क्या रोजमेरी तेल सच में बढ़ाता है बालों की ग्रोथ? डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताया सच!


नई दिल्ली। बाल झड़ना और पतले होना आजकल आम समस्या बन गई है। लोग तरह-तरह के प्रोडक्ट्स और घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं, जिनमें रोजमेरी तेल सबसे लोकप्रिय माना जाता है। लेकिन सवाल ये है कि क्या रोजमेरी तेल सच में बालों को मजबूती देता है या यह सिर्फ एक देसी नुस्खा है। डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. चांदनी जैन गुप्ता ने इस पर अपने अनुभव और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर रोशनी डाली।

रोजमेरी तेल के कथित फायदे

आम धारणा के अनुसार, रोजमेरी तेल के ये फायदे माने जाते हैं:

डैंड्रफ कम करना
बालों की ग्रोथ बढ़ाना
हेयर फॉल कम करना
सफेद बालों में कमी लाना

लेकिन क्या ये सब सच में असर करते हैं?

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

सेंटर ऑफ बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन की एक रिसर्च में रोजमेरी तेल और 2% मिनोक्सिडिल के प्रभाव की तुलना की गई। तीन महीने तक अलग-अलग ग्रुप्स में इस्तेमाल के बाद पाया गया कि दोनों के बीच बालों के झड़ने में कोई खास अंतर नहीं दिखा।

डॉ. चांदनी बताती हैं कि रोजमेरी तेल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज़ स्कैल्प को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं। कुछ स्टडीज में यह भी पाया गया कि रोजमेरी तेल स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है, जिससे हेयर फॉलिकल्स को पोषण मिलता है और बालों की ग्रोथ में मदद मिल सकती है। खासकर एंड्रोजेनिक एलोपेसिया (पैटर्न हेयर लॉस) के मामलों में यह लाभकारी हो सकता है। लेकिन ध्यान रहे, यह कोई जादुई उपाय नहीं है। असर दिखाने में कम से कम 3 से 6 महीने का समय लगता है और इसे रोजाना इस्तेमाल करना जरूरी होता है।

रोजमेरी तेल का सही इस्तेमाल

रोजमेरी तेल को सीधे स्कैल्प पर लगाने से बचें। इसे किसी कैरियर ऑयल जैसे नारियल या बादाम तेल में मिलाकर इस्तेमाल करें। सीधे लगाने से जलन या एलर्जी हो सकती है।
सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को पैच टेस्ट करना जरूरी है।

हेयर फॉल कम करने के लिए विशेषज्ञ की सलाह

अगर बाल बहुत ज्यादा झड़ रहे हों, स्कैल्प में खुजली, लालिमा या पपड़ी हो रही हो, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें। ऐसे में अनुभवी डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट से परामर्श लेना जरूरी है। सही और पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट से ही बाल लंबे समय तक हेल्दी, स्ट्रॉन्ग और शाइनी बने रह सकते हैं।