शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 14 लाख की ठगी जबलपुर की महिला को बनाया शिकार इंदौर से चार साइबर आरोपी गिरफ्तार


जबलपुर/मध्यप्रदेश के जबलपुर में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ऑनलाइन ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है जहां एक महिला से 14 लाख 16 हजार रुपए की धोखाधड़ी की गई। इस मामले में स्टेट साइबर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इंदौर से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए निवेश का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और सुनियोजित तरीके से बड़ी रकम ऐंठ लेते थे।

पुलिस के अनुसार पीड़ित महिला जबलपुर की रहने वाली है और वह अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहती थी। इसी दौरान उसकी पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से अनिकेत मात्रे नाम के युवक से हुई। आरोपी ने खुद को शेयर ट्रेडिंग का अनुभवी निवेश सलाहकार बताया और कम समय में पूंजी दोगुनी करने का भरोसा दिलाया। महिला को विश्वास में लेने के लिए आरोपी ने फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के स्क्रीनशॉट और लाभ के झूठे आंकड़े भी साझा किए।

आरोपियों के झांसे में आकर महिला ने अलग अलग चरणों में कुल 14 लाख 16 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। शुरुआत में कुछ समय तक आरोपी लगातार संपर्क में रहे और जल्द मुनाफा मिलने का आश्वासन देते रहे। बाद में न तो कोई लाभ मिला और न ही आरोपियों से संपर्क हो पाया। खुद को ठगा महसूस करने पर महिला ने स्टेट साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलने के बाद स्टेट साइबर सेल के निरीक्षक नीलेश अहिरवार के नेतृत्व में मामले की जांच शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बैंकिंग ट्रांजैक्शन डिजिटल कम्युनिकेशन और मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण किया। जांच के दौरान आरोपियों की गतिविधियां इंदौर से संचालित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद साइबर पुलिस की टीम ने इंदौर में दबिश देकर अनिकेत मात्रे अभिषेक मात्रे दयानंद मांझी और अक्षय मंडलिक को गिरफ्तार किया।

पुलिस जांच में मिथुन जाटव नामक व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है जिसकी तलाश जारी है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे संगठित रूप से इस ठगी को अंजाम दे रहे थे। गिरोह का तरीका सोशल मीडिया पर लोगों से संपर्क कर उन्हें शेयर ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर फंसाना था। विशेष रूप से महिलाओं और नए निवेशकों को निशाना बनाया जाता था।स्टेट साइबर पुलिस का दावा है कि ठगी की गई राशि भी आरोपियों से बरामद कर ली गई है। सभी आरोपियों को जबलपुर लाकर न्यायालय में पेश किया गया जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह का नेटवर्क बड़ा हो सकता है और अन्य राज्यों में भी ऐसे मामलों से इनका संबंध सामने आ सकता है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार ऑनलाइन निवेश से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि बिना सत्यापन वाले प्लेटफॉर्म त्वरित लाभ के दावे और सोशल मीडिया पर दी जाने वाली निवेश सलाह सबसे बड़ा जोखिम बन चुके हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के ऑनलाइन निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की वैधता जांचें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें। मामले की विस्तृत जांच जारी है।