बांग्लादेश और चीन के बीच बड़ा रक्षा समझौता: अब ढाका में बनेगी ड्रोन फैक्ट्री चीन देगा अपनी तकनीक


नई दिल्ली । दक्षिण एशिया के भू-राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने मंगलवार को चीन के साथ एक रणनीतिक रक्षा समझौते पर मुहर लगा दी है। इस ऐतिहासिक डील के तहत अब बांग्लादेश की धरती पर मानवरहित हवाई वाहनों यानी ड्रोन्स का निर्माण किया जाएगा। यह समझौता बांग्लादेश वायु सेना और चीन की दिग्गज सरकारी डिफेंस कंपनी चाइना इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी ग्रुप कॉरपोरेशन इंटरनेशनल के बीच हुआ है।

यह समझौता न केवल बांग्लादेश की सैन्य शक्ति को बढ़ाएगा बल्कि उसे रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर भी ले जाएगा। समझौते के मुख्य स्तंभ: तकनीक का हस्तांतरण इस डील की सबसे बड़ी खासियत यह है कि चीन केवल ड्रोन बेचेगा नहीं बल्कि बांग्लादेश को इन्हें बनाने की तकनीकभी देगा। अत्याधुनिक सुविधा: ढाका में एक हाई-टेक फैक्ट्री स्थापित की जाएगी जहाँ ड्रोन्स का उत्पादन और असेंबलिंग होगी।

आत्मनिर्भरता: तकनीक मिलने के बाद भविष्य में बांग्लादेश वायु सेना स्वतंत्र रूप से अपने ड्रोन्स विकसित कर सकेगी जिससे उसकी विदेशी निर्भरता कम होगी। किस तरह के आसमानी शिकारी तैयार करेगा बांग्लादे शुरुआत में फैक्ट्री में दो मुख्य श्रेणियों के ड्रोन्स पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा ये ड्रोन मध्यम ऊंचाई पर लंबी दूरी तक उड़ान भरने में सक्षम होते हैं। इनका उपयोग मुख्य रूप से निगरानी और टोही अभियानों के लिए किया जाता है।

ये ड्रोन किसी हेलीकॉप्टर की तरह सीधे उड़ान भर सकते हैं और उतर सकते हैं। इन्हें रनवे की जरूरत नहीं होती जो इन्हें दुर्गम क्षेत्रों और आपदा प्रबंधन के लिए बेहद उपयोगी बनाता है।बहुउद्देशीय उपयो इन ड्रोन्स का इस्तेमाल केवल युद्ध के लिए ही नहीं बल्कि मानवीय सहायता आपदा प्रबंधन खोज एवं बचाव अभियान और सीमा सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जाएगा। चीनी कंपनी और बढ़ता रक्षा सहयोग
दुनिया की उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है जो न केवल ड्रोन बल्कि अत्याधुनिक राडार दूरसंचार उपकरण और सैन्य सॉफ्टवेयर भी बनाती है।

रक्षा आपूर्तिकर्ता: चीन दशकों से बांग्लादेश का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता रहा है। अगला बड़ा कदम: ड्रोन्स के अलावा बांग्लादेश अपने पुराने हो चुके F-7 और MiG-29 विमानों को बदलने के लिए चीन से 20 चेंगदू J-10C विगोरस ड्रैगन लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी में है। यह डील लगभग 2.2 अरब डॉलर 18 हजार करोड़ रुपये की हो सकती है। हस्ताक्षर समारोह: ढाका छावनी स्थित BAF मुख्यालय में हुए इस समारोह में बांग्लादेश के वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान और चीन के राजदूत याओ वेन सहित कई शीर्ष सैन्य अधिकारी मौजूद थे।