MP में शीतलहर का प्रकोप: मंदसौर में 2.5°C तक गिरा पारा 5 जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट; अगले 2-3 दिन और बढ़ेगी ठंड


भोपाल । मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित कर दी है। उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं और साफ आसमान के कारण प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार गिरता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि रात के साथ-साथ दिन में भी ठिठुरन बनी हुई है। प्रदेश में इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान मंदसौर में दर्ज किया गया जहां न्यूनतम पारा गिरकर 2.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मंदसौर के अलावा शहडोल अनूपपुर उमरिया कटनी मैहर सहित कई जिलों में न्यूनतम तापमान 3 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया है। ठंड का असर सिर्फ ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं है बल्कि भोपाल इंदौर ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े शहर भी इसकी चपेट में हैं। इन शहरों में रात का तापमान तेजी से गिरा है और दिन में भी ठंडक बनी हुई है जिससे लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं।

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहा। ग्वालियर-चंबल सागर और रीवा संभाग में कोहरे का असर सबसे ज्यादा देखा गया जहां विजिबिलिटी काफी कम हो गई। इससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ और सुबह के समय वाहनों की रफ्तार थमी रही। कई जगह स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने शहडोल अनूपपुर उमरिया कटनी और मैहर जिलों में कोल्ड वेव को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बुजुर्गों बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाने के लिए घरों में ही रहने की अपील की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक ठंड से सर्दी खांसी बुखार और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों तक ठंड और तेज पड़ सकती है। रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है जबकि ठंडी हवाओं के कारण दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे बना रहेगा। हालांकि राहत की उम्मीद भी दिखाई दे रही है। 19 जनवरी से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने की संभावना है जिसके प्रभाव से 20 और 21 जनवरी के बाद प्रदेश में बादल छा सकते हैं और कुछ इलाकों में हल्की बारिश या मावठा हो सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बादलों और बारिश के चलते तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और ठंड से कुछ हद तक राहत मिलेगी। फिलहाल प्रदेश में शीतलहर का असर जारी है और लोगों को अगले कुछ दिन और कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा।