वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन आज पीएम मोदी करेंगे, ये हैं ट्रेन की खासियतें

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसे भारतीय रेलवे के इतिहास में एक बड़ा और खास कदम माना जा रहा है। अब तक वंदे भारत ट्रेनें सिर्फ चेयरकार कोच में चल रही थीं, लेकिन स्लीपर वर्जन के शुरू होने से लंबी दूरी की रात की यात्रा में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। खासकर उन यात्रियों के लिए यह ट्रेन बड़ी राहत होगी, जो रात में आरामदायक और तेज सफर चाहते हैं।

वंदे भारत स्लीपर को पूरी तरह आधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके इंटीरियर में भारतीय संस्कृति से प्रेरित डिजाइन का इस्तेमाल किया गया है, जिससे ट्रेन के अंदर का माहौल न सिर्फ आरामदायक बल्कि देखने में भी आकर्षक होगा। बर्थ, लाइटिंग और कोच की बनावट इस तरह की गई है कि लंबा सफर थकान भरा न लगे।

सुरक्षा और आधुनिक तकनीक का भरोसा

सुरक्षा के मामले में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन काफी एडवांस है। इसमें ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो ट्रेन की स्पीड और सिग्नल पर नजर रखता है और हादसों की आशंका को काफी हद तक कम करता है। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट भी उपलब्ध है। ड्राइवर के केबिन में आधुनिक कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं।

स्वच्छता और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान

रेल मंत्रालय के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर में यूवीसी डिसइंफेक्टेंट तकनीक लगी है, जो हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करती है। यह सिस्टम कोच की हवा को फिल्टर करके साफ करता है और फिर ताजी हवा अंदर छोड़ता है। इसका मतलब है कि अगर आसपास किसी यात्री को सर्दी-जुकाम हो, तो भी बाकी यात्रियों को चिंता करने की जरूरत नहीं होगी।

आराम और प्रीमियम सुविधाएं

ट्रेन का बाहरी लुक आधुनिक और एयरोडायनामिक है, जिससे यह स्मूद तरीके से चलेगी और ऊर्जा की खपत कम होगी। दरवाजे ऑटोमैटिक हैं, जो स्टेशन पर रुकने और चलने के समय अपने आप खुलेंगे और बंद होंगे।

वंदे भारत स्लीपर की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि सामान्य परिचालन में यह करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी। यात्रियों के लिए हाई क्वालिटी कंबल, कवर, एडवांस्ड बेडरोल और कैटरिंग सर्विस जैसी प्रीमियम सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

आरामदायक यात्रा के लिए विशेष व्यवस्था:

एर्गोनोमिक बर्थ और बेहतर कुशनिंग

शोर कम करने की तकनीक

सभी ऑनबोर्ड स्टाफ तय यूनिफॉर्म में

कोच संरचना और किराया

इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे:

11 थर्ड एसी

4 सेकंड एसी

1 फर्स्ट एसी

किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा अधिक होगा। गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया लगभग 2,300 रुपये के आसपास रहेगा।