किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य दलहन उत्पादन को सुदृढ़ करना, किसानों की आय बढ़ाना और उन्नत तकनीकों के माध्यम से उत्पादकता में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन दलहन क्षेत्र में नीति निर्धारण और अनुसंधान को नई दिशा देगा तथा राष्ट्रीय स्तर पर ठोस रणनीति तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा।
सम्मेलन में देश के प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, दलहन अनुसंधान से जुड़े वैज्ञानिक, सरकारी बीज उत्पादक संस्थाएँ, दाल उद्योग से संबंधित प्रतिनिधि तथा अन्य सहयोगी एजेंसियाँ भाग लेंगी। विभिन्न राज्यों के अनुभवों और सफल मॉडलों के आदान-प्रदान से दलहन विकास के लिए साझा दृष्टिकोण विकसित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान किसानों तक नवीन शोध, गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक खेती पद्धतियों और बाजार से जुड़ी आवश्यक जानकारी पहुँचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सम्मेलन में यह भी चर्चा की जाएगी कि किस प्रकार वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों को खेत स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुँचाकर दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है।
दलहन फसलों की बढ़ती मांग और पोषण सुरक्षा के महत्व को देखते हुए यह सम्मेलन न केवल किसानों के लिए बल्कि नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत के लिए भी अत्यंत उपयोगी साबित होगा। आयोजकों का मानना है कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन से निकलने वाले निष्कर्ष और सुझाव देश में दलहन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे और किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
