ऑटो सेक्टर में झटका: हुंडई ने 1% तक कीमत बढ़ाने का किया ऐलान!


नई दिल्ली। देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी Hyundai Motor India Limited (एचएमआईएल) ने अपने ग्राहकों को झटका देते हुए कारों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी ने बताया कि 1 मई 2026 से उसकी गाड़ियों की कीमतों में अधिकतम 1 प्रतिशत तक की वृद्धि की जाएगी। यह बढ़ोतरी अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के आधार पर लागू होगी, यानी हर गाड़ी पर इसका असर अलग-अलग देखने को मिलेगा।

लागत बढ़ने का असर, ग्राहकों पर डाला जाएगा आंशिक भार

कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में साफ किया है कि इनपुट लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लेना पड़ा है। Hyundai Motor India Limited ने कहा कि वह हमेशा लागत बढ़ने के बावजूद कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश करती रही है, ताकि ग्राहकों पर ज्यादा बोझ न पड़े। लेकिन अब परिस्थितियां ऐसी हो गई हैं कि लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाना जरूरी हो गया है।

बिक्री के मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन

कीमतें बढ़ाने के बावजूद कंपनी की बिक्री के आंकड़े मजबूत बने हुए हैं। मार्च 2026 में एचएमआईएल ने कुल 69,004 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल के मुकाबले 2.5 प्रतिशत ज्यादा है। इसमें घरेलू बिक्री 55,064 यूनिट्स रही, जो मार्च महीने के लिए अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है और इसमें सालाना आधार पर 6.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

तिमाही और तिमाही में भी रिकॉर्ड प्रदर्शन

जनवरी से मार्च 2026 के बीच कंपनी की कुल बिक्री 2,08,275 यूनिट्स रही, जो पिछले साल की तुलना में 8.7 प्रतिशत ज्यादा है। चौथी तिमाही में घरेलू बिक्री 1,66,578 यूनिट्स तक पहुंच गई, जो कंपनी के इतिहास में किसी भी तिमाही का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह पिछले साल के मुकाबले 8.5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

निर्यात में भी दिखी तेजी

घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात के मोर्चे पर भी कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। इस दौरान निर्यात 9.4 प्रतिशत बढ़कर 41,697 यूनिट्स तक पहुंच गया, जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कंपनी की मजबूत पकड़ को दिखाता है।

टाटा मोटर्स ने भी बढ़ाए दाम

ऑटो सेक्टर में कीमतों में बढ़ोतरी का यह ट्रेंड सिर्फ हुंडई तक सीमित नहीं है। Tata Motors ने भी हाल ही में अपने पैसेंजर वाहनों की कीमतों में 0.5 प्रतिशत तक की वृद्धि की है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी है। इसके अलावा कंपनी ने अपने कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 1.5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। कंपनी के एमडी और सीईओ Shailesh Chandra के मुताबिक, लगातार बढ़ती कमोडिटी और इनपुट लागत के कारण यह कदम उठाना जरूरी हो गया था।

आगे क्या होगा असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटो सेक्टर में बढ़ती लागत और सप्लाई चेन से जुड़े दबाव के चलते आने वाले समय में अन्य कंपनियां भी कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं। इसका असर ग्राहकों की खरीदारी पर भी पड़ सकता है, खासकर एंट्री-लेवल सेगमेंट में।