जबलपुर में गोहलपुर पुलिया का चौड़ीकरण: 80 फीट चौड़ी होगी, 3.50 करोड़ का प्रोजेक्ट जाम मुक्त आवागमन के लिए मंजूर


जबलपुर । जबलपुर में 7 किलोमीटर लंबे ओवरब्रिज के पास हर दिन यात्रियों को जाम का सामना करना पड़ता था। मुख्य वजह थी ओवरब्रिज के लगभग 100 मीटर आगे बनी गोहलपुर नाले की संकरी पुलिया, जो केवल 30 फीट चौड़ी थी। लंबी प्रतीक्षा और यातायात जाम को देखते हुए महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने बीते शनिवार को पुलिया का औचक निरीक्षण किया और क्षेत्रीय जनता की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए इसके चौड़ीकरण को हरी झंडी दे दी।

नगर निगम प्रशासन ने बताया कि गोहलपुर पुलिया का चौड़ीकरण 3 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से किया जाएगा। वर्तमान 30 फीट चौड़ी पुलिया को बढ़ाकर 80 फीट चौड़ा किया जाएगा, जिससे यातायात में गति बढ़ेगी और दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा। महापौर ने कहा कि मार्च 2026 तक काम शुरू हो जाएगा और जुलाई 2026 तक इसे पूरा कर जनता को समर्पित किया जाएगा।

पुलिया चौड़ीकरण से न केवल वाहनों का दबाव कम होगा, बल्कि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या और संकरे रास्ते से होने वाली असुविधा भी समाप्त होगी। यह प्रोजेक्ट शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

इस पहल का राजनीतिक महत्व भी रहा है। कांग्रेस के क्षेत्रीय विधायक लखन घनघोरिया ने विधानसभा में इस पुलिया को लेकर सवाल उठाए थे और कहा था कि ओवरब्रिज तो बना दिया गया, लेकिन नाले के पुलिया पर ध्यान नहीं दिया गया। अब महापौर और नगर निगम प्रशासन ने इसे चुनौती मानते हुए समाधान के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

गोहलपुर पुलिया के चौड़ीकरण से कटनी-सिहोरा-पनागर-अधारताल की ओर जाने वाले यात्रियों को ढाई से तीन घंटे तक जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही स्थानीय व्यापार और आवागमन भी सुगम बनेगा।

यह परियोजना शहर की यातायात प्रणाली में स्थायी सुधार लाने के साथ-साथ नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देने का उदाहरण भी है।

नया चौड़ा पुल केवल वाहनों के लिए नहीं, बल्कि पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के लिए भी सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करेगा। नगर निगम ने पुलिया के आसपास के मार्गों की सुरक्षा और व्यवस्थित निर्माण के लिए विशेष निगरानी रखने की बात कही है।

इस तरह गोहलपुर पुलिया का चौड़ीकरण न केवल जबलपुर के सबसे लंबे ओवरब्रिज के आसपास के जाम की समस्या को समाप्त करेगा, बल्कि शहर की विकास योजना और नागरिक सुविधा में भी एक नया मील का पत्थर साबित होगा।