गोवा कॉन्सर्ट से पहले सुनिधि चौहान को 'सेंसर' का झटका: 'बीड़ी जलाइले' और 'शराबी' जैसे गानों पर प्रशासन की रोक


नई दिल्ली। बॉलीवुड की मशहूर गायिका सुनिधि चौहान के गोवा में होने वाले लाइव कॉन्सर्ट द अल्टीमेट सुनिधि लाइव से ठीक पहले एक बड़ी कानूनी और प्रशासनिक बाधा सामने आई है। दक्षिण गोवा जिला बाल संरक्षण इकाई ने कॉन्सर्ट के आयोजकों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है, जिसमें सुनिधि चौहान को उन गानों को न गाने की सलाह दी गई है जो शराब, धूम्रपान या नशीले पदार्थों को बढ़ावा देते हैं। यह कॉन्सर्ट 25 जनवरी 2026 को गोवा के वर्ना स्थित ‘1919 स्पोर्ट्ज क्रिकेट स्टेडियम’ में आयोजित होना है। चूंकि इस कार्यक्रम में 5 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बच्चों को भी प्रवेश दिया गया है, इसलिए प्रशासन ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया है।

विवाद की जड़: डॉ. पंडितराव धारेनवर की शिकायत

यह पूरी कार्रवाई चंडीगढ़ के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धारेनवर की शिकायत के बाद शुरू हुई है। डॉ. धारेनवर ने सुनिधि के कुछ बेहद लोकप्रिय गानों पर आपत्ति जताई है, जिनमें शामिल हैं: बीड़ी जलाइले फिल्म ओमकारा ,शराबी फिल्म हैप्पी न्यू ईयर डॉ. पंडितराव का तर्क है कि इस तरह के गाने नशीले पदार्थों के सेवन को ग्लैमराइज करते हैं। जब बच्चे अपने पसंदीदा कलाकार को ऐसे गाने गाते देखते हैं, तो उनके मन में इन बुराइयों के प्रति आकर्षण पैदा हो सकता है, जो किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) 2015 की मूल भावना के खिलाफ है।

प्रशासन का तर्क और अदालती हवाला

प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के साल 2019 के एक फैसले का जिक्र किया गया है। इस ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि सार्वजनिक मंचों पर शराब, हथियारों और अश्लीलता को बढ़ावा देने वाले गानों पर रोक लगनी चाहिए, विशेषकर तब जब वहां नाबालिग मौजूद हों। उद्देश्य: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इसका मकसद कार्यक्रम को रोकना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि कॉन्सर्ट का कंटेंट बच्चों के लिए सुरक्षित और सामाजिक रूप से जिम्मेदार हो। आयोजकों को निर्देश आयोजकों से कहा गया है कि वे सुनिधि चौहान और उनकी टीम के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित करें कि गानों की लिस्ट में कोई भी ऐसा गाना शामिल न हो जिससे विवाद बढ़े।

सुनिधि का मौन और अन्य कलाकार भी रडार पर

दिलचस्प बात यह है कि सुनिधि चौहान पहली कलाकार नहीं हैं जिन्हें डॉ. पंडितराव की सक्रियता का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले दिलजीत दोसांझ करण औजला और कोल्डप्ले जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों को भी इसी तरह के नोटिस मिल चुके हैं। फिलहाल सुनिधि चौहान या उनकी टीम की ओर से इस एडवाइजरी पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।