छावा की शूटिंग में आई थी बड़ी चुनौती, चोट के बावजूद विक्की कौशल ने दिखाई संभाजी महाराज जैसी जिद


नई दिल्ली । विक्की कौशल की फिल्म छावा के लिए की गई तैयारी जितनी दमदार नजर आती है उसके पीछे की कहानी उतनी ही संघर्ष से भरी रही है। साल 2025 में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई और विक्की कौशल की जबरदस्त फिजीक ने दर्शकों को हैरान कर दिया। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस किरदार तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र संभाजी महाराज का किरदार निभाने के लिए विक्की को न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक तौर पर भी खुद को उसी स्तर की जिद और अनुशासन में ढालना पड़ा।

फिल्म के लिए विक्की कौशल के पास महज तीन महीने का समय था जिसमें उन्हें पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म करना था। हालात तब और मुश्किल हो गए जब इस दौरान उन्हें गंभीर चोट लग गई। उनके पर्सनल फिटनेस ट्रेनर तेजस लालवानी ने एक इंटरव्यू में इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें आधी रात को विक्की का फोन आया था। विक्की ने साफ शब्दों में कहा था कि सिर्फ तीन महीने हैं और बॉडी बनानी है। तेजस ने भी बिना हिचक हामी भर दी लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि आगे इतनी बड़ी चुनौती सामने आने वाली है।

शूटिंग के बेहद अहम सीक्वेंस चल रहे थे जिन्हें किसी भी हाल में टाला नहीं जा सकता था। उसी दौरान विक्की को चोट लग गई। शुरुआत में लगा कि यह मामूली दर्द है और जल्द ठीक हो जाएगा लेकिन अगली सुबह हालात बदल चुके थे। विक्की अपना हाथ तक नहीं उठा पा रहे थे। कई महीनों की मेहनत सख्त डाइट और ट्रेनिंग सब कुछ एक झटके में दांव पर लग गया था। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या होगा।

करीब एक महीने तक रिकवरी में लगने के बाद विक्की दोबारा लौटे और सीधे कहा चलो ट्रेनिंग शुरू करते हैं। पहला दिन बेहद मुश्किल था। हाथों का इस्तेमाल किए बिना सिर्फ उन्हीं मसल ग्रुप्स पर काम किया जा सका जो सुरक्षित थे। तेजस लालवानी के मुताबिक उस दौर में विक्की के अंदर जो अनुशासन और वापसी की भूख उन्होंने देखी वही मानसिकता उन्हें संभाजी महाराज के चरित्र में भी दिखाई देती है हार न मानने की जिद और हर हाल में लौटने का संकल्प।

छावा में विक्की कौशल के साथ विनीत कुमार सिंह और अक्षय खन्ना अहम भूमिकाओं में नजर आए। अक्षय खन्ना का निगेटिव किरदार और फिल्म की दमदार कहानी भव्य विजुअल्स और ऐतिहासिक सच्चाई से जुड़ी घटनाएं दर्शकों को भीतर तक झकझोर देती हैं। करीब 140 करोड़ रुपये की लागत में बनी इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 601.54 करोड़ रुपये की कमाई की जबकि वर्ल्डवाइड कलेक्शन 807 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह फिल्म सिर्फ एक ऐतिहासिक गाथा नहीं बल्कि जज्बे संघर्ष और अदम्य इच्छाशक्ति की मिसाल बनकर सामने आई।