क्रिकेट जगत में भेदभाव का आरोप! वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका भारत में फंसे, माइकल वॉन और डी कॉक ने ICC की 'पावर पॉलिटिक्स' को घेरा।


नई दिल्ली :टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल का उत्साह उस समय विवादों के घेरे में आ गया, जब दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज क्विंटन डी कॉक ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े कर दिए। दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष (Military Conflict) के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्राएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिसका खामियाजा टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी टीमों को भुगतना पड़ रहा है। मामला तब गरमाया जब यह सामने आया कि 1 मार्च को बाहर हुई वेस्टइंडीज और 4 मार्च को सेमीफाइनल हारने वाली साउथ अफ्रीका की टीमें अभी भी कोलकाता के होटलों में फंसी हैं, जबकि महज एक दिन पहले (5 मार्च को) बाहर होने वाली इंग्लैंड की टीम को घर भेजने के लिए विशेष इंतजाम कर दिए गए।

इस स्पष्ट “भेदभाव” को देखकर क्विंटन डी कॉक का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे आईसीसी का “मजाक” करार दिया। डी कॉक ने तंज कसते हुए लिखा कि यह देखना वाकई हैरान करने वाला है कि वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका जैसी टीमें अभी भी पूरी तरह अंधेरे में हैं और उन्हें कोई जानकारी नहीं दी जा रही, वहीं इंग्लैंड की टीम रातों-रात उड़ान भरने की तैयारी में है। उन्होंने इशारों-इशारों में आईसीसी के भीतर “पावर गेम” की ओर इशारा करते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे कुछ खास टीमों का असर दूसरों की तुलना में कहीं अधिक है।

विवाद केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहा; इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी इस मुद्दे पर आईसीसी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दोटूक शब्दों में कहा कि यह स्थिति दर्शाती है कि क्रिकेट जगत में सत्ता का संतुलन कितना बिगड़ा हुआ है। वॉन ने सवाल उठाया कि जब सभी टीमें एक ही टूर्नामेंट का हिस्सा हैं, तो उनके साथ व्यवहार अलग-अलग क्यों? सिर्फ इसलिए कि कोई टीम आईसीसी की टेबल पर अधिक शक्तिशाली है, उसे प्राथमिकता मिलना खेल भावना के विपरीत है। वॉन का यह बयान डी कॉक के गुस्से को और अधिक वजन देता नजर आया।

लॉजिस्टिक संकट की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वेस्टइंडीज के खिलाड़ी पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया के जरिए मदद की गुहार लगा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इंग्लैंड की टीम शनिवार को मुंबई के रास्ते लंदन के लिए रवाना हो सकती है, जबकि दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज की टीमों को रविवार तक का इंतजार करना पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि इन दोनों टीमों को एक साथ चार्टर प्लेन से पहले जोहान्सबर्ग ले जाया जाएगा, जिसके बाद कैरेबियाई खिलाड़ी एंटीगुआ के लिए उड़ान भरेंगे। फाइनल जैसे बड़े मुकाबले से ठीक पहले इस तरह के विवाद ने आईसीसी के प्रबंधन और निष्पक्षता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।