उज्जैन में भव्य भस्म आरती: सितारों ने नंदी हॉल में दर्शन कर अनुभव साझा किया


उज्जैन। बुधवार की सुबह विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में भव्य दृश्य देखने को मिला। मंदिर की तड़के सुबह होने वाली भस्म आरती में टीवी और फिल्म इंडस्ट्री की प्रसिद्ध अभिनेत्रियाँ उल्का गुप्ता और मोनाल गज्जर के साथ-साथ प्रसिद्ध गायिका किंजल दवे और पूर्व क्रिकेटर सुनील जोशी शामिल हुए। मंदिर प्रबंध समिति ने सभी का स्वागत किया और उन्हें नंदी हॉल में बैठने की व्यवस्था कर दर्शन का अनुभव कराया।

महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का आयोजन हर दिन कई वीआईपी और वीवीआईपी के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। इस आरती में भक्त और दर्शक बाबा महाकाल के दर पर उपस्थित होकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। आज इस अवसर पर आए सितारों ने न केवल आरती में भाग लिया बल्कि अपने अनुभव भी साझा किए। उल्का गुप्ता ने कहा कि महाकाल की भस्म आरती का अनुभव अवर्णनीय था। उन्होंने बताया कि शिवलिंग का श्रृंगार और जल अर्पित होते हुए देखकर उनके आंखों में आंसू निकल आए। उल्का ने कहा कि 2013 में जब वे मंदिर आई थीं, तब व्यवस्था अलग थी लेकिन 2026 में व्यवस्थाएं काफी सुधार गई हैं और मंदिर में दर्शन का अनुभव और भी प्रभावशाली हो गया है।

गायिका किंजल दवे ने कहा कि भस्म आरती का अनुभव अद्भुत था और उन्होंने समस्त सृष्टि में शांति की कामना की। उन्होंने महाकालेश्वर मंदिर की भव्यता और आयोजन की व्यवस्था की सराहना की। फिल्म अभिनेत्री मोनाल गज्जर ने भी मंदिर व्यवस्थाओं की जमकर प्रशंसा की और साथ ही मध्य प्रदेश सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मंदिर में आकर आस्था और श्रद्धा का अनुभव और भी प्रगाढ़ हो गया।

पूर्व क्रिकेटर सुनील जोशी ने इस भव्य आरती में शामिल होकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि भस्म आरती में शामिल होना उनके लिए विशेष था। उन्होंने क्रिकेट की उपलब्धियों का भी जिक्र किया और कहा कि भारत ने पुरुष, महिला और अंडर 19 टीमों के साथ तीन विश्व कप जीतकर गौरवपूर्ण परंपरा कायम की है। उनके लिए आज का दिन, भक्ति और खेल दोनों के दृष्टिकोण से बहुत ही यादगार रहा।

भस्म आरती में उपस्थित सभी सितारों ने नंदी हॉल में बैठकर श्रद्धालुओं के साथ आरती का आनंद लिया। मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा। दर्शन करने आए श्रद्धालुओं और मीडिया कर्मियों ने भी इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनकर आस्था का अनुभव किया।

उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर मंदिर आने वाले लोग शिवलिंग के दर्शन के साथ-साथ सितारों को भी देखने का अनुभव प्राप्त करते हैं। आज के इस भव्य आयोजन ने स्पष्ट कर दिया कि महाकालेश्वर मंदिर में आस्था, भक्ति और आधुनिक व्यवस्थाओं का समन्वय हर साल नए अनुभव और ऊर्जा से भर देता है।