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  • लुकवासा से लौटते समय रास्ते में मिली संतोष की लाश, क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर भी मिला, भाई ने जताई हत्या की आशंका

    लुकवासा से लौटते समय रास्ते में मिली संतोष की लाश, क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर भी मिला, भाई ने जताई हत्या की आशंका


    शिवपुरी । मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में 26 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। सोमवार सुबह खोड़ और नेगुवा गांव के बीच गौरा टीला रोड पर सड़क किनारे एक ट्रैक्टर और युवक का शव मिला। मृतक की पहचान आसपुर निवासी संतोष केवट के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक संतोष ट्रैक्टर से अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गया और वह ट्रैक्टर से गिर पड़ा। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मृतक के भाई ने दो लोगों पर हत्या का संदेह जताया है। पुलिस ने इस पहलू को भी जांच में शामिल किया है।

    जानकारी के अनुसार संतोष केवट हरभजन उर्फ पप्पू केवट का बेटा था। वह अपना स्वराज ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर लुकवासा क्षेत्र में सड़क निर्माण के काम के लिए गया था। बताया गया है कि काम पूरा करने के बाद वह ट्रैक्टर लेकर अपने घर आसपुर लौट रहा था। इसी दौरान खोड़ और नेगुवा गांव के बीच गौरा टीला रोड पर यह घटना हो गई। सोमवार सुबह सड़क किनारे ट्रैक्टर और शव पड़े होने की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को जानकारी दी।

    सूचना मिलते ही खोड़ चौकी प्रभारी संजय सिंह लोधी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और मृतक की पहचान कर उसके परिजनों को सूचना दी। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि ट्रैक्टर का अगला टायर फटने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया होगा। इसके बाद संतोष ट्रैक्टर से नीचे गिर गया और सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी जान चली गई। हालांकि यह अभी जांच का शुरुआती अनुमान है। दुर्घटना की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद संतोष के परिजन भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान उसके भाई रिंकू केवट ने दो लोगों पर हत्या किए जाने का संदेह जताया। परिवार की ओर से जताई गई इस आशंका के बाद मामला केवल सड़क दुर्घटना तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस ने भाई के आरोप को गंभीरता से लेते हुए जांच में शामिल किया है। फिलहाल जिन दो लोगों पर संदेह जताया गया है उनके खिलाफ आरोप की पुष्टि नहीं हुई है।

    पुलिस ने परिजनों की सहमति से संतोष के शव को पोस्टमार्टम के लिए पिछोर अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चोटों की प्रकृति और मौत के कारणों को समझने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और ट्रैक्टर की स्थिति की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वाहन का अगला टायर वास्तव में फटा था या हादसे के पीछे कोई दूसरी वजह थी।

    फिलहाल भौती थाना क्षेत्र की पुलिस दुर्घटना और हत्या के संदेह दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही संतोष की मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।

  • पति की मौत के बाद महिला को फिर करने लगा परेशान, अश्लील तस्वीरें भेजने और वायरल करने की धमकी का केस दर्ज

    पति की मौत के बाद महिला को फिर करने लगा परेशान, अश्लील तस्वीरें भेजने और वायरल करने की धमकी का केस दर्ज


    ग्वालियर । ग्वालियर में तीन बच्चों की परवरिश कर रही एक महिला को परेशान करने और उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला के इनकार करने पर उसका पुराना परिचित उसे अश्लील मैसेज और आपत्तिजनक तस्वीरें भेजने लगा। इतना ही नहीं उसने तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल कर महिला को बदनाम करने की धमकी भी दी। लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर महिला ने पुलिस से शिकायत की। माधौगंज थाना पुलिस ने गुरुवार रात आरोपी बलदेव शर्मा उर्फ गोलू के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के मुताबिक पीड़िता 36 वर्षीय महिला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इटावा की रहने वाली है। वह ग्वालियर के माधौगंज इलाके में किराए के मकान में अपने तीन बच्चों के साथ रहती है। महिला ने पुलिस को बताया कि कुछ साल पहले एक शादी समारोह के दौरान उसकी पहचान बलदेव शर्मा उर्फ गोलू से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती थी। धीरे धीरे परिचय बढ़ा और बातचीत का सिलसिला जारी रहा। हालांकि जब महिला के पति को इस दोस्ती के बारे में पता चला तो उन्होंने इसका विरोध किया। इसके बाद महिला ने आरोपी से दूरी बना ली और बातचीत बंद कर दी।

    महिला के पति का 18 जनवरी 2025 को बीमारी के कारण निधन हो गया था। पति की मौत के बाद तीनों बच्चों की जिम्मेदारी महिला के कंधों पर आ गई। वह अपने बच्चों की परवरिश और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में जुटी थी। शिकायत के मुताबिक 28 जून 2026 से आरोपी ने एक बार फिर महिला से संपर्क करना शुरू कर दिया। वह फोन करके बातचीत करने और अकेले मिलने का दबाव बनाने लगा। महिला का आरोप है कि आरोपी उस पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए भी दबाव डाल रहा था।

    महिला ने जब उसकी मांगों को मानने से इनकार कर दिया तो आरोपी का व्यवहार और परेशान करने वाला हो गया। शिकायत के अनुसार वह महिला को अश्लील संदेश और आपत्तिजनक तस्वीरें भेजने लगा। महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने और उसे समाज में बदनाम करने की धमकी दी। इस तरह की धमकियों से महिला परेशान हो गई और उसने पुलिस की मदद लेने का फैसला किया।

    पीड़िता माधौगंज थाने पहुंची और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बलदेव शर्मा उर्फ गोलू के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अब महिला के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। डिजिटल संदेशों और तस्वीरों से संबंधित तथ्यों की पड़ताल भी जांच का अहम हिस्सा हो सकती है।

    माधौगंज थाना प्रभारी दिव्या तिवारी के मुताबिक महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई से ही पूरे घटनाक्रम के सभी पहलू स्पष्ट हो सकेंगे।

  • पत्नी की मौत के बाद घर से निकला पति, सुबह पेड़ पर मिला शव, प्रेम विवाह करने वाले दंपती की मौत की जांच

    पत्नी की मौत के बाद घर से निकला पति, सुबह पेड़ पर मिला शव, प्रेम विवाह करने वाले दंपती की मौत की जांच


    भोपाल । भोपाल के बरखेड़ा बोंदर इलाके में करवा चौथ के बाद पति पत्नी की मौत का मामला सामने आया है। 22 वर्षीय शिवानी और उसके 26 वर्षीय पति सूरज अहिरवार की मौत से परिवार में मातम छा गया। गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात पहले शिवानी का शव घर के बेडरूम में फंदे से लटका मिला। इसके कुछ घंटे बाद सूरज का शव घर से करीब 100 मीटर दूर एक पेड़ पर लटका हुआ मिला। दोनों ने वर्ष 2021 में प्रेम विवाह किया था। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों के मुताबिक शिवानी ने करवा चौथ पर अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा था। रात में दोनों ने साथ बैठकर व्रत खोला और भोजन किया। इसके बाद सूरज रात करीब 11:30 बजे पत्नी को बिना बताए घर से बाहर चला गया। बताया जा रहा है कि शिवानी चाहती थी कि करवा चौथ के दिन उसका पति उसके साथ समय बिताए। सूरज के अचानक घर से चले जाने के कारण वह नाराज थी। हालांकि इस घटनाक्रम और दोनों की मौत के बीच संबंध को लेकर पुलिस जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार रात करीब 2:30 बजे सूरज घर लौटा तो बेडरूम का दरवाजा अंदर से बंद मिला। उसने कई बार आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर उसने एक छेद से कमरे के अंदर झांककर देखा। वहां शिवानी का शव फंदे से लटका हुआ था। पत्नी को इस हालत में देखकर सूरज ने घर में मौजूद अपनी दादी को जानकारी दी। इसके बाद परिजनों की मदद से कमरे का दरवाजा खोला गया और शिवानी को नीचे उतारा गया। घटना की सूचना मिलने पर परिवार के अन्य सदस्य और ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।

    शिवानी की मौत के बाद सूरज भी किसी को कुछ बताए बिना घर से निकल गया। परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन तत्काल उसका पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे घर से लगभग 100 मीटर दूर एक पेड़ पर सूरज का शव फंदे से लटका मिला। एक ही रात में पति और पत्नी की मौत की खबर से परिवार के लोग सदमे में आ गए। पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद दोनों घटनाओं की जांच शुरू की गई।

    प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने बताया कि शिवानी की मौत के बाद सूरज बेहद दुखी था। यह भी बताया गया कि घर से निकलते समय उसने कथित तौर पर शिवानी नहीं तो मैं भी नहीं जैसी बात कही थी। हालांकि पुलिस को दोनों के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसलिए मौत के पीछे की वास्तविक वजह और घटनाओं के बीच संबंध की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    जानकारी के मुताबिक सूरज गांव में खेती किसानी के साथ मजदूरी भी करता था। शिवानी और सूरज की शादी को करीब पांच साल हो चुके थे और उनकी कोई संतान नहीं थी। खबरों में यह भी बताया गया है कि संतान नहीं होने को लेकर शिवानी परेशान रहती थी। पुलिस इस पहलू समेत पारिवारिक परिस्थितियों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

    खजूरी थाना पुलिस ने दोनों मौतों के मामलों में मर्ग कायम किया है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। घटनास्थल की परिस्थितियों और सामने आए बयानों के आधार पर जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल दोनों की मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच जारी है और किसी एक वजह को अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं माना गया है।

  • इंदौर में 25 वर्षीय युवक ने दी जान, आखिरी वीडियो में पत्नी और ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

    इंदौर में 25 वर्षीय युवक ने दी जान, आखिरी वीडियो में पत्नी और ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप


    इंदौर । इंदौर के लसूड़िया इलाके में एक 25 वर्षीय युवक की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। युवक ने गुरुवार देर रात अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना का पता उस समय चला जब उसकी चाची उसे खाना खाने के लिए बुलाने कमरे में पहुंचीं। वहां युवक फंदे पर लटका हुआ मिला। परिजन उसे तत्काल नजदीकी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। इसके बाद उसे एमवाय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस मामले में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि युवक ने जान देने से पहले एक वीडियो बनाया था। इसमें उसने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के कुछ लोगों पर मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए हैं।

    लसूड़िया पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान रवि सोलंकी उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई है। वह जगदीश सोलंकी का बेटा था और श्रीराम नगर में रहता था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि रवि देर रात ऑटो लेकर घर पहुंचा था। घर आने के बाद वह ऊपर बने अपने कमरे में चला गया। परिवार के लोगों को उस समय किसी अनहोनी की आशंका नहीं हुई। रात करीब दो बजे जब उसकी चाची उसे खाना खाने के लिए बुलाने कमरे में पहुंचीं तो वह फंदे पर लटका मिला। इसके बाद घर में अफरा तफरी मच गई और परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे।

    परिवार के मुताबिक रवि की पत्नी करीब आठ दिन पहले विवाद के बाद अपने मायके बागली चली गई थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौट रही थी। पत्नी के घर छोड़कर जाने और वापस नहीं आने की बात को लेकर रवि परेशान चल रहा था। परिजनों ने बताया कि इस पारिवारिक विवाद का असर उसकी मानसिक स्थिति पर भी पड़ रहा था। हालांकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मामले में सामने आए वीडियो ने जांच को एक नया पहलू दे दिया है। बताया गया है कि रवि ने आत्महत्या से पहले अपना वीडियो रिकॉर्ड किया था। इसमें उसने पत्नी के अलावा भोपाल में रहने वाले अपने साढ़ू भाई और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। वीडियो में उसने इन लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार भी बताया है। युवक के इन आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस वीडियो की सामग्री और उसमें कही गई बातों की जांच कर रही है।

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रवि और उसकी पत्नी के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ था। पत्नी के मायके जाने के बाद दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और युवक ने वीडियो में जिन लोगों का उल्लेख किया है उनकी इस पूरे मामले में क्या भूमिका रही। इन सभी बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल युवक की मौत के मामले में पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। वीडियो में लगाए गए आरोपों को जांच के बाद ही प्रमाणित माना जा सकेगा।

  • पार्षद पति पर हमले के बाद गरमाया मामला, एक पक्ष ने मारपीट तो दूसरे ने पिस्टल दिखाने का लगाया आरोप

    पार्षद पति पर हमले के बाद गरमाया मामला, एक पक्ष ने मारपीट तो दूसरे ने पिस्टल दिखाने का लगाया आरोप


    इंदौर । इंदौर के ऊषागंज इलाके में एक पार्षद के पति के घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है। गीतांजलि अपार्टमेंट में हुई इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। प्रॉपर्टी कारोबारी और पार्षद पति सुमित तलरेजा ने चार लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि पुराने विवाद को लेकर आरोपी उनके घर पहुंचे और गाली गलौज करते हुए हमला करने की कोशिश की। इस दौरान घर के बाहर लगा पार्षद का बोर्ड चाकू से फाड़ दिया गया। गमले और अन्य सामान भी तोड़ दिए गए। वहीं दूसरे पक्ष ने भी सुमित तलरेजा पर पिस्टल दिखाकर डराने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों और आरोपों को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के मुताबिक सुमित तलरेजा अपनी पत्नी पंखुड़ी तलरेजा के साथ थाने पहुंचे और घटना की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 29 अक्टूबर को वे अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान उनका पुराना परिचित प्रशांत करौसिया अपने तीन साथियों अंशए सुमित खरे और विशाल बौरासी के साथ वहां पहुंच गया। आरोप है कि चारों पुराने विवाद के समझौते को लेकर उनसे बातचीत करने आए थे लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया। इसके बाद आरोपियों ने गाली गलौज शुरू कर दी और उनके साथ मारपीट करने के लिए आगे बढ़े।

    सुमित की शिकायत के अनुसार आरोपियों ने घर के बाहर लगा पार्षद का बोर्ड चाकू से फाड़ दिया। स्थिति बिगड़ती देख सुमित खुद को बचाने के लिए मल्टी की दूसरी मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट में चले गए। इसके बाद भी आरोपियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने फ्लैट के दरवाजे पर लात मारी और बाहर रखे गमलों को तोड़ना शुरू कर दिया। आरोप है कि वहां खड़ी गाड़ियों और कुर्सियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इस दौरान सुमित की ओर गमला फेंकने और उन्हें तथा उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी देने की बात भी शिकायत में कही गई है।

    घटना के दौरान सुमित और उनकी पत्नी ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। लोगों की मौजूदगी बढ़ने के बाद आरोपी वहां से भाग निकले। इसके बाद दंपति ने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पुलिस ने सुमित की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    हालांकि इस घटना में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। दूसरे पक्ष का आरोप है कि विवाद की शुरुआत सुमित तलरेजा ने की थी और उन्होंने पिस्टल दिखाकर डराने की कोशिश की थी। इस आरोप के सामने आने के बाद मामला और पेचीदा हो गया है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान और उनके आरोपों की जांच कर रही है। घटना के पीछे पुराने विवाद और समझौते को लेकर हुई कहासुनी को अहम वजह माना जा रहा है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस बात से शुरू हुआ और घटना के दौरान किस पक्ष की क्या भूमिका रही।

  • शिवपुरी में रहस्यमयी हालात में युवक की मौत, पुल के नीचे मिला शव और पास खड़ी बाइक, पिता ने जताई हत्या की आशंका

    शिवपुरी में रहस्यमयी हालात में युवक की मौत, पुल के नीचे मिला शव और पास खड़ी बाइक, पिता ने जताई हत्या की आशंका


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब गुना बायपास की थीम रोड पर एक पुल के नीचे 28 वर्षीय युवक का शव मिला। मृतक की पहचान शिवम शर्मा के रूप में हुई है। शव के पास ही उनकी बाइक भी पड़ी हुई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बेटे का शव देखकर उनके पिता सुरेश शर्मा सदमे में आ गए और मौके पर ही बेहोश हो गए। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उन्हें भर्ती कराया गया। मृतक के पिता ने आशंका जताई है कि उनके बेटे की हत्या कर शव को पुल के नीचे फेंका गया है। हालांकि अभी तक युवक की मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    जानकारी के मुताबिक शिवम शर्मा शिवपुरी की विवेकानंद कॉलोनी में रहते थे और एक निजी सोलर कंपनी में नौकरी करते थे। गुरुवार शाम वह अपने घर से निकले थे। परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि वह कुछ देर में वापस लौट आएंगे लेकिन देर रात तक उनका कोई पता नहीं चला। परिजनों ने उनसे मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन फोन नहीं लगा। काफी देर तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार की चिंता बढ़ गई। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और युवक की तलाश शुरू कर दी गई।

    शुक्रवार सुबह कोतवाली पुलिस शिवम की गुमशुदगी दर्ज करने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को गुना बायपास की थीम रोड पर श्रीराम धर्म कांटे के पास पुल के नीचे एक युवक का शव पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। वहां युवक का शव पड़ा था और कुछ दूरी पर उसकी बाइक भी मिली। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया और पहचान की प्रक्रिया शुरू की। जांच के दौरान मृतक की पहचान शिवम शर्मा के रूप में हुई। इसके बाद परिवार को घटना की जानकारी दी गई।

    जैसे ही पिता सुरेश शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और बेटे का शव देखा तो वह खुद को संभाल नहीं पाए। सदमे के कारण वह बेहोश हो गए। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया। परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद और चौंकाने वाली है। जिस बेटे के घर लौटने का इंतजार किया जा रहा था उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।

    बताया गया है कि शिवम की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। ऐसे में उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता सुरेश शर्मा पटवारी हैं। उन्होंने बेटे की मौत को सामान्य हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि किसी ने शिवम की हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया होगा। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने से पहले इस आशंका की पुष्टि नहीं हुई है।

    कोतवाली पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच से युवक की मौत के कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिवम की मौत सड़क हादसे में हुई या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है। पुलिस जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

  • बालाघाट में 17 साल तक फर्जी डॉक्टर बनकर करता रहा इलाज, बीएमओ भी बना, FIR होते ही फरार

    बालाघाट में 17 साल तक फर्जी डॉक्टर बनकर करता रहा इलाज, बीएमओ भी बना, FIR होते ही फरार


    बालाघाट । मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक गंभीर फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति दूसरे डॉक्टर के नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर करीब 17 साल तक सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज करता रहा। इतना ही नहीं वह ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर यानी बीएमओ जैसे जिम्मेदार पद पर भी काम करता रहा। जांच में उसकी पहचान रीवा निवासी शिवकुमार पांडे के रूप में सामने आई है जो कथित तौर पर डॉ. सुनील कुमार सिंह के नाम से नौकरी कर रहा था। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

    दूसरे डॉक्टर के नाम पर हासिल की सरकारी नौकरी

    विभागीय आदेश और बालाघाट के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के प्रतिवेदन के मुताबिक असली डॉ. सुनील कुमार चिकित्सा अधिकारी के पद पर देवास जिले में पदस्थ हैं। वहीं शिवकुमार पांडे पर आरोप है कि उसने डॉ. सुनील कुमार सिंह के नाम शैक्षणिक योग्यता और मेडिकल रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और स्वास्थ्य विभाग में संविदा चिकित्सक की नौकरी हासिल कर ली। वह कई वर्षों तक बिरसा और दमोह क्षेत्र में काम करता रहा। इस दौरान उसे प्रभारी बीएमओ की जिम्मेदारी भी मिली। इतने लंबे समय तक सरकारी व्यवस्था में काम करने के बावजूद उसकी वास्तविक पहचान सामने नहीं आ सकी।

    इस मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि एक ही डॉक्टर के नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल कर दो अलग-अलग व्यक्तियों के सरकारी सेवा में होने का मामला लंबे समय तक विभागीय निगरानी से बाहर रहा। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नियुक्ति के समय दस्तावेजों का सत्यापन किस तरह हुआ और आरोपी इतने वर्षों तक जांच से कैसे बचा रहा।

    2024 में शिकायत के बाद भी नहीं खुला मामला

    रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 में भी बिरसा में पदस्थ डॉ. सुनील सिंह की डिग्री को लेकर शिकायत की गई थी। उस समय जांच के बाद आरोपी को क्लीनचिट दे दी गई थी। तत्कालीन बालाघाट सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडे ने अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए बताया था कि शिकायत मिलने पर उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर रीवा मेडिकल कॉलेज से संपर्क किया गया था। उनके अनुसार कॉलेज की ओर से बताया गया था कि सुनील सिंह नाम का व्यक्ति वहां पढ़ा था और उसने पढ़ाई पूरी की थी। इसी जानकारी के आधार पर उस समय कार्रवाई की गई थी।

    हालांकि अब सामने आए मामले ने पिछली जांच की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि क्या मूल डॉक्टर के दस्तावेजों और आरोपी की पहचान का आपस में मिलान किया गया था। क्या मेडिकल रजिस्ट्रेशन नंबर की स्वतंत्र रूप से जांच हुई थी और क्या देवास में पदस्थ असली डॉक्टर के रिकॉर्ड से तुलना की गई थी। इन सवालों के जवाब विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएंगे।

    भास्कर की खबर के बाद राज्य स्तर पर जांच

    दैनिक भास्कर डिजिटल पर दस्तावेजों के साथ खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने राज्य स्तर पर जांच समिति गठित की। जांच में बालाघाट में डॉ. सुनील कुमार सिंह के नाम से नौकरी करने वाले व्यक्ति की पहचान शिवकुमार पांडे के रूप में किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद बिरसा थाने में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।

    पुलिस आरोपी की तलाश में रीवा जिले के बड़ागांव और खुटेही क्षेत्र तक पहुंची। पुलिस के मुताबिक स्थानीय लोगों ने तस्वीर देखकर व्यक्ति की पहचान शिवकुमार पांडे के रूप में की। खुटेही स्थित मकान पर पहुंचने पर उसके बेटे और बेटी ने भी तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति को अपना पिता बताया। हालांकि पुलिस की दबिश के दौरान आरोपी घर पर नहीं मिला।

    पुलिस को आरोपी की तलाश और संपत्ति की जांच

    प्रभारी बीएमओ डॉ. नरेश मारन की शिकायत पर शिवकुमार पांडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) 340(2) और 336(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी के साथ उसकी चल और अचल संपत्ति का विवरण भी जुटा रही है। इसके लिए रीवा की गुढ़ और हुजूर तहसीलों को पत्र भेजे गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी की तलाश के लिए टीमें बनाई गई हैं और उस पर इनाम भी घोषित किया गया है।

    यह मामला केवल कथित फर्जी नियुक्ति तक सीमित नहीं है बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में दस्तावेजों के सत्यापन और निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े करता है। मरीजों के इलाज से जुड़े पदों पर नियुक्ति के दौरान शैक्षणिक योग्यता और मेडिकल रजिस्ट्रेशन की सही जांच बेहद जरूरी है। अब जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित फर्जीवाड़ा कैसे हुआ और इतने वर्षों तक संबंधित विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिल सकी।

  • भिंड में पशुशाला में सो रहे युवक की धारदार हथियार से हत्या, परिजनों ने हाईवे पर शव रखकर किया चक्काजाम

    भिंड में पशुशाला में सो रहे युवक की धारदार हथियार से हत्या, परिजनों ने हाईवे पर शव रखकर किया चक्काजाम


    भिंड । मध्‍य प्रदेश के भिंड जिले के मिहोना थाना क्षेत्र के चांदौख गांव में 35 वर्षीय युवक की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। युवक बुधवार रात गांव के पास स्थित पशुशाला में सोने गया था। शुक्रवार सुबह परिजनों को उसका शव चारपाई पर मिला। उसकी गर्दन पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। शुरुआती तौर पर कुल्हाड़ी से हमला किए जाने की आशंका जताई जा रही है। परिजनों ने संदेहियों के खिलाफ नामजद एफआईआर की मांग को लेकर हाइवे पर चक्काजाम कर दिया।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान विश्व प्रताप सिंह राजावत उर्फ वीपी सिंह (35), निवासी चांदौख गांव के रूप में हुई है। वह गुरुवार रात करीब 10 बजे खाना खाने के बाद गांव के पास बनी पशुशाला में सोने गया था। शुक्रवार सुबह परिजन मवेशियों की देखभाल के लिए वहां पहुंचे तो वीपी सिंह चारपाई पर मृत मिला। उसकी गर्दन पर धारदार हथियार से हमले के निशान दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। शुरुआती जानकारी के आधार पर हत्या में कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियार के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, वारदात में इस्तेमाल हथियार और हत्या के कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    परिजनों ने परिवार के कुछ नजदीकी लोगों पर हत्या में शामिल होने का संदेह जताया है। उनका कहना है कि संबंधित लोगों के साथ पुरानी बातों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दो-तीन दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था। परिजनों को आशंका है कि इसी रंजिश के चलते वीपी सिंह की हत्या की गई है। हालांकि, परिजनों की ओर से जताई गई आशंका और आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    परिजनों ने परिवार के कुछ नजदीकी लोगों पर हत्या में शामिल होने का संदेह जताया है। उनका कहना है कि संबंधित लोगों के साथ पुरानी बातों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दो-तीन दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था। परिजनों को आशंका है कि इसी रंजिश के चलते वीपी सिंह की हत्या की गई है। हालांकि, परिजनों की ओर से जताई गई आशंका और आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग-552 पर पहुंचे और सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मांग थी कि जिन लोगों पर उन्हें हत्या का संदेह है, उनके खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जाए। परिजनों ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच किए जाने की बात पर आपत्ति जताई। इस दौरान मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई और हाईवे पर आवागमन प्रभावित हुआ। जिसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों की ओर से मामले की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।

    मामले में एसडीओपी प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि वीपी सिंह की हत्या की जांच की जा रही है। परिजनों की बात सुनी गई है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • शिवपुरी में नवजात की मौत से मचा हड़कंप, नाले में मिला महज 775 ग्राम वजन का बालक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    शिवपुरी में नवजात की मौत से मचा हड़कंप, नाले में मिला महज 775 ग्राम वजन का बालक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी में मंगलवार को जिला अस्पताल के पिछले गेट के पास नाले में नवजात बालक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात के शव को नाले से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक नवजात की नाभि पर कॉर्ड क्लैंप लगा हुआ था। इससे उसके अस्पताल में जन्म लेने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि बालक का जन्म शिवपुरी जिला अस्पताल में हुआ था या किसी दूसरे अस्पताल में। पुलिस इस संबंध में जानकारी जुटा रही है और नवजात के माता-पिता की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

    जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल के पिछले गेट के पास स्थित नाले में नवजात का शव दिखाई देने के बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को बाहर निकलवाया। जांच के दौरान नवजात का वजन केवल 775 ग्राम पाया गया। इतना कम वजन होने के कारण उसके जन्म के समय की स्थिति और मौत से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आरपी सिंह के मुताबिक नवजात का वजन बेहद कम था। इतने कम वजन वाले शिशु के जीवित रहने की संभावना कम होती है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो दिनों के दौरान जिला अस्पताल में कोलारस सिरसौद और पिछोर क्षेत्र से जुड़े तीन नवजात की मौत हुई थी। इन बच्चों के परिजन उनके शव अपने साथ ले गए थे। अब यह पता लगाया जा रहा है कि नाले में मिले नवजात का उन घटनाओं से कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल दोनों मामलों के बीच संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है।

    पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि नवजात को नाले में कैसे और किन परिस्थितियों में छोड़ा गया। नाभि पर कॉर्ड क्लैंप मिलने के कारण उसके अस्पताल में जन्म लेने की संभावना पर ध्यान दिया जा रहा है। जांच के तहत आसपास के अस्पतालों में जन्म और नवजात से संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा सकती है। इसके साथ ही घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य नवजात की पहचान और उसके परिवार तक पहुंचना है।

    कोतवाली थाने के एसआई सुमित शर्मा ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नवजात का जन्म कहां हुआ था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। घटना ने अस्पताल परिसर के आसपास सुरक्षा और नवजात की पहचान से जुड़े सवाल खड़े किए हैं। हालांकि जांच पूरी होने और रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • बेटी की मौत से टूटे पिता का छलका दर्द, भोपाल में बच्ची की हत्या के बाद थाने का घेराव, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

    बेटी की मौत से टूटे पिता का छलका दर्द, भोपाल में बच्ची की हत्या के बाद थाने का घेराव, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप


    भोपाल । भोपाल के बैरागढ़ इलाके में 12 साल की बच्ची की हत्या के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। रोजाना की तरह कबाड़ा बीनने के लिए घर से निकली बच्ची का शव अगले दिन एक खंडहर में मिला। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और इलाके के लोगों में भारी आक्रोश है। बच्ची के पिता आरोपी को कठोरतम सजा देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे अपनी बेटी को बचा नहीं सके और अब चाहते हैं कि दोषी को ऐसी सजा मिले जिससे भविष्य में कोई इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न करे। परिजनों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं।
    परिवार के मुताबिक बच्ची 15 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे घर से कबाड़ा बीनने के लिए निकली थी। इसी दौरान रास्ते में उसकी मुलाकात मोबिन नाम के युवक से हुई। परिजनों का आरोप है कि वह बच्ची को अपने साथ ले गया और इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटी। काफी देर तक बच्ची के नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। पिता का कहना है कि उसी रात करीब 11 से 12 बजे के बीच वे बैरागढ़ थाने पहुंचे और बच्ची के लापता होने की सूचना दी। परिवार का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी बच्ची की तलाश के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
    परिजन रातभर बच्ची को खोजते रहे और अगले दिन भी तलाश जारी रखी। 16 अक्टूबर की दोपहर एक अन्य बच्ची कचरा बीनने के लिए एक खंडहर में पहुंची तो वहां उसे लापता बच्ची का शव दिखाई दिया। इसके बाद परिवार और पुलिस को सूचना दी गई। शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में तनाव और आक्रोश बढ़ गया। परिवार के लिए यह खबर असहनीय थी क्योंकि वे पूरी रात अपनी बेटी को सुरक्षित वापस लाने की उम्मीद में तलाश कर रहे थे।
    बच्ची के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ गलत काम करने के बाद उसकी हत्या की गई। उनका यह भी दावा है कि सबूत छिपाने के लिए बच्ची के मुंह में कपड़ा ठूंसा गया और शव के ऊपर पुरानी अलमारी डालकर उसे कपड़े से ढक दिया गया। ये आरोप परिवार की ओर से लगाए गए हैं और मामले की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। पिता आरोपी मोबिन को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। गहरे दुख और गुस्से के बीच उन्होंने यह भी कहा कि यदि कानून दोषी को सजा नहीं दिला सकता तो आरोपी को उनके हवाले कर दिया जाए।
    परिवार के सदस्यों ने पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। बच्ची की बुआ का आरोप है कि मोहल्ले की एक बच्ची ने उनकी भतीजी को आखिरी बार मोबिन के साथ जाते हुए देखा था। इस जानकारी के आधार पर परिजनों को उस पर संदेह हुआ और उन्होंने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया। बुआ के मुताबिक पुलिस ने पूछताछ की लेकिन बच्ची के बारे में जानकारी होने से इनकार करने पर उसे छोड़ दिया गया। उनका दावा है कि शव मिलने के बाद आरोपी को दोबारा पकड़ा गया। परिजन चाहते हैं कि शुरुआती शिकायत पर हुई कार्रवाई की भी जांच हो और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
    घटना के बाद बैरागढ़ में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और थाने का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी और किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। लोगों की मांग है कि बच्ची को न्याय मिले और मामले की निष्पक्ष जांच हो। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी अब लौटकर नहीं आएगी लेकिन दोषियों को सजा मिलना जरूरी है। फिलहाल इस मामले में आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और पुलिस की कथित लापरवाही से जुड़े आरोप जांच के महत्वपूर्ण पहलू बने हुए हैं।