आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 20 बकरियां भी जिंदा जल गईं, जबकि मकानों में रखा पूरा घरेलू सामान राख में तब्दील हो गया।आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 20 बकरियां भी जिंदा जल गईं, जबकि मकानों में रखा पूरा घरेलू सामान राख में तब्दील हो गया। घटनास्थल पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
घटना का समय और शुरुआती जानकारी
घटना दोपहर 1 बजे की बताई जा रही है। आग लगने के समय परिवार के सदस्य गेहूं की कटाई के लिए बाहर गए हुए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। आग को रोकने के लिए ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों का उपयोग किया और खेतों में कल्टीवेटर चलाकर आग की लपटों को गेहूं की खड़ी फसलों तक फैलने से रोका।
जान-माल का भारी नुकसान
मौके पर पहुंचे पटवारी प्रेमसिंह रावत ने बताया कि आग लगने के कारण फिलहाल अज्ञात हैं। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई गई है, लेकिन जांच अभी जारी है।20 बकरियां जिंदा जल गई6 मकान पूरी तरह खाक हो गए, जिसमें 100 फीसदी नुकसान हुआ।घरों में रखी नकदी और चांदी भी आग की भेंट चढ़ गई।
पीड़ितों ने बताया कि घरों में लगभग 5 लाख रुपए की नकदी रखी थी। एक परिवार के पास 2 लाख रुपए ट्रैक्टर की किश्त भरने के लिए थे। इसके अलावा महिलाओं के पास लगभग 5 किलो चांदी की ज्वैलरी थी।
प्रशासन की कार्रवाई
पटवारी रावत ने कहा कि पंचानामा बनाकर नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। इसे जल्द ही तहसीलदार के समक्ष पेश किया जाएगा, ताकि सरकारी मदद और मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू हो सके।
ग्रामीणों का सहयोग
ग्रामीणों ने आग के फैलाव को रोकने के लिए तत्काल ट्रैक्टर और खेतों में कल्टीवेटर का इस्तेमाल किया। इससे आसपास की फसलें सुरक्षित रह सकीं और आग और अधिक व्यापक नहीं फैल सकी
