शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर को वॉशिंगटन पोस्ट ने निकाला, सोशल मीडिया पर जताई भावुक प्रतिक्रिया


नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर को अमेरिका के अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट से नौकरी से निकाला गया है। ईशान ने स्वयं इस खबर की पुष्टि की और सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपनी निराशा व्यक्त की। सूत्रों के अनुसार, ईशान उन पत्रकारों में शामिल हैं जिन्हें अखबार ने हाल ही में बड़े पैमाने पर छंटनी के तहत हटाया। इस कदम का असर वॉशिंगटन पोस्ट की अंतरराष्ट्रीय कवरेज और स्पोर्ट्स डेस्क पर भी पड़ा है।

ईशान का भावुक संदेश
ईशान ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह दिन उनके लिए बेहद कठिन और विनाशकारी था। उन्होंने बताया कि ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय कर्मचारी भी छंटनी की चपेट में आए हैं। ईशान ने न्यूज रूम की खाली तस्वीर साझा करते हुए कहा कि इस स्थिति ने उन्हें और उनके सहयोगियों को गहरा दुख पहुंचाया। उन्होंने विशेष रूप से उन पत्रकारों का जिक्र किया, जो वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय कवरेज में योगदान देते रहे और जिनके साथ काम करना उनके लिए सम्मान की बात रहा।

बड़ी छंटनी का असर
रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन पोस्ट की हालिया छंटनी से संगठन का लगभग एक तिहाई कर्मचारी वर्ग प्रभावित हुआ है। मिडिल ईस्ट, यूरोप, एशिया और लैटिन अमेरिका के कई वरिष्ठ संवाददाता और संपादक भी इसमें शामिल रहे। वॉशिंगटन पोस्ट गिल्ड ने इस कदम की आलोचना करते हुए मालिक जेफ बेजोस से अपील की कि वे अखबार के पत्रकारिता मिशन में निवेश जारी रखें और कर्मचारियों के भविष्य के प्रति जवाबदेही दिखाएं।

300 से अधिक कर्मचारी प्रभावित
अखबार ने बुधवार को लगभग 300 कर्मचारियों को नौकरी से हटाया। इसके तहत स्पोर्ट्स सेक्शन बंद कर दिया गया, कई अंतरराष्ट्रीय ब्यूरो को बंद किया गया और किताबों की कवरेज भी समाप्त कर दी गई। मीडिया विशेषज्ञ इसे अमेरिकी मीडिया क्षेत्र की अब तक की सबसे बड़ी छंटनी में से एक मान रहे हैं। इस कार्रवाई से नई दिल्ली और मिडिल ईस्ट के कई प्रमुख संवाददाता और संपादक भी प्रभावित हुए हैं।

छंटनी की वजह
वॉशिंगटन पोस्ट ने इसे अपने बड़े रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का हिस्सा बताया है। एग्जीक्यूटिव एडिटर मैट मरे ने कहा कि यह कठिन लेकिन जरूरी कदम था। उन्होंने बताया कि संगठन को बदलती टेक्नोलॉजी और पाठकों की बदलती प्राथमिकताओं के अनुसार ढालना आवश्यक था। हालांकि, इस फैसले की कई आलोचनाएँ भी सामने आई हैं।