इसी गहमागहमी के बीच बलिया के नगरा थाना प्रभारी संजय मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रोटोकॉल या गिरफ्तारी के बजाय सीधे सांसद सनातन पांडे के पैर छूकर उन्हें प्रणाम किया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब सपा विधायक वीरेंद्र यादव ने मजाकिया अंदाज में दरोगा से गिरफ्तारी की बात कही, तो दरोगा संजय मिश्रा ने विनम्रता या कटाक्ष भरे लहजे में कहा हमारी औकात कहां जो आपको गिरफ्तार कर सकें। यह सुनकर वहां मौजूद लोग हंस पड़े, लेकिन कानून के जानकारों के बीच यह बहस का मुद्दा बन गया।
दरोगा यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि वे किसी को गिरफ्तार नहीं करेंगे बल्कि जरूरत पड़ी तो सांसदों के साथ धरने पर ही बैठ जाएंगे। काफी देर तक चले इस ड्रामे के बाद पुलिस टीम ने सांसद को एस्कॉर्ट करते हुए वापस बलिया के लिए रवाना कर दिया। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स दो धड़ों में बंट गए हैं। जहां एक पक्ष इसे पुलिस का जन प्रतिनिधियों के प्रति सम्मान और लोकतांत्रिक प्रदर्शन के प्रति नरम रुख बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे वर्दी का अपमान और ‘तुष्टिकरण’ की राजनीति से जोड़कर देख रहा है। फिलहाल इस मामले में पुलिस के आला अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।
