भोपाल: गोमांस मिला मीट विवाद में शहर सरकार फिर घिरी, युवा कांग्रेस ने मेयर के बोर्ड पर गोमूत्र छिड़का, बर्खास्तगी की मांग तेज



भोपाल। भोपाल के जिंसी स्थित आधुनिक स्लॉटर हाउस से निकले मीट में गोमांस मिलने के मामले ने एक बार फिर नए रूप में तूल पकड़ लिया है। पहले हिंदूवादी संगठनों के प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को युवा कांग्रेस भी सड़कों पर उतर आई और उन्होंने मेयर मालती राय के बोर्ड पर गोमूत्र छिड़ककर उसे पवित्र करने का दावा किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने जमकर नारेबाजी की और मेयर के इस्तीफे की मांग भी की। इस प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया।

युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव मोहित सक्सेना और अंकित दुबे के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया। इसमें युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता गौरव अवस्थी, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष निकी चौबे, NSUI जिला उपाध्यक्ष हर्षु सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।

प्रदर्शनकारियों ने मेयर के बोर्ड को गोमूत्र और गोबर से पवित्र कर दिया और कहा कि यह कार्रवाई शहर की सफाई और धार्मिक भावनाओं के लिए की गई है।

इधर, नगर निगम में विपक्षी पार्षदों ने भी महापौर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के पार्षद नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के नेतृत्व में पार्षदों ने महापौर मालती राय को बर्खास्त करने की मांग की और कहा कि गोमांस मामले में जिम्मेदारी तय की जाए। पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि जो लोग मामले में जिम्मेदार हैं, उन्हें बचाया जा रहा है और कम वेतन वाले विनियमित कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।

पार्षदों का कहना है कि यह पूरा मामला मेयर-इन-काउंसिल (MIC) के सदस्यों की जानकारी और सहमति से हुआ, लेकिन जांच में उनकी भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है।

इसी बीच, पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान, प्रवीण सक्सेना, जीत सिंह राजपूत, लक्ष्मण राजपूत, जहीर खान आदि भी मौजूद रहे।

वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए अब उच्च स्तरीय जांच के लिए कमेटी बनाए जाने की तैयारी है। निगम के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी के आदेश पर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के आयुक्त को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का अनुरोध किया है, ताकि निगम के जिम्मेदारों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो सके।

मामला एक महीने से अधिक समय से चल रहा है, लेकिन शांत होने का नाम नहीं ले रहा। बुधवार को हिंदूवादी संगठनों ने महापौर मालती राय के बंगले का घेराव किया और उन्हें “मुल्ला” कहकर संबोधित किया। वहीं, गुरुवार को हिंदू उत्सव समिति ने स्लॉटर हाउस पहुंचकर जांच-पड़ताल की, लेकिन पुलिस ने किसी को अंदर नहीं जाने दिया।

अब यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव के बीच उच्च स्तरीय जांच की ओर बढ़ रहा है, जिससे जल्द ही असली जिम्मेदारों का खुलासा हो सकता है।