अमेरिका–दक्षिण कोरिया टैरिफ विवाद पर नरम पड़े ट्रंप, बोले-कुछ समाधान जरूर निकालेंगे’



नई दिल्ली | अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ चल रहे टैरिफ विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि उनका प्रशासन सियोल के साथ इस मसले पर ‘कुछ समाधान’ जरूर निकालेगा। उनके इस बयान से दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार तनाव को लेकर बातचीत की उम्मीदें एक बार फिर मजबूत हुई हैं।

टैरिफ बढ़ाने की धमकी के बाद बदला सुर

गौरतलब है कि इसी हफ्ते डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के अहम एशियाई सहयोगी दक्षिण कोरिया पर ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ और अन्य शुल्क बढ़ाने की धमकी दी थी। उन्होंने संकेत दिया था कि कार, लकड़ी और दवाइयों पर लगने वाला टैरिफ 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया जा सकता है।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या वे दक्षिण कोरिया पर टैरिफ बढ़ाएंगे, तो ट्रंप ने जवाब दिया,

“हम दक्षिण कोरिया के साथ कुछ समाधान निकाल लेंगे।”

अमेरिका का आरोप—समझौते पर अमल में देरी

ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि दक्षिण कोरिया द्विपक्षीय व्यापार समझौते से जुड़े कानूनों को लागू करने में देरी कर रहा है।

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने योनहाप न्यूज एजेंसी को बताया कि

दक्षिण कोरिया ने अब तक अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में “कोई खास प्रगति नहीं” की है

जबकि अमेरिका ने समझौते के तहत अपने टैरिफ कम किए थे

350 अरब डॉलर के निवेश का वादा बना अहम मुद्दा

इस व्यापार समझौते के तहत—

दक्षिण कोरिया ने अमेरिका में 350 अरब डॉलर निवेश करने का वादा किया था

बदले में अमेरिका ने ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ को 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया था

हालांकि अब वॉशिंगटन को आशंका है कि सियोल इस बड़े निवेश वादे को पूरा करने में कठिनाई झेल सकता है।

दक्षिण कोरियाई मंत्री के अमेरिका दौरे की तैयारी

इन तनावों के बीच दक्षिण कोरिया के उद्योग मंत्री किम जंग-क्वान के अमेरिका दौरे की संभावना जताई जा रही है।

वे अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक से मुलाकात कर सकते हैं

इस बातचीत में टैरिफ और निवेश से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहेंगे

अन्य कारणों से भी बढ़ी अमेरिका की चिंता

ट्रंप प्रशासन की चिंता सिर्फ टैरिफ तक सीमित नहीं है। अमेरिका को दक्षिण कोरिया में—

अमेरिकी कंपनी में सूचीबद्ध कूपांग इंक के खिलाफ ग्राहक डेटा लीक जांच

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म कंपनियों पर सख्त नियम

और डॉलर के मुकाबले दक्षिण कोरियाई मुद्रा वॉन की कमजोरी

जैसे मुद्दों को लेकर भी आपत्ति है।

टैरिफ बढ़ाने की धमकी के बाद ट्रंप का नरम रुख अमेरिका-दक्षिण कोरिया रिश्तों में राहत का संकेत देता है।
आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच बातचीत से व्यापार तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ गई है।