होर्मुज तनाव के बीच भारत पहुंचेगा एक और LPG टैंकर ‘नंदा देवी’, ऊर्जा संकट से मिलेगी बड़ी राहत



नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष का आज 18वां दिन है। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नाकेबंदी और विशेष शर्तों के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो रही है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के करीब 50 प्रतिशत कच्चे तेल के आवागमन के लिए इस्तेमाल होता है। अमेरिका ने नाटो और पश्चिमी देशों से मदद की अपील की है, लेकिन ब्रिटेन समेत कई सहयोगी देशों ने इसे अमेरिका-इजराइल का युद्ध बताते हुए सीधे हस्तक्षेप से दूरी बनाई है।

UAE का एयरस्पेस

संयुक्त अरब अमीरात ने मंगलवार सुबह अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था, ताकि ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन खतरों का सामना किया जा सके। हालांकि, कुछ समय बाद UAE ने एयरस्पेस खोल दिया और विमानों का संचालन सामान्य कर दिया।

भारत पहुंचेगा ‘नंदा देवी’ एलपीजी टैंकर

भारतीय एलपीजी वाहक ‘शिवालिक’ के बाद अब 46,000 मीट्रिक टन द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस ले जाने वाला एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’ मंगलवार को गुजरात के कांडला पोर्ट पर पहुंचेगा। टैंकर को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कराने में भारतीय और ईरानी नौसेनाओं की मदद मिली। यह पहल बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय तथा भारतीय जहाजरानी निगम के सहयोग से संभव हुई।

युद्ध की घटनाएं

बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हमला: मंगलवार तड़के ड्रोन और रॉकेट हमलों ने दूतावास को निशाना बनाया। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक तीन ड्रोन और चार रॉकेट दूतावास पर गिराए गए, जिनमें से कम से कम एक ड्रोन दूतावास के अंदर ही गिर गया।

UAE के फुजैराह के पास टैंकर हमला: UK मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने बताया कि फुजैराह के पास एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल टैंकर से टकराया। क्रू सुरक्षित रहे और पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं हुआ।

सऊदी अरब में ड्रोन नष्ट: सऊदी रक्षा मंत्रालय ने देश के पूर्वी क्षेत्र में छह ड्रोन को पहले ही और बाद में दो अन्य ड्रोन को रोककर नष्ट करने की जानकारी दी।

इस बीच भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है कि होर्मुज से एलपीजी और अन्य ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित तरीके से देश तक पहुंच सके। ‘नंदा देवी’ की लैंडिंग से देश में एलपीजी आपूर्ति में राहत मिलेगी।