विप्रो का Q3FY26 नतीजा: मुनाफा 3,119 करोड़, सालाना 7% गिरावट; 6 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान


नई दिल्ली। आईटी सर्विस प्रोवाइडर विप्रो लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही Q3FY26 अक्टूबर–दिसंबर के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 7% गिरकर ₹3,119 करोड़ रह गया जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹3,354 करोड़ था। हालांकि विप्रो ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक आईटी माहौल के बीच रेवेन्यू में 5.5% की बढ़ोतरी दर्ज की है। तिमाही का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹23,556 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹22,318 करोड़ था। मुनाफे में गिरावट के पीछे मुख्य कारणों में लागत दबाव, वैश्विक क्लाइंट खर्च में सतर्कता और कुछ प्रमुख बाजारों में धीमी डिमांड को माना जा रहा है।

शेयर बाजार की प्रतिक्रिया
नतीजों के दिन गुरुवार को विप्रो का शेयर 2.54% की बढ़त के साथ ₹266.80 पर बंद हुआ। हालांकि, कैलेंडर ईयर आधार पर स्टॉक अब तक लगभग 7.38% कमजोर हुआ है। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप करीब ₹2.80 लाख करोड़ है। विश्लेषकों के अनुसार, मुनाफे में गिरावट पहले से अनुमानित थी इसलिए निवेशकों की प्रतिक्रिया संतुलित रही।

निवेशकों के लिए डिविडेंड
विप्रो के बोर्ड ने ₹6 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड की मंजूरी दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब आईटी सेक्टर की ग्रोथ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। डिविडेंड की घोषणा लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

कर्मचारियों और संचालन अपडेट
कंपनी ने बताया कि तिमाही के दौरान कर्मचारियों की संख्या में इजाफा हुआ है और एट्रिशन रेट में मामूली स्थिरता देखने को मिली। मैनेजमेंट ने यह भी कहा कि धीरे-धीरे डिमांड में सुधार के संकेत मिल रहे हैं, खासकर कंसल्टिंग और डिजिटल सर्विसेज सेगमेंट में।विप्रो एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी सर्विसेज और कंसल्टिंग कंपनी है, जिसकी मौजूदगी 65 से अधिक देशों में है। वैश्विक आर्थिक हालात और आईटी खर्च में सुस्ती के बीच कंपनी लागत नियंत्रण और बड़े डील्स पर फोकस कर रही है। आने वाली तिमाहियों में निवेशक डिमांड रिकवरी और मार्जिन सुधार पर नजर रखेंगे।