शांतिवन डंपिंग यार्ड का धुआं, दो वार्डों के रहवासी प्रभावित:CMO ने कचरा शिफ्ट करने और मशीन लगाने का दिया आश्वासन


नई दिल्ली। पिपरिया के शांतिवन डंपिंग यार्ड से उठने वाला धुआं राजेंद्र वार्ड और महाराणा प्रताप वार्ड के निवासियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गया है। साड़िया रोड स्थित इस यार्ड में वर्षों से नगर का ठोस कचरा डंप किया जा रहा है, और खुले में पड़े कचरे में आग लगने से जहरीला धुआं निकल रहा है।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट जलने से हवा प्रदूषित हो रही है, जिससे सांस लेने में तकलीफ होती है। परिवारों ने बच्चों में लगातार खांसी, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की है। नागरिकों का यह भी कहना है कि कचरा निष्पादन केंद्र पर पूर्व में लाखों-करोड़ों रुपए खर्च किए गए, लेकिन इसका प्रभावी संचालन नहीं हो रहा है।

वार्डवासियों ने प्रशासन से खुले में कचरा जलाने पर तत्काल रोक लगाने, वैज्ञानिक निस्तारण व्यवस्था लागू करने और स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि सौंदर्यीकरण योजनाओं से पहले स्वच्छ हवा और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

स्थाई समाधान करेंगे

इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आरपी नायक ने बताया कि आग को बुझा दिया गया है और डंप कचरे के किनारे पानी की नली बनवाई गई है। उन्होंने समस्या के स्थायी समाधान के लिए जमाडा में चार एकड़ जमीन लेने की जानकारी दी, जहां शांतिवन का कचरा शिफ्ट किया जाएगा। कचरे के निष्पादन के लिए एक मशीन भी मंगवाई गई है।

सीएमओ नायक ने आश्वासन दिया कि जल्द ही नागरिकों को इस समस्या से राहत मिलेगी।वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे चरणबद्ध शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे और कचरा गाड़ियों को शांतिवन में जाने से रोकेंगे।