धार्मिक बदलाव: गायत्री परिवार ने महिलाओं को दिया मंत्र का अधिकार, अमित शाह ने सराहा

नई दिल्ली। उत्तराखंड के हरिद्वार में गुरुवार को ‘अखिल विश्व गायत्री परिवार’ द्वारा माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी और अखंड दीप शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित ‘शताब्दी वर्ष समारोह 2026’ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। उन्होंने पारंपरिक दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया और उपस्थित जनों को दिव्य ऊर्जा का अनुभव कराया।

अमित शाह ने दी आध्यात्मिक संदेश

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “पंडित श्रीराम शर्मा और माता भगवती देवी ने अपने जीवनकाल में कई युगों का काम किया। उनके आंदोलन के तहत 15 करोड़ से अधिक अनुयायी आध्यात्मिकता के मार्ग पर चल रहे हैं। आज अखंड ज्योति की शताब्दी मनाई जा रही है, और इन लाखों लोगों की जिम्मेदारी है कि वे नई ऊर्जा और उत्साह के साथ अगले सौ सालों तक इसे आगे बढ़ाएं।” उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और इतिहास को जानते हैं, वे विश्वास करते हैं कि विश्व की समस्याओं का समाधान भारतीय परंपरा में ही निहित है।

हरिद्वार: आस्था और संस्कृति का संगम

अमित शाह ने हरिद्वार को आध्यात्म और संस्कृति का संगम बताते हुए कहा कि यह भूमि हजारों वर्षों से तपस्या, साधना और कुंभ की महिमा से ओत-प्रोत है। उन्होंने पंडित श्रीराम शर्मा द्वारा गायत्री ऊर्जा को जागृत करने के कार्य को सराहा और कहा कि इसने व्यक्ति-निर्माण के मार्ग को नया जीवन दिया।

गायत्री मंत्र और सामाजिक बदलाव

गृह मंत्री ने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा ने कठोर परंपराओं को तोड़ते हुए महिलाओं और समाज के हर वर्ग को गायत्री मंत्र के माध्यम से आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर किया। उन्होंने बताया कि इससे जाति, समुदाय या लिंग की परवाह किए बिना हर व्यक्ति के लिए आध्यात्मिक लाभ संभव हुआ।

पतंजलि योगपीठ अस्पताल का उद्घाटन

कार्यक्रम के दौरान अमित शाह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, योग गुरु रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के एमडी आचार्य बालकृष्ण की उपस्थिति में महर्षि दयानंद ग्राम, हरिद्वार में पतंजलि आपातकालीन और क्रिटिकल केयर अस्पताल का उद्घाटन भी किया गया।

हरिद्वार में शताब्दी वर्ष समारोह में अमित शाह ने अखंड ज्योति और गायत्री मंत्र के माध्यम से आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश देते हुए महिलाओं और समाज के लिए नए आध्यात्मिक मार्ग की अहमियत बताई।