वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गर्भगृह में विधिपूर्वक पूजा के दौरान राजा भैया ने शस्त्रों के साथ आराधना की। मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गर्भगृह में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र ले जाने पर सख्त प्रतिबंध है। बावजूद इसके नियमों की अनदेखी की गई। यह मामला प्रशासन, सुरक्षा और धार्मिक नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि सामान्य भक्तों के लिए जहां सख्त नियम लागू होते हैं वहीं प्रभावशाली नेताओं के लिए अलग मापदंड अपनाए जा रहे हैं। राजा भैया की बाहुबली छवि के कारण उन्हें विशेष अनुमति दी गई और इससे नियमों में भेदभाव का आरोप लग रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर किसी आम भक्त ने ऐसा किया होता तो क्या प्रशासन की कार्रवाई इतनी ढीली होती।
मां शारदा मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और नवरात्र जैसे पर्वों पर यह संख्या लाखों में पहुंच जाती है। ऐसे में गर्भगृह तक शस्त्र ले जाने की घटना सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। श्रद्धालुओं ने चिंता जताई है कि नियमों का इस तरह उल्लंघन होने पर किसी बड़ी अनहोनी की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बताया जा रहा है कि पूजा पूरी तरह से विधिपूर्वक मंदिर के पुजारी द्वारा कराई गई। हालांकि मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई यूजर्स ने इसे नियमों का खुला उल्लंघन बताया है और मामले की जांच की मांग की है।
मंदिर प्रशासक दिव्या सिंह पटेल और एसडीएम मैहर से संपर्क किया गया लेकिन वे इस मामले पर कोई टिप्पणी देने के लिए तैयार नहीं हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है और लोग प्रशासन की भूमिका और मंदिर सुरक्षा के स्तर पर सवाल उठा रहे हैं। इस घटना ने धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा नियमों के पालन की गंभीरता को एक बार फिर उजागर किया है।
