बैलगाड़ी चलाकर दिखाया सादगी भरा अंदाज
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सबसे खास और चर्चित पल तब देखने को मिला, जब उन्होंने पारंपरिक बैलगाड़ी की लगाम खुद अपने हाथों में थाम ली। मुख्यमंत्री ने बैलगाड़ी की सवारी ही नहीं की, बल्कि स्वयं उसे आगे बढ़ाया। इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को चौंका दिया और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच जनता ने मुख्यमंत्री का उत्साहवर्धन किया। यह दृश्य परंपरा और सादगी के संगम के रूप में देखा गया।
शंख-खड़ताल बजाकर गाया भजन
राहगीरी उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने शंख और खड़ताल बजाई, धर्म ध्वजा लहराई और भजन गाकर भक्तिमय माहौल बना दिया। मुख्यमंत्री के साथ मंच पर मौजूद कलाकारों और आमजन ने भी भजन में सुर मिलाया। पूरा वातावरण धार्मिक उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया।
परेड की सलामी और सुरक्षा संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहगीरी उत्सव से पहले पुलिस, बीएसएफ और सीआरपीएफ की संयुक्त परेड की सलामी भी ली। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों के अनुशासन और सेवा भावना की सराहना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यातायात सुरक्षा को लेकर भी जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों को स्वयं हेलमेट पहनाकर सड़क सुरक्षा के महत्व को समझाया।
बच्चों को उपहार, मंचों पर हुआ स्वागत
राहगीरी उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को उपहार वितरित किए और उनसे संवाद भी किया। विभिन्न मंचों पर कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जहां मुख्यमंत्री का जगह-जगह स्वागत और सम्मान किया गया। आम नागरिकों ने मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार को बेहद सराहा।
उज्जैन को मिलेंगी करोड़ों की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज पूरे दिन उज्जैन जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे धर्म नगरी उज्जैन को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे। विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रमों में भी मुख्यमंत्री शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य उज्जैन को धार्मिक के साथ-साथ सांस्कृतिक और विकास के केंद्र के रूप में और मजबूत करना है। कुल मिलाकर आनंद उत्सव राहगीरी में मुख्यमंत्री का यह अलग और सहज अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। सादगी, संस्कृति और संवेदनशीलता के इस संगम ने उज्जैनवासियों को एक यादगार सुबह का अनुभव दिया।
