वाराणसी से मिर्जापुर तक, मनोरंजन जगत के लिए बेहद खास उत्तर प्रदेश, सैकड़ों फिल्मों की हो चुकी है शूटिंग

नई दिल्ली।  जनसंख्या के लिहाज से देश का सबसे बड़ा और खूबसूरत राज्य उत्तर प्रदेश न केवल पर्यटन बल्कि सिनेमा जगत को समृद्ध करने में भी अहम योगदान देता रहा है। प्राचीन शहरों के गंगा घाट, पतली गलियां, ऐतिहासिक मंदिर, ताजमहल और खूबसूरत नजारे फिल्मों के लिए आकर्षक पृष्ठभूमि बनाते हैं। यही वजह है कि यूपी भारत के सबसे फिल्म फ्रेंडली राज्यों में शुमार है। 2021 में इसे “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” घोषित किया गया था।

शूटिंग की विशेषताएं और फिल्म नीति

राज्य सरकार ने शूटिंग नियमों को सरल किया है। सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के जरिए फिल्म मेकर्स को ऑनलाइन अनुमति और सब्सिडी मिलती है। वेब सीरीज के लिए भी सब्सिडी का प्रावधान है। सूचना विभाग की नोड एजेंसी ‘फिल्म बंधु’ फिल्म शूटिंग को बढ़ावा दे रही है। यूपी की फिल्म पॉलिसी सांस्कृतिक, पौराणिक और ऐतिहासिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाने पर केंद्रित है।

बोलती पृष्ठभूमि: प्रसिद्ध फिल्में और वेब सीरीज

मसान (2015) में विक्की कौशल और ऋचा चड्ढा के किरदार काशी की गहराई को छूते हैं।
रांझणा (2013) बनारस की गलियों में प्रेम, त्याग और सामाजिक विभाजन की कहानी दिखाती है।
मुक्ति भवन (2016) में कॉमेडी और भावुकता का अनोखा मिश्रण है।
बनारस में शहर की आध्यात्मिकता और रहस्य कहानी को मजबूती देती है।
मोहल्ला अस्सी अस्सी घाट और स्थानीय संस्कृति पर आधारित व्यंग्यात्मक कहानी है।
ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन – शिव (2022) में पौराणिक कथाओं से प्रेरित कहानी और शक्तियों का खेल है।
गैंग्स ऑफ वासेपुर (2012) में अपराध, सत्ता और बदले की महाकाव्य कहानी दिखाई गई।
मिर्जापुर (वेब सीरीज) में अपराधी कालीन त्रिपाठी का साम्राज्य और क्राइम थ्रिलर कहानी है।
वनवास (2024) बुजुर्ग माता-पिता की उपेक्षा और परिवारिक संघर्ष पर आधारित भावुक कहानी है।
भूल चूक माफ में वाराणसी की रंगीन गलियों और टाइम लूप की रोमांटिक कॉमेडी दिखाई गई।

उत्तर प्रदेश की फिल्म नीति और पुरस्कार

यूपी ने कई बड़े पुरस्कार जीते हैं। 64वें और 68वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड, 2021 में आईएफएफआई गोवा, और 2022 में मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल से ‘शूटिंग फ्रेंडली राज्य’ का सम्मान मिला।

उत्तर प्रदेश अपने खूबसूरत नजारों, सांस्कृतिक विरासत और फिल्म फ्रेंडली नीति से सिनेमा जगत का पसंदीदा राज्य बनकर 77वें स्थापना दिवस पर गौरव महसूस कर रहा है।