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  • विवादों के बाद आखिरकार OTT पर आई 'सतलुज', दिलजीत दोसांझ का भावुक संदेश- फिल्म बिना किसी कट के रिलीज हुई

    विवादों के बाद आखिरकार OTT पर आई 'सतलुज', दिलजीत दोसांझ का भावुक संदेश- फिल्म बिना किसी कट के रिलीज हुई


    नई दिल्ली। पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ की लंबे समय से चर्चा में रही फिल्म सतलुज आखिरकार दर्शकों के बीच पहुंच गई है। पहले पंजाब 95 के नाम से चर्चित रही इस फिल्म को सेंसर बोर्ड के साथ लंबी कानूनी प्रक्रिया और विवादों के बाद नया शीर्षक दिया गया। शुक्रवार को फिल्म को चुपचाप ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज कर दिया गया। खास बात यह रही कि फिल्म अपने मूल स्वरूप में बिना किसी कट के स्ट्रीम की गई जिससे इसके निर्माता और कलाकारों की लंबे समय से चली आ रही कोशिश सफल होती नजर आई।

    फिल्म की रिलीज के साथ ही दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा कर अपने प्रशंसकों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि यह फिल्म केवल उनकी टीम की नहीं बल्कि उन सभी लोगों की है जिन्होंने पूरे सफर में प्रार्थनाओं और समर्थन के जरिए उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान उन्हें अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर अडिग रहने की ताकत मिली और आखिरकार फिल्म उसी रूप में दर्शकों तक पहुंची जैसी इसे बनाया गया था।

    दिलजीत ने यह भी बताया कि फिल्म का मूल शीर्षक उन्हें नहीं मिल सका इसलिए अब इसे सतलुज नाम से रिलीज किया गया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल नाम बदला है जबकि फिल्म की कहानी और प्रस्तुति में किसी तरह का समझौता नहीं किया गया। अभिनेता ने कहा कि उन्होंने पहले ही दर्शकों से वादा किया था कि फिल्म को उसके वास्तविक स्वरूप में ही रिलीज किया जाएगा और ऐसा ही हुआ।

    यह फिल्म प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित है। कहानी उस दौर को सामने लाती है जब पंजाब में उग्रवाद के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के मामलों को उजागर करने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए खालरा ने लंबा संघर्ष किया था। फिल्म में उनके साहस संघर्ष और सच्चाई के लिए चुकाई गई व्यक्तिगत कीमत को संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

    फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है जबकि निर्माण RSVP और मैकगफिन पिक्चर्स ने किया है। दिलजीत दोसांझ के साथ अर्जुन रामपाल कंवलजीत सिंह सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओह्ल्यान ने भी अहम भूमिकाएं निभाई हैं। दमदार कलाकारों और संवेदनशील विषय के कारण फिल्म पहले से ही दर्शकों और समीक्षकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई थी।

    लंबे इंतजार और विवादों के बाद रिलीज हुई सतलुज अब उन दर्शकों तक पहुंच चुकी है जो काफी समय से इस फिल्म का इंतजार कर रहे थे। फिल्म की रिलीज के साथ यह भी साफ हो गया कि टीम ने अपनी मूल रचनात्मक सोच को बरकरार रखते हुए इसे दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश की है।

  • आमिर खान ने शादी की खबर पर लगाई मुहर 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट संग लेंगे सात फेरे बेटे जुनैद का रिएक्शन बना चर्चा का विषय

    आमिर खान ने शादी की खबर पर लगाई मुहर 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट संग लेंगे सात फेरे बेटे जुनैद का रिएक्शन बना चर्चा का विषय


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने अपनी तीसरी शादी को लेकर चल रही सभी अटकलों पर आखिरकार विराम लगा दिया है। अभिनेता ने खुद पुष्टि की है कि वह 5 जुलाई को अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं। 61 वर्ष की उम्र में आमिर अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करने जा रहे हैं और इस खास मौके को उन्होंने पूरी तरह निजी रखने का फैसला किया है। शादी में केवल परिवार के सदस्य और कुछ बेहद करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। अभिनेता ने इस मौके पर अपने प्रशंसकों से भी प्यार और आशीर्वाद की अपील की है ताकि उनके जीवन का नया सफर खुशियों से भरा रहे।

    आमिर खान हाल ही में अपने बेटे जुनैद खान के साथ एक कार्यक्रम में पहुंचे थे जहां उन्होंने मीडिया से खुलकर अपनी शादी को लेकर बातचीत की। सबसे दिलचस्प पल तब देखने को मिला जब आमिर अपनी शादी की जानकारी साझा कर रहे थे और उनके बगल में बैठे जुनैद खान मुस्कुराते हुए नजर आए। पिता की बात सुनकर उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। इस दौरान आमिर ने बताया कि शादी किसी आलीशान होटल या बड़े वेडिंग वेन्यू पर नहीं बल्कि उनके घर पर ही होगी। उन्होंने कहा कि यह एक छोटा और पारिवारिक समारोह होगा जिसमें केवल अपने लोग शामिल होंगे।

    अभिनेता ने स्पष्ट किया कि वह किसी भव्य रिसेप्शन या करोड़ों रुपये के आयोजन के पक्ष में नहीं हैं। उनकी प्राथमिकता सादगी और पारिवारिक माहौल है। आमिर का कहना है कि जीवन के इस महत्वपूर्ण अवसर को वह शोर शराबे के बजाय अपनों के साथ शांत और यादगार तरीके से मनाना चाहते हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान सभी से दुआएं मांगते हुए कहा कि उनकी और गौरी की नई जिंदगी खुशियों और विश्वास से भरी रहे।

    आमिर खान की निजी जिंदगी हमेशा चर्चा में रही है। उनकी पहली शादी रीना दत्ता से हुई थी जिनसे उन्हें दो बच्चे जुनैद खान और आयरा खान हैं। कई वर्षों तक साथ रहने के बाद दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला लिया। इसके बाद आमिर ने फिल्म निर्माता किरण राव से दूसरी शादी की। इस रिश्ते से उनके बेटे आजाद राव खान का जन्म हुआ। हालांकि वर्ष 2021 में आमिर और किरण ने भी अलग होने का फैसला किया लेकिन दोनों आज भी अच्छे दोस्त हैं और बेटे की परवरिश मिलकर कर रहे हैं।

    अब आमिर खान गौरी स्प्रैट के साथ अपने जीवन की नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। पिछले कुछ समय से दोनों के रिश्ते की चर्चा लगातार हो रही थी लेकिन अभिनेता ने हमेशा इस रिश्ते को निजी रखा। अब शादी की आधिकारिक पुष्टि के बाद उनके प्रशंसकों में उत्साह बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर भी फैंस उन्हें लगातार शुभकामनाएं दे रहे हैं और नई जिंदगी के लिए ढेर सारी बधाइयां भेज रहे हैं।

    आमिर खान का यह फैसला इस बात का भी संदेश देता है कि जीवन में नई शुरुआत के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बनती। अपने परिवार के समर्थन और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में वह 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट का हाथ थामकर एक नए अध्याय की शुरुआत करेंगे। अब सभी की नजरें इस निजी लेकिन बेहद चर्चित शादी पर टिकी हुई हैं।

  • गोविंदा को डरा गई थी गदर की स्क्रिप्ट फिल्म बनी ब्लॉकबस्टर और सनी देओल के करियर की सबसे बड़ी हिट

    गोविंदा को डरा गई थी गदर की स्क्रिप्ट फिल्म बनी ब्लॉकबस्टर और सनी देओल के करियर की सबसे बड़ी हिट


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाने वाली गदर एक प्रेम कथा आज भी दर्शकों की पसंदीदा फिल्मों में शामिल है। वर्ष 2001 में रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड बनाए और सनी देओल के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। हालांकि इस फिल्म को लेकर एक पुराना किस्सा एक बार फिर चर्चा में है। निर्देशक अनिल शर्मा ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्होंने फिल्म की कहानी अभिनेता गोविंदा को भी सुनाई थी लेकिन कहानी की भव्यता और विषय को देखकर वह हैरान रह गए थे।

    लंबे समय से यह चर्चा होती रही है कि गदर में तारा सिंह के किरदार के लिए पहले गोविंदा को चुना गया था। हालांकि निर्देशक अनिल शर्मा ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोविंदा को कभी इस फिल्म के लिए साइन नहीं किया गया था। उस समय वह फिल्म महाराजा की शूटिंग कर रहे थे और इसी दौरान अनिल शर्मा ने उन्हें गदर की कहानी सुनाई थी।

    निर्देशक के अनुसार गोविंदा ने कहानी सुनने के बाद कहा कि इतनी बड़ी और भव्य फिल्म बनाना आसान नहीं होगा। उस दौर में पाकिस्तान की पृष्ठभूमि पर इतने बड़े स्तर पर फिल्म बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता था। यही वजह थी कि गोविंदा इस परियोजना की विशालता को लेकर आशंकित नजर आए। अनिल शर्मा ने साफ कहा कि तारा सिंह के किरदार के लिए उनकी पहली और अंतिम पसंद हमेशा सनी देओल ही थे।

    फिल्म में सनी देओल ने तारा सिंह का किरदार निभाया जबकि अमीषा पटेल ने सकीना की भूमिका से दर्शकों का दिल जीत लिया। दोनों की जोड़ी को जबरदस्त लोकप्रियता मिली और फिल्म का देशभक्ति तथा प्रेम से जुड़ा भावनात्मक कथानक लोगों के दिलों में बस गया। फिल्म के संवाद और गीत भी आज तक याद किए जाते हैं।

    निर्देशक ने यह भी बताया कि मुख्य अभिनेत्री के किरदार के लिए केवल काजोल ही नहीं बल्कि कई अभिनेत्रियों से बातचीत की गई थी। अंत में अमीषा पटेल को यह भूमिका मिली और उन्होंने अपने अभिनय से फिल्म को यादगार बना दिया। गदर उनके करियर की सबसे बड़ी सफल फिल्मों में शामिल हो गई।

    करीब 18 करोड़ 50 लाख रुपये के बजट में बनी गदर एक प्रेम कथा ने रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। फिल्म ने भारत और विदेशों में मिलाकर 133 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया और उस समय की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल हो गई। भारतीय बॉक्स ऑफिस पर भी इसने शानदार कमाई करते हुए कई रिकॉर्ड बनाए। आज भी गदर को हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में गिना जाता है और तारा सिंह का किरदार सनी देओल की पहचान बन चुका है। निर्देशक के इस पुराने खुलासे ने एक बार फिर यह चर्चा तेज कर दी है कि यदि गोविंदा ने इस कहानी पर अलग नजरिया अपनाया होता तो शायद हिंदी सिनेमा का इतिहास कुछ और होता। हालांकि अंततः यह फिल्म सनी देओल के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में बदल गई।

  • रिवॉल्वर रानी के किसिंग सीन पर फैली अफवाह पर वीर दास ने तोड़ी चुप्पी कंगना रनौत ने भी दिया करारा जवाब

    रिवॉल्वर रानी के किसिंग सीन पर फैली अफवाह पर वीर दास ने तोड़ी चुप्पी कंगना रनौत ने भी दिया करारा जवाब


    नई दिल्ली। फिल्म रिवॉल्वर रानी के एक पुराने किसिंग सीन को लेकर सोशल मीडिया पर फिर से चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में एक पॉडकास्ट में किए गए दावे के बाद यह अफवाह तेजी से वायरल होने लगी कि फिल्म की शूटिंग के दौरान कंगना रनौत ने किसिंग सीन करते समय अभिनेता और कॉमेडियन वीर दास के होंठ काट दिए थे जिससे उनके होंठ से खून निकल आया था। मामला चर्चा में आने के बाद अब खुद वीर दास ने सामने आकर इन दावों को पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बताया है। इसके बाद कंगना रनौत ने भी इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

    विवाद की शुरुआत एक वरिष्ठ पत्रकार के पॉडकास्ट इंटरव्यू से हुई जिसमें दावा किया गया कि रिवॉल्वर रानी की शूटिंग के दौरान एक किसिंग सीन में कंगना अपने किरदार में इतनी डूब गई थीं कि निर्देशक के कट बोलने के बाद भी नहीं रुकीं। बातचीत के दौरान यह भी कहा गया कि इसी वजह से वीर दास के होंठ पर चोट लगी और खून निकल आया। पॉडकास्ट का यह हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

    जब यह दावा वायरल हुआ तो वीर दास ने सोशल मीडिया पर इसकी सच्चाई साफ करते हुए कहा कि यह पूरी कहानी काल्पनिक है और इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंगना रनौत शूटिंग के दौरान पूरी तरह प्रोफेशनल थीं और उनके साथ काम करने का अनुभव हमेशा अच्छा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि कंगना एक बेहतरीन अभिनेत्री हैं और उनके बारे में इस तरह की झूठी बातें फैलाना उचित नहीं है।

    वीर दास ने अपने खास अंदाज में हल्का मजाक भी किया। उन्होंने कहा कि बाद के वर्षों में कंगना ने उनकी स्टैंडअप कॉमेडी को लेकर उन्हें आतंकवादी जरूर कहा था लेकिन फिल्म के सेट पर उनके बीच कभी कोई समस्या नहीं हुई। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अफवाहों पर विराम लग गया।

    वीर दास की पोस्ट पर कंगना रनौत ने भी जवाब दिया। उन्होंने अफवाह फैलाने वाले दावे पर नाराजगी जताते हुए लिखा कि ऐसा लगता है जैसे कोई व्यक्ति अपनी कल्पनाओं को सच साबित करने के लिए उनका और वीर दास का नाम इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने पूरे दावे को बेहद अजीब बताते हुए कहा कि इस तरह की कहानियों का वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है।

    यह पहली बार नहीं है जब कंगना ने इस तरह की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी हो। इससे पहले भी जब यह दावा सोशल मीडिया पर सामने आया था तब उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में इसे खारिज किया था। अब वीर दास और कंगना दोनों के स्पष्ट बयानों के बाद यह साफ हो गया है कि वायरल हो रहा किसिंग सीन वाला दावा किसी प्रमाणित घटना पर आधारित नहीं है बल्कि केवल एक अपुष्ट और मनगढ़ंत कहानी है। दोनों कलाकारों ने अपने अपने तरीके से इस विवाद पर विराम लगाने की कोशिश की है।

  • करिश्मा-अजय के रिश्ते की दरार ने डुबो दी करोड़ों की फिल्म, कभी रिलीज नहीं हो पाई ‘काला पानी’

    करिश्मा-अजय के रिश्ते की दरार ने डुबो दी करोड़ों की फिल्म, कभी रिलीज नहीं हो पाई ‘काला पानी’

    नई दिल्ली। बॉलीवुड की लोलो यानी करिश्मा कपूर ने अपने करियर में कई सुपरहिट और ब्लॉकबस्टर फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों पर राज किया। 25 जून को अपना जन्मदिन मना रहीं करिश्मा कपूर का नाम 90 के दशक की सबसे सफल अभिनेत्रियों में शुमार किया जाता है। उन्होंने सलमान खान, गोविंदा, आमिर खान और शाहरुख खान जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया और कई यादगार फिल्में दीं। हालांकि उनके फिल्मी सफर में एक ऐसी फिल्म भी रही जो बड़े पर्दे तक कभी पहुंच ही नहीं पाई। यह फिल्म थी ‘काला पानी’ जिसमें उनके साथ अजय देवगन मुख्य भूमिका में नजर आने वाले थे।

    90 के दशक में करिश्मा कपूर और अजय देवगन की जोड़ी दर्शकों की पसंदीदा जोड़ियों में शामिल थी। दोनों ने जिगर, सुहाग और शक्तिमान जैसी फिल्मों में साथ काम किया और उनकी केमिस्ट्री को खूब सराहा गया। ऑनस्क्रीन हिट जोड़ी बनने के साथ-साथ दोनों की नजदीकियां वास्तविक जीवन में भी बढ़ने लगी थीं। उस दौर में फिल्मी पत्रिकाओं और मनोरंजन जगत में दोनों के रिश्ते की चर्चा आम थी। माना जाता है कि दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब थे और उनका रिश्ता काफी गंभीर हो चुका था।

    इसी दौरान निर्देशक प्रकाश झा ने करिश्मा कपूर और अजय देवगन को लेकर एक बड़े बजट की फिल्म ‘काला पानी’ बनाने की योजना बनाई। फिल्म को लेकर इंडस्ट्री में काफी उत्साह था और इसे उस समय के बड़े प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा था। शूटिंग भी शुरू हो चुकी थी और फिल्म का कुछ हिस्सा पूरा कर लिया गया था। लेकिन इसी बीच दोनों कलाकारों के रिश्ते में दरार आने लगी।

    रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म की शूटिंग के दौरान अजय देवगन और करिश्मा कपूर के संबंध खराब होने लगे। कहा जाता है कि इसी दौरान अजय देवगन की जिंदगी में काजोल की एंट्री हुई और इसके बाद करिश्मा और अजय के रिश्ते में तनाव बढ़ गया। धीरे-धीरे हालात इतने बिगड़ गए कि दोनों के बीच बातचीत तक बंद हो गई। निजी जीवन में पैदा हुई यह दूरी फिल्म के सेट तक पहुंच गई और इसका असर शूटिंग पर साफ दिखाई देने लगा।

    जो कलाकार कभी एक-दूसरे के साथ घंटों समय बिताते थे वे अब साथ में सीन शूट करने से भी कतराने लगे। बताया जाता है कि दोनों ने एक-दूसरे के साथ काम करने में अनिच्छा जतानी शुरू कर दी थी। निर्देशक प्रकाश झा ने मामले को संभालने और दोनों के बीच सुलह कराने की कोशिश की लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। फिल्म की शूटिंग बार-बार प्रभावित होने लगी और प्रोजेक्ट पर संकट गहराता गया।

    आखिरकार स्थिति ऐसी बन गई कि मेकर्स को फिल्म का काम रोकना पड़ा। करोड़ों रुपये खर्च होने और शूटिंग का बड़ा हिस्सा पूरा होने के बावजूद ‘काला पानी’ को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इस फैसले से निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। साथ ही दर्शक भी उस फिल्म को देखने से वंचित रह गए जिसे उस समय एक संभावित ब्लॉकबस्टर माना जा रहा था।

    फिल्म बंद होने के बाद करिश्मा कपूर और अजय देवगन की राहें हमेशा के लिए अलग हो गईं। करिश्मा ने आगे चलकर गोविंदा और सलमान खान के साथ कई हिट फिल्में दीं जबकि अजय देवगन ने काजोल के साथ अपना जीवन और करियर आगे बढ़ाया। आज भी जब बॉलीवुड की अधूरी और अनरिलीज्ड फिल्मों का जिक्र होता है तो ‘काला पानी’ का नाम सबसे पहले लिया जाता है। यह फिल्म इस बात का उदाहरण है कि कभी-कभी निजी रिश्तों की खटास एक बड़े सिनेमाई सपने को भी अधूरा छोड़ देती है।

  • 19 साल की दीया मिर्जा से सलमान खान ने कही थी ऐसी बात, आज भी नहीं भूलीं एक्ट्रेस

    19 साल की दीया मिर्जा से सलमान खान ने कही थी ऐसी बात, आज भी नहीं भूलीं एक्ट्रेस


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा ने हाल ही में फिल्म निर्माता और कोरियोग्राफर फराह खान के व्लॉग में अपने करियर के शुरुआती दिनों से जुड़ा एक दिलचस्प और मजेदार किस्सा साझा किया। बातचीत के दौरान दीया ने न सिर्फ अपने घर और करियर की यादें ताजा कीं बल्कि सलमान खान के साथ फिल्म तुमको न भूल पाएंगे की शूटिंग के दौरान हुई एक मजेदार घटना का भी जिक्र किया।

    फराह खान अपने कुक दिलीप के साथ दीया मिर्जा के घर पहुंचीं थीं। बातचीत के दौरान दीया ने बताया कि उन्होंने यह घर अपनी शुरुआती फिल्म तुमको न भूल पाएंगे से मिली फीस से खरीदा था। उन्होंने कहा कि यह जगह उनके लिए बेहद खास है और शहर की भागदौड़ से दूर उन्हें यहां सुकून मिलता है।

    बातचीत के दौरान दोनों ने फिल्म की शूटिंग से जुड़ी पुरानी यादों को भी साझा किया। दीया ने फराह से पूछा कि क्या उन्हें वह गाना याद है जिसकी शूटिंग के दौरान लाखों लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। इस पर फराह ने बताया कि उस दौर में कलाकारों के पास आज जैसी सुविधाएं नहीं होती थीं। कई बार कलाकारों को पेड़ों के पीछे या अस्थायी जगहों पर कपड़े बदलने पड़ते थे। फराह ने हंसते हुए कहा कि सलमान खान भी बिना किसी झिझक के वहीं कपड़े बदल लिया करते थे।

    इसके बाद बातचीत का सबसे दिलचस्प हिस्सा सामने आया। जब फराह ने दीया से कहा कि उन्हें दोबारा सलमान खान के साथ काम करना चाहिए तो दीया ने एक पुराना किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि जब वह महज 19 साल की थीं तब एक शूटिंग के दौरान उन्होंने फिल्म में सलमान खान की मां का किरदार निभा रही अभिनेत्री को देखा। दीया को लगा कि वह अभिनेत्री उम्र में काफी युवा थीं और उन्होंने इस बात का जिक्र सलमान से कर दिया।

    दीया के मुताबिक उनकी बात सुनकर सलमान खान ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि चिंता मत करो एक दिन तुम भी मेरी मां का रोल करोगी। सलमान की यह बात सुनकर उस समय सभी हंस पड़े थे। सालों बाद भी यह मजेदार टिप्पणी दीया को याद है और उन्होंने इसे बड़े ही हल्के अंदाज में साझा किया।

    बात को आगे बढ़ाते हुए फराह खान ने भी मजाक किया और अपने कुक दिलीप से पूछा कि क्या दीया सलमान खान की मां जैसी लगती हैं। इस पर दिलीप ने जवाब दिया कि नहीं वह तो उनकी छोटी बहन जैसी लगती हैं। दिलीप का जवाब सुनकर वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े।

    यह पूरा किस्सा न सिर्फ बॉलीवुड के पुराने दिनों की झलक दिखाता है बल्कि यह भी बताता है कि सेट पर कलाकारों के बीच किस तरह का दोस्ताना माहौल हुआ करता था। सलमान खान की मजाकिया शैली और दीया मिर्जा की सादगी ने इस यादगार घटना को एक बार फिर चर्चा में ला दिया।

  • 37 साल बाद टूटी चुप्पी ओए ओए गर्ल सोनम खान ने अफेयर की अफवाहों पर बताया पूरा सच

    37 साल बाद टूटी चुप्पी ओए ओए गर्ल सोनम खान ने अफेयर की अफवाहों पर बताया पूरा सच


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की चर्चित फिल्म त्रिदेव का सुपरहिट गाना ओए ओए आज भी लोगों की जुबान पर है। इस गाने ने जहां फिल्म को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया वहीं अभिनेत्री सोनम खान को भी रातोंरात लोकप्रिय बना दिया। हालांकि इस सफलता के साथ एक ऐसी अफवाह भी जुड़ गई जो वर्षों तक उनका पीछा करती रही। दावा किया जाता था कि सोनम खान को यह गाना और फिल्म में विशेष महत्व इसलिए मिला क्योंकि उनका फिल्म के निर्देशक राजीव राय के साथ अफेयर चल रहा था। अब करीब 37 साल बाद अभिनेत्री ने खुद सामने आकर इस पूरे मामले की सच्चाई बताई है।

    सोनम खान ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए उन सभी चर्चाओं और अफवाहों पर विराम लगाने की कोशिश की जो दशकों से उनके नाम के साथ जुड़ी हुई थीं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब त्रिदेव की शूटिंग शुरू हुई थी तब वह और राजीव राय किसी भी तरह के प्रेम संबंध में नहीं थे। इतना ही नहीं दोनों उस समय अलग अलग लोगों के साथ रिश्ते में थे।

    सोनम ने बताया कि त्रिदेव के पहले दिन की शूटिंग और उनके पहले बड़े गाने के साथ ही पहली बड़ी अफवाह ने जन्म लिया था। फिल्म की रिलीज के बाद यह धारणा बना दी गई कि निर्देशक के साथ करीबी रिश्तों के कारण उन्हें फिल्म में बाकी अभिनेत्रियों से ज्यादा महत्व मिला। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग थी।

    अभिनेत्री ने अपने पोस्ट में खुलासा किया कि राजीव राय उन्हें फिल्म में लेने के पक्ष में भी नहीं थे। उन्होंने पहले किसी दूसरी अभिनेत्री को फिल्म में लेने की योजना बनाई थी और लगभग बातचीत भी पूरी कर ली थी। सोनम के अनुसार निर्देशक ने उनकी पिछली फिल्म के कुछ दृश्य देखे थे और वह उनसे प्रभावित नहीं हुए थे। ऐसे में उन्हें फिल्म में लेना राजीव राय की पहली पसंद नहीं बल्कि मजबूरी बन गया था क्योंकि अन्य विकल्प उपलब्ध नहीं थे।

    सोनम ने यह भी कहा कि उस समय राजीव राय अपनी गर्लफ्रेंड के साथ थे जबकि उनका अपना बॉयफ्रेंड भी शूटिंग स्थल के आसपास मौजूद रहता था। ऐसे में दोनों के बीच किसी तरह के गुप्त रिश्ते या रोमांस की बात पूरी तरह निराधार थी। उन्होंने कहा कि न तो कोई सीक्रेट मुलाकात होती थी और न ही कोई छिपा हुआ प्रेम प्रसंग था।

    दिलचस्प बात यह है कि बाद में परिस्थितियां बदलीं और त्रिदेव की रिलीज के काफी समय बाद सोनम खान और राजीव राय एक दूसरे के करीब आए। उस समय दोनों अपने अपने पुराने रिश्तों से बाहर निकल चुके थे और सिंगल थे। इसके बाद दोनों ने एक दूसरे को डेट करना शुरू किया और उनका रिश्ता आगे बढ़ता गया। आखिरकार वर्ष 1991 में दोनों ने शादी कर ली। हालांकि यह रिश्ता भी हमेशा कायम नहीं रह सका और साल 2016 में दोनों अलग हो गए।

    त्रिदेव की बात करें तो यह फिल्म अपने दौर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल रही। फिल्म में सनी देओल जैकी श्रॉफ नसीरुद्दीन शाह माधुरी दीक्षित और अमरीश पुरी जैसे दिग्गज कलाकार नजर आए थे। वहीं ओए ओए गाना आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय गीतों में गिना जाता है।

    सोनम खान का यह खुलासा न केवल एक पुरानी अफवाह का अंत करता है बल्कि यह भी दिखाता है कि फिल्मी दुनिया में कई बार बिना सच्चाई जाने बनाई गई धारणाएं कलाकारों का वर्षों तक पीछा करती रहती हैं।

  • 97 साल की उम्र में भी जिंदगी को खुलकर जीती थीं जोहरा सहगल, बेबाक बयान ने बटोरी थीं सुर्खियां

    97 साल की उम्र में भी जिंदगी को खुलकर जीती थीं जोहरा सहगल, बेबाक बयान ने बटोरी थीं सुर्खियां


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ ऐसे नाम हैं जो सिर्फ अपनी अभिनय प्रतिभा ही नहीं, बल्कि अपनी सोच, व्यक्तित्व और जीवन जीने के अंदाज के लिए भी याद किए जाते हैं। दिग्गज अभिनेत्री और नृत्यांगना जोहरा सहगल ऐसा ही एक नाम हैं। करीब आठ दशकों तक कला जगत में सक्रिय रहीं जोहरा सहगल ने अपने शानदार अभिनय, ऊर्जा और बेबाक बयानों से करोड़ों लोगों का दिल जीता।

    जोहरा सहगल का जन्म वर्ष 1912 में हुआ था और उन्होंने भारतीय रंगमंच, सिनेमा तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी अलग पहचान बनाई। वे उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल थीं जिन्होंने भारतीय कला और संस्कृति को वैश्विक स्तर पर सम्मान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    अपने जीवन के अंतिम वर्षों तक भी जोहरा सहगल की ऊर्जा और सकारात्मक सोच लोगों को प्रेरित करती रही। 97 वर्ष की आयु में दिए गए एक चर्चित इंटरव्यू में उनसे उनकी जिंदादिली और खुशमिजाज व्यक्तित्व का राज पूछा गया था। इस दौरान उन्होंने अपने खास अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि जीवन में हास्य और प्यार की भावना व्यक्ति को हमेशा युवा बनाए रखती है। उनके इस बेबाक जवाब ने उस समय खूब सुर्खियां बटोरी थीं और सोशल मीडिया से लेकर समाचार जगत तक चर्चा का विषय बन गया था।

    जोहरा सहगल सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं थीं। उन्होंने लगभग 14 वर्षों तक थिएटर की दुनिया में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके अभिनय का सफर कई यादगार फिल्मों और टीवी धारावाहिकों से होकर गुजरा। उन्होंने ‘नीचा नगर’, ‘अफसर’, ‘दिल से’, ‘चीनी कम’ और ‘सांवरिया’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय की अमिट छाप छोड़ी। इसके अलावा कई लोकप्रिय टीवी कार्यक्रमों में भी उनकी उपस्थिति दर्शकों को खूब पसंद आई।

    सम्मानों की बात करें तो जोहरा सहगल को भारतीय कला और संस्कृति में उनके असाधारण योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया। उन्हें पद्मश्री, कालिदास सम्मान, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और बाद में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया।

    उनकी निजी जिंदगी भी किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं थी। कला के प्रति लगाव ने उन्हें प्रसिद्ध नृत्य निर्देशक उदय शंकर के दल तक पहुंचाया, जहां उनकी मुलाकात कामेश्वर सहगल से हुई। उम्र के अंतर और पारिवारिक विरोध के बावजूद दोनों ने प्रेम विवाह किया और जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाया।

    आज भले ही जोहरा सहगल हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका काम, उनकी मुस्कान और जिंदगी को खुलकर जीने का उनका संदेश आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

  • 60 की उम्र में मिला सच्चा प्यार: फेसबुक पर हुई मुलाकात, 75 दिनों में शादी कर सुहासिनी मुले ने सबको चौंकाया

    60 की उम्र में मिला सच्चा प्यार: फेसबुक पर हुई मुलाकात, 75 दिनों में शादी कर सुहासिनी मुले ने सबको चौंकाया


    नई दिल्ली । बॉलीवुड और फिल्म जगत में अक्सर सितारों की प्रेम कहानियां चर्चा का विषय बनती हैं, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो उम्र, परंपराओं और सामाजिक धारणाओं को पीछे छोड़कर लोगों के लिए प्रेरणा बन जाती हैं। ऐसी ही एक दिलचस्प और प्रेरणादायक प्रेम कहानी है मशहूर अभिनेत्री सुहासिनी मुले की, जिन्होंने 60 साल की उम्र में शादी कर यह साबित कर दिया कि प्यार और रिश्तों के लिए कोई तय उम्र नहीं होती।

    ‘लगान’, ‘दिल चाहता है’, ‘जोधा अकबर’ और कई चर्चित फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुकीं सुहासिनी मुले इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर फिर चर्चा में हैं। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी अनोखी प्रेम कहानी का जिक्र किया, जिसने एक बार फिर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

    सुहासिनी मुले को उनका जीवनसाथी किसी पार्टी, शूटिंग सेट या पारिवारिक परिचय से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए मिला। दिलचस्प बात यह है कि जिस शख्स से उन्हें प्यार हुआ, वह मनोरंजन जगत से नहीं बल्कि विज्ञान की दुनिया से जुड़े एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक थे। उनके पति अतुल गुर्टू विश्व प्रसिद्ध भौतिक वैज्ञानिक हैं और उस समय स्विट्जरलैंड में दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक प्रयोग ‘लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर’ (LHC) प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे।

    सुहासिनी ने बताया कि वह अपने एक सहकर्मी की सलाह पर फेसबुक से जुड़ी थीं। एक दिन फेसबुक पर ‘पीपुल यू मे नो’ सेक्शन में उन्हें अतुल गुर्टू की प्रोफाइल दिखाई दी। विज्ञान में रुचि रखने वाली सुहासिनी को यह जानकर हैरानी हुई कि इतने बड़े वैज्ञानिक भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। उत्सुकतावश उन्होंने अतुल को एक संदेश भेजा और LHC के बारे में जानकारी मांगी।

    यहीं से दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। धीरे-धीरे मैसेज, ईमेल और नियमित संवाद के माध्यम से दोनों एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझने लगे। दोस्ती का यह रिश्ता जल्द ही गहरे भावनात्मक जुड़ाव में बदल गया। बातचीत बढ़ने के साथ दोनों को एहसास हुआ कि उनके विचार और जीवन को देखने का नजरिया काफी हद तक मेल खाता है।

    कुछ समय बाद अतुल गुर्टू ने सुहासिनी के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। सुहासिनी भी उन्हें पसंद करने लगी थीं, इसलिए उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के इस रिश्ते के लिए हामी भर दी। इसके बाद घटनाक्रम इतनी तेजी से आगे बढ़ा कि पहली मुलाकात से लेकर शादी तक का सफर केवल 75 दिनों में पूरा हो गया।

    16 जनवरी 2011 को दोनों ने आर्य समाज मंदिर में सादगीपूर्ण तरीके से विवाह किया। यह सुहासिनी मुले की पहली शादी थी, जबकि अतुल गुर्टू की यह दूसरी शादी थी। उनकी पहली पत्नी का कैंसर के कारण निधन हो चुका था।

    एक इंटरव्यू में सुहासिनी ने कहा कि उन्हें जीवन में सही साथी मिलने में समय लगा, लेकिन जब सही इंसान मिला तो उन्होंने बिना देर किए फैसला कर लिया। उनकी यह प्रेम कहानी आज भी इस बात का उदाहरण मानी जाती है कि सच्चा प्यार उम्र का मोहताज नहीं होता और जीवन में खुशियां किसी भी मोड़ पर दस्तक दे सकती हैं।

  • ‘माधुरी के सामने डांस करने से डरती थीं एक्ट्रेसेस’, करिश्मा कपूर ने खोला ‘दिल तो पागल है’ का बड़ा राज

    ‘माधुरी के सामने डांस करने से डरती थीं एक्ट्रेसेस’, करिश्मा कपूर ने खोला ‘दिल तो पागल है’ का बड़ा राज


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा की सबसे सफल और यादगार फिल्मों में शामिल ‘दिल तो पागल है’ ने 90 के दशक में रोमांस और डांस आधारित फिल्मों की परिभाषा बदल दी थी। यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित और करिश्मा कपूर की तिकड़ी ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। खास तौर पर करिश्मा कपूर द्वारा निभाया गया ‘निशा’ का किरदार आज भी बॉलीवुड के सबसे प्रभावशाली महिला किरदारों में गिना जाता है। हालांकि हाल ही में करिश्मा कपूर ने खुलासा किया कि इस भूमिका को करने से पहले कई अभिनेत्रियों ने इसे ठुकरा दिया था।

    एक इंटरव्यू के दौरान करिश्मा कपूर ने बताया कि उस समय इंडस्ट्री में माधुरी दीक्षित का दबदबा इतना अधिक था कि कई अभिनेत्रियां उनके साथ स्क्रीन शेयर करने से भी घबराती थीं। करिश्मा के मुताबिक, जब ‘दिल तो पागल है’ बन रही थी, तब कोई भी अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के सामने डांस करने या उनके साथ डांस फेस-ऑफ करने के लिए तैयार नहीं थी। माधुरी की बेहतरीन नृत्य कला और जबरदस्त स्क्रीन प्रेजेंस को देखते हुए कई अभिनेत्रियों को लगता था कि उनकी तुलना में वे फीकी पड़ सकती हैं।

    करिश्मा ने कहा कि यही वजह थी कि ‘निशा’ का किरदार कई अभिनेत्रियों ने स्वीकार नहीं किया। लेकिन उन्होंने इसे एक चुनौती के रूप में लिया और पूरी मेहनत से निभाया। बाद में यही किरदार उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस भूमिका के लिए करिश्मा कपूर को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था और दर्शकों ने उनके अभिनय को खूब सराहा था।

    करिश्मा ने अपने किरदार के भावनात्मक पक्ष पर भी बात की। उन्होंने कहा कि ‘निशा’ एक पारंपरिक बॉलीवुड हीरोइन नहीं थी। वह नायक से प्यार करती है, लेकिन उसे बदले में प्यार नहीं मिलता। आमतौर पर फिल्मों में हीरो और हीरोइन की प्रेम कहानी को केंद्र में रखा जाता है, लेकिन ‘दिल तो पागल है’ में निशा का दर्द और उसका एकतरफा प्रेम दर्शकों को गहराई से छूता है। यही बात इस किरदार को खास बनाती है।

    अभिनेत्री ने बताया कि जब भी वह उस किरदार के बारे में सोचती हैं, आज भी भावुक हो जाती हैं। उनके मुताबिक, निशा की भावनात्मक यात्रा बेहद चुनौतीपूर्ण और यादगार थी। वह एक ऐसी लड़की थी जो अपने प्यार को खोने के बावजूद मजबूती से खड़ी रहती है और यही उसकी सबसे बड़ी खूबी थी।

    हाल ही में करिश्मा कपूर और माधुरी दीक्षित ने रियलिटी शो ‘इंडियाज बेस्ट डांसर 5’ में ‘दिल तो पागल है’ के कुछ यादगार पलों को दोबारा जीवंत किया। इस दौरान दोनों अभिनेत्रियों का रीयूनियन फैंस के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं था। सोशल मीडिया पर भी दोनों की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हुए।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो करिश्मा कपूर लंबे समय बाद वेब सीरीज ‘ब्राउन’ में नजर आई हैं, जिसमें उन्होंने एक एंग्लो-इंडियन डिटेक्टिव की भूमिका निभाई है। वहीं माधुरी दीक्षित अपनी नई फिल्म ‘मां बहन’ को लेकर सुर्खियों में हैं। दोनों अभिनेत्रियां आज भी अपने अभिनय और व्यक्तित्व से दर्शकों का दिल जीत रही हैं।

    करिश्मा कपूर का यह खुलासा एक बार फिर साबित करता है कि बड़े कलाकारों के साथ काम करना जितना चुनौतीपूर्ण होता है, उतना ही सीखने और खुद को साबित करने का अवसर भी देता है। ‘दिल तो पागल है’ इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।