैयार होना इस बात का सबूत है कि यह योजना लंबी अवधि के लिए भरोसेमंद और मजबूत निवेश विकल्प साबित हो सकती है।