भोपाल में युवती से मारपीट का आरोप: मदरसे के सामने स्कूटी खड़ी करने पर विवाद, भाई को सिर में गंभीर चोट


भोपाल । राजधानी भोपाल से सामने आए एक वायरल वीडियो ने सनसनी मचा दी है, जिसमें एक हिंदू युवती अपने साथ हुई मारपीट और अपमान का आरोप लगा रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और घटना को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। वीडियो में युवती खुद को भोपाल के कल्पना नगर इलाके की निवासी बता रही है। उसका कहना है कि घर के सामने स्थित एक मदरसे के बाहर स्कूटी खड़ी करने को लेकर विवाद हुआ था।
युवती के अनुसार, इसी बात को लेकर कुछ लोगों ने पहले बहस की और फिर देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया। युवती का आरोप है कि उसके साथ न सिर्फ गाली-गलौज की गई, बल्कि उसके बाल भी उखाड़े गए। युवती ने वीडियो में यह भी बताया कि जब उसके भाई और दोस्त ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उन पर भी हमला किया गया। आरोप है कि युवती के भाई के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिससे उसे काफी खून बहा और इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। वहीं, युवती के दोस्त के साथ भी मारपीट किए जाने की बात कही जा रही है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार दहशत में है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।

यह पूरा मामला जिस स्थान का बताया जा रहा है, वहां एक मदरसा स्थित है। इसी कारण से सोशल मीडिया पर इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिशें भी देखी जा रही हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और वीडियो व अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। भोपाल पुलिस का कहना है कि यदि जांच में यह सामने आता है कि मामला सांप्रदायिक है या किसी समुदाय विशेष को निशाना बनाकर हिंसा की गई है, तो संबंधित धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, यदि यह सामान्य विवाद का मामला पाया जाता है, तो भी मारपीट और चोट पहुंचाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ संगठनों ने पीड़ित युवती के समर्थन में कार्रवाई की मांग की है, जबकि प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर फैल रहे किसी भी भ्रामक या भड़काऊ संदेश पर भी नजर रखी जा रही है। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का भरोसा भी प्रशासन की ओर से दिया गया है।