जसप्रीत बुमराह का मास्टरी मंत्र! MI के बॉलिंग कोच ने दुनिया भर के गेंदबाजों के लिए साझा किया बड़ा सबक

नई दिल्ली। मुंबई इंडियंस (MI) के बॉलिंग कोच पारस म्हाम्ब्रे ने भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की जमकर तारीफ की है। उन्होंने बताया कि बुमराह के वर्क एथिक्स और खेल के प्रति उनकी निष्ठा दुनियाभर के गेंदबाजों के लिए सीखने योग्य हैं। म्हाम्ब्रे के अनुसार, बुमराह ने हाल के वर्षों में ना केवल गेंदबाजी में बल्कि एक इंसान के तौर पर भी जबरदस्त ग्रोथ की है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले बुमराह आईपीएल 2026 के शुरुआती दो मैचों में विकेट नहीं ले पाए हैं, लेकिन उनकी मेहनत और रणनीति की तारीफ हर जगह हो रही है।

टीनएजर से ग्लोबल आइकन तक का सफर

पारस म्हाम्ब्रे ने RR vs MI के 13वें लीग मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बुमराह का सफर प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा, “बुमराह ने एक टीनएजर से ग्लोबल आइकन बनने का सफर तय किया है। जिस तरह से वह नेट्स में काम करते हैं, हर उस चीज़ पर टिक मार्क करते हैं, जिस पर उन्होंने अभ्यास किया है और गेम के दौरान इस्तेमाल करेंगे। पिछले कुछ सालों में वह इंडियन टीम के साथ शानदार बॉलर बन गए हैं और एक इंसान के तौर पर और भी बेहतर हुए हैं।”

म्हाम्ब्रे ने जोर देकर कहा कि बुमराह का वर्क एथिक्स हर खिलाड़ी को सीखना चाहिए। यह उनकी लगातार प्रैक्टिस, रणनीतिक तैयारी और मानसिक मजबूती का नतीजा है। बुमराह का हर कदम टीम के लिए और युवा गेंदबाजों के लिए उदाहरण पेश करता है।

मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी पर नजर

आईपीएल 2026 के पहले दो मैचों में MI की गेंदबाजी मिश्रित रही। एक मैच में टीम ने जीत दर्ज की, जबकि दूसरे मैच में गेंदबाज साझेदारी नहीं तोड़ पाए। इस पर पारस म्हाम्ब्रे ने कहा, “एक बॉलिंग ग्रुप के तौर पर, हम हमेशा इस पर चर्चा करते हैं कि विकेट कैसे लें, अपने प्लान को पूरा कैसे करें, विरोधी टीम पर दबाव कैसे बनाए रखें और अपनी ताकत व कमजोरियों का सही इस्तेमाल कैसे करें।”

उन्होंने बताया कि पिच की परिस्थितियों का भी प्रदर्शन पर असर पड़ता है। “दोनों सरफेस अलग-अलग रहे हैं। मुंबई में लाल मिट्टी की पिच पर घास होने की वजह से आपको बाउंस मिलता है और शॉट आसानी से खेले जा सकते हैं। वहीं, दिल्ली की काली मिट्टी की पिच पर बाउंस कम मिलता है और बल्लेबाजों को अलग तरीके से खेलना पड़ता है।”

पिच की रणनीति और गेंदबाजों की तैयारी

म्हाम्ब्रे ने पिच और स्थिति के अनुसार गेंदबाजों को तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “लाल मिट्टी की पिच पर स्क्वायर कट और पुल शॉट अच्छे से खेले जा सकते हैं। ऐसे में हमारी रणनीति अलग होती है। वहीं, काली मिट्टी की पिच पर खिलाड़ियों को गति और लाइन पर ध्यान देना पड़ता है। यह सब गेंदबाजों की तैयारी और योजना पर निर्भर करता है।”

इसका मतलब यह है कि मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी टीम सिर्फ प्रतिभा पर नहीं, बल्कि योजना और मानसिक तैयारी पर भी आधारित है। बुमराह इस रणनीति के केंद्र में हैं और उनकी मेहनत टीम की सफलता के लिए अहम है।

पारस म्हाम्ब्रे ने बुमराह की मेहनत, अनुशासन और लगातार सुधार की तारीफ करते हुए कहा कि वह न केवल एक शानदार बॉलर हैं बल्कि एक प्रेरणादायक इंसान भी हैं। मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी की मजबूती इसी तरह की रणनीति, पिच के अनुसार तैयारी और टीमवर्क पर निर्भर है। बुमराह जैसे खिलाड़ी MI की सफलता की कुंजी बने हुए हैं।