वंदे भारत स्लीपर में बड़ा बदलाव: अब सिर्फ कन्फर्म बर्थ पर होगी यात्रा, RAC और वेटिंग टिकट बंद


नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने लंबी दूरी की रात की यात्रा को पूरी तरह नया रूप देने की तैयारी कर ली है। अगले सप्ताह देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस पटरी पर उतरने वाली है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि इस ट्रेन में केवल कन्फर्म टिकट पर ही सफर की अनुमति होगी। यानी RAC की सुविधा खत्म हो जाएगी और वेटिंग लिस्ट पर कोई टिकट जारी नहीं किया जाएगा।रेलवे अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था के तहत जितनी बर्थ सिस्टम में उपलब्ध होंगी उतने ही टिकट बिकेंगे। इसका मतलब है कि अगर बर्थ नहीं मिली तो टिकट बुक ही नहीं होगा। इससे यात्रियों को आधी सीट साझा बर्थ और अनिश्चित यात्रा जैसी परेशानियों से पूरी तरह राहत मिलेगी। अब तक लंबी दूरी की ट्रेनों में RAC का मतलब था कि एक बर्थ पर दो यात्री सफर करें। लेकिन वंदे भारत स्लीपर को प्रीमियम कैटेगरी में रखा गया है जहां रेलवे ने साफ कर दिया है-नो बर्थ नो टिकट।

किराये की बात करें तो यह ट्रेन सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में थोड़ी महंगी है। रेलवे ने न्यूनतम 400 किलोमीटर की दूरी के लिए बेस चार्ज तय किया है। 3AC की दर लगभग ₹2.40 प्रति किलोमीटर 2AC ₹3.10 प्रति किलोमीटर और 1AC ₹3.80 प्रति किलोमीटर होगी। एसी श्रेणियों में GST अलग से लागू होगा।वंदे भारत स्लीपर की शुरुआत हावड़ा–गुवाहाटी रूट से होगी। रेलवे का दावा है कि यह ट्रेन मौजूदा ट्रेनों की तुलना में लगभग तीन घंटे कम समय में सफर पूरा करेगी। यह पूरी तरह ओवरनाइट ट्रेन होगी रात में रवाना होकर सुबह यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाएगी।

आराम और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। ट्रेन में आधुनिक गद्देदार बर्थ कम शोर वाला सस्पेंशन सिस्टम ऑटोमैटिक दरवाजे और एयरोडायनामिक कोच होंगे। सुरक्षा के लिहाज से इसमें कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम इमरजेंसी कम्यूनिकेशन सुविधा और उन्नत सैनिटेशन तकनीक दी गई है। रेलवे का कहना है कि यह ट्रेन उन यात्रियों के लिए आदर्श विकल्प है जो रात की यात्रा में प्राइवेसी आराम और समय की बचत चाहते हैं।रेलवे अधिकारियों का मानना है कि वंदे भारत स्लीपर से यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा का नया अनुभव मिलेगा। समय की बचत के साथ-साथ पूरी बर्थ की सुविधा और प्रीमियम सुरक्षा इसे विशेष बनाती है। इसके अलावा यह ट्रेन लंबी दूरी की रात की यात्रा में यात्रियों की सुविधा और संतोष का नया मानक स्थापित करेगी।