2025 की रियल एस्टेट रिपोर्ट: MMR रीजन में सबसे ज्यादा जमीनों के सौदे, देश में कुल 126 ट्रांज़ैक्शन हुए

नई दिल्ली। भारत में 2025 में कुल 126 जमीन सौदे संपन्न हुए, जिनमें सबसे अधिक सौदे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) में हुए। एनारॉक रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, एमएमआर में 500 एकड़ से अधिक जमीन के 32 सौदे दर्ज हुए। बेंगलुरु में भी 454 एकड़ से अधिक के 27 सौदे संपन्न हुए। हालांकि कुल सौदों की संख्या 2024 के मुकाबले कम रही, लेकिन संपन्न सौदों का वॉल्यूम बढ़ा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बिल्डर्स का भरोसा देश के प्रमुख और उभरते रियल एस्टेट बाजारों में बना हुआ है।

अविकसित और टियर 1, 2, 3 शहरों में सौदे
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में हुए 126 सौदों में 1,877 एकड़ जमीन के 96 सौदे आवासीय विकास के लिए हुए। ये सौदे टियर 1, टियर 2 और टियर 3 शहरों में बंटे हुए हैं। एनारॉक समूह के अध्यक्ष अनुज पुरी के अनुसार, एमएमआर में नियोजित विकास परियोजनाओं में आवासीय, वाणिज्यिक, डेटा सेंटर, औद्योगिक और भूखंड विकास शामिल हैं। पूरे देश में 2025 में कुल मिलाकर 3,772 एकड़ से अधिक भूमि के 126 अलग-अलग सौदे संपन्न हुए।

दिल्ली-एनसीआर और आसपास के शहरों में सौदे
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आवासीय, वाणिज्यिक और मिश्रित उपयोग परियोजनाओं के लिए लगभग 137.22 एकड़ भूमि के 16 सौदे हुए। शहरों के हिसाब से गुरुग्राम में 39.75 एकड़ के 4 सौदे, नोएडा में 41.28 एकड़ के 8 सौदे, दिल्ली में 30.89 एकड़ के 2 सौदे, ग्रेटर नोएडा में 12 एकड़ का 1 सौदा, और गाजियाबाद में 13.3 एकड़ का 1 सौदा हुआ।

रियल एस्टेट मार्केट में बढ़ता निवेश और विकास
रिपोर्ट दर्शाती है कि टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी 2025 में कुल 2,192.8 एकड़ भूमि के कम से कम 16 सौदे संपन्न हुए। यह आंकड़ा यह दर्शाता है कि न केवल बड़े शहरों में बल्कि उभरते हुए शहरों में भी बिल्डर्स और निवेशकों का विश्वास मजबूत बना हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में एमएमआर और बेंगलुरु में भूमि की कीमतों में तेजी आई है, लेकिन इससे डेवलपर्स प्रमुख और रणनीतिक संपत्तियों पर निवेश करने से नहीं हिचकिचा रहे हैं।

निष्कर्ष: रियल एस्टेट में भरोसा और भविष्य की संभावना
2025 के जमीन सौदों का विश्लेषण यह बताता है कि भारत के बड़े और उभरते शहरों में रियल एस्टेट मार्केट में निवेशक भरोसा मजबूत है। मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में बड़े सौदे संपन्न होने से यह भी संकेत मिलता है कि देश का रियल एस्टेट सेक्टर भविष्य में और अधिक विकास और आर्थिक अवसर प्रदान कर सकता है। टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी बढ़ती गतिविधियां निवेशकों के विश्वास और आवासीय व वाणिज्यिक परियोजनाओं के विस्तार की दिशा में सकारात्मक संकेत हैं।