तिलक विवाद गरमाया: Bhopal में Lenskart स्टाफ को तिलक लगाकर जताया विरोध, बोले-‘अपमान नहीं सहेंगे’


नई दिल्ली। मध्यप्रदेश की राजधानी Bhopal के न्यू मार्केट रोशनपुरा इलाके में Lenskart के शोरूम के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने कथित ड्रेस कोड विवाद को लेकर शोरूम का घेराव किया और कर्मचारियों को तिलक लगाकर तथा मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया।

 “सनातन प्रतीकों का अपमान नहीं सहेंगे”
हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि देश में तिलक, कलावा और बिंदी जैसे धार्मिक प्रतीकों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी कंपनी ने इन पर रोक लगाने की कोशिश की, तो उसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने यहां तक कहा कि संगठन Lenskart के बहिष्कार की अपील कर रहा है और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

 कर्मचारियों का दावा- “कोई रोक नहीं”
प्रदर्शन के बीच शोरूम कर्मचारियों ने इन आरोपों को खारिज किया। एक कर्मचारी ने बताया कि उन्हें कभी भी तिलक या कलावा पहनने से नहीं रोका गया। उनका कहना है कि नवरात्रि जैसे अवसरों पर वे खुद इन धार्मिक प्रतीकों के साथ काम पर आते रहे हैं। कर्मचारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर चल रही बातें उनकी व्यक्तिगत अनुभव से मेल नहीं खातीं और उन्हें कंपनी की ओर से कोई दबाव महसूस नहीं हुआ।

सोशल मीडिया से शुरू हुआ पूरा विवाद
दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट से हुई। इसमें दावा किया गया कि कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से रोका गया है, जबकि हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई है। इसी मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई और कई लोगों ने इसे भेदभावपूर्ण बताया।

 ‘ग्रूमिंग गाइड’ पर भी उठे सवाल
सोशल मीडिया पर एक कथित ‘ग्रूमिंग गाइड’ भी वायरल हुई, जिसमें महिला कर्मचारियों के लिए बिंदी और क्लचर पर पाबंदी की बात कही गई थी। साथ ही कलावा या रिस्ट बैंड पर भी रोक का दावा किया गया।
हालांकि, इन दस्तावेजों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इससे विवाद और गहरा गया।

कंपनी की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद Peyush Bansal ने सफाई देते हुए कहा कि कंपनी सभी धर्मों और उनकी मान्यताओं का सम्मान करती है। कर्मचारियों को अपने धार्मिक प्रतीक पहनने की पूरी स्वतंत्रता है।
इसके बावजूद प्रदर्शन कर रहे संगठन कंपनी के जवाब से संतुष्ट नजर नहीं आए और उन्होंने विरोध जारी रखने की बात कही है।